AIADMK Internal Crisis: AIADMK के बगावती गुट के चार विधायकों के इस्तीफे और मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय का समर्थन करने के चलते AIADMK के नाराज विधायकों के गुट के नेता एसपी वेलुमणि डैमेज कंट्रोल के लिए एक्टिव हो गए हैं। उन्होंने पार्टी महासचिव पलानीस्वामी से उनके आवास पर मुलाकात की। वेलुमणि ने पार्टी को सभी तरह का समर्थन देने का आश्वासन भी दिया।

AIADMK नेता वेलुमणि ने पार्टी के अंदर किसी भी तरह का धड़ा होने की बातों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि पार्टी में किसी भी तरह का विभाजन नहीं है। उन्होंने बगावत की बातों को लेकर कहा है कि पार्टी में बस कुछ मतभेद थे, जिन्हें बातचीत करके सुलझा लिया गया है।

शनमुगम नहीं हुए शामिल

AIADMK के सूत्रों के मुताबिक, AIADMK के करीब 13 विधायकों के साथ वेलुमणि ने पलानीस्वामी से मुलाकात की थी। हालांकि, जिन पूर्व मंत्री सी वी शनमुगम ने वेलुमणि और अन्य विधायकों के साथ मिलकर पार्टी की ओर से टीवीके सरकार को समर्थन देने की मांग की थी, वे पलानीस्वामी के साथ हुई बैठक में शामिल नहीं थे।

विधानसभा अध्यक्ष से की मुलाकात

खास बात यह भी है कि पलानीस्वामी से मुलाकात करने के तुरंत बाद AIADMK नेता वेलुमणि, पूर्व मंत्री सी विजयभास्कर, उनके समर्थक विधायक और पलानीस्वामी समर्थक वरिष्ठ नेता अग्रि एसएस कृष्णामूर्ति ने विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर से मुलाकात की। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को एक पत्र सौंपकर कहा कि वे विधानसभा में एकजुट होकर एक ही पार्टी के रूप में कार्य करेंगे।

इतना ही नहीं, नाराजगी दूर होने के बाद AIADMK नेता विजयभास्कर ने विधानसभा अध्यक्ष से अपना वो पत्र भी वापस ले लिया, जिसमें उन्होंने पहले मांग की थी, विधानसभा में पार्टी के चीफ व्हिप के तौर पर मान्यता देने का अनुरोध भी किया था। स्वयं को पार्टी का मुख्य सचेतक (व्हिप) मान्यता देने का अनुरोध किया था।

अयोग्यता वाले पत्र वापस लिए

एआईएडीएमके नेता एसपी वेलुमणि ने कहा, “चुनाव के बाद हमने कुछ विचार व्यक्त किए और कुछ ऐसे निर्णय लिए जिन्हें सत्ताधारी पार्टी के समर्थन में देखा गया। उन्होंने हमारे 25 सदस्यों को अयोग्य घोषित करने के लिए याचिका दायर की थी। इसी तरह हमने भी उन्हें अयोग्य घोषित करने के लिए याचिका दायर की थी। अब, दोनों पक्षों ने अपनी याचिकाएं वापस ले ली हैं।”

उन्होंने कहा कि एडप्पाडी के. पलानीस्वामी अभी भी हमारी पार्टी के महासचिव हैं। हार के बाद हमने कुछ विचार रखे थे। हमने इस विश्वास के साथ अपनी राय व्यक्त की थी कि एआईएडीएमके सौ साल बाद भी अस्तित्व में रहनी चाहिए।” वेलुमणि ने कहा, “राजनीति में और पार्टी के भीतर जीत और हार स्वाभाविक हैं। इस पर कोई मतभेद नहीं है। हमने पार्टी की आम परिषद की बैठक बुलाने का सुझाव दिया था। हमने एक समिति गठित करने का भी सुझाव दिया था।”

पार्टी में नहीं कोई भी फूट- वेलुमणि

पलानीस्वामी द्वारा दिए गए आश्वासन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि महासचिव ने कहा है कि वे इन सभी मामलों पर विचार करेंगे और एक-एक करके इन्हें लागू करेंगे। पार्टी में कोई फूट नहीं है, केवल मतभेद हैं। कुछ लोग हमारी आलोचना कर रहे हैं, कह रहे हैं कि हम पद हासिल करने के लिए गए थे, लेकिन हम किसी पद के लिए नहीं गए थे। हमने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है, और सत्ताधारी पक्ष ने भी अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। हम सब एकजुट हैं।

AIADMK के एक और विधायक ने थामा TVK का दामन, तीन अन्नाद्रमुक विधायक पहले ही मिला चुके हैं विजय से हाथ

हाल ही में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के बाद AIADMK में अंदरूनी कलह बढ़ती जा रही है। अंबासमुद्रम सीट से AIADMK विधायक और पूर्व मंत्री डॉ. इसाक्की सुब्बैया ने मंगलवार (26 मई) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अन्नाद्रमुक के चौथे विधायक इसाक्की सुबैय्या ने तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात की और अपना त्यागपत्र सौंपा। पढ़िए पूरी खबरें…