पंजाब में फरवरी 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राज्य की राजनीतिक पार्टियों की सोशल मीडिया पर तू-तू मैं-मैं बेहद नीचे गिरती दिख रही है। हाल ही में एक एआई वीडियो शेयर किया गया, जिसमें पगड़ी पहने एक सिख नेता को महिलाओं के ऑफ शोल्डर कपड़ों में दिखाया गया। इसके अलावा, एक वीडियो में क्लासरूम में मुख्यमंत्री को थप्पड़ मारने जैसी हरकतें भी दिखाई दीं।

राजनीतिक पार्टियां अब अपने प्रतिद्वंदियों पर हमला करने के लिए एआई वीडियो, मीम और फोटोज का तेजी से इस्तेमाल कर रही हैं, जो राजनीतिक व्यंग्य और व्यक्तिगत हमलों के बीच फर्क मिटाते दिख रहा। हाल में ही कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा से जुड़े एक मामले में कोर्ट को दखल देना पड़ गया।

फेसबुक पर शेयर हुआ था वीडियो

सोशल मीडिया फेसबुक पर “Charda Punjab” और इंस्टाग्राम पर “Charda_apunjab” नाम के हैंडल से शेयर किए गए एक एआई वीडियो में, सुखपाल सिंह खैरा का कथित तौर पर चेहरा, दाढ़ी और पगड़ी पहने सिख लुक को एक महिला के शरीर में दिखाया गया था।

पार्टियों को शालीनता बनाए रखनी चाहिए- कांग्रेस विधायक

सुखपाल सिंह ने इस मामले में द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा, “राजनीतिक पार्टियों को ऐसे पोस्ट करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे राजनीतिक बातचीत का स्तर बेहद गिरा नजर आता है। विरोधी पार्टियों के साथ व्यवहार करते समय भी एक लेवल और शालीनता बनाए रखनी चाहिए। मैंने इस मामले को लेकर कोर्ट की ओर रुख किया क्योंकि मैं इसे लेकर बेहद गंभीर था।”

इस वीडियो के वायरल होने के बाद, कांग्रेस विधायक ने चंडीगढ़ जिला अदालत का दरवाजा खटखटाया और अपनी प्रतिष्ठा, सम्मान और व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के साथ-साथ मुआवजे की भी मांग की।

कोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए कहा कि वीडियो कंटेंट मानहानि करने वाला, आपत्तिनजनक और एआई से बनाया लग रहा है, और इसके तेजी से फैलने से कभी न ठीक होने वाला नुकसान हो सकता है। कोर्ट ने मेटा को यह भी निर्देश दिया कि वह 72 घंटे के अंदर पोस्ट को हटाए।

इस रेस में भाजपा भी शामिल

पिछले सप्ताह भाजपा के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ने एआई से बना एक वीडियो शेयर किया, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान को एक क्लासरूम के अंदर थप्पड़ खाते हुए दिखाया गया था।

बता दें कि यह वीडियो एजुकेशनल मटीरियल में कथित स्पेलिंग की गलतियों को लेकर हुए विवाद पर बनाया गया था। इसमें एक छात्र को नोटबुक में गलत स्पेलिंग लिखते हुए दिखाया गया था, और क्लासरूम में मुख्यमंत्री भगवंत मान, AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस भी दिखाई दिए। इसके बाद भगवंत मान को थप्पड़ मारे जाने का सीन दिखाया गया।

हालांकि बाद में आलोचना होने के बाद भाजपा ने अपने हैंडल से यह वीडियो हटा लिया। पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने इस पोस्ट से खुद को अलग करते हुए कहा कि उन्होंने वीडियो नहीं देखा था और वे नहीं चाहते थे कि मुख्यमंत्री का अपमान हो।

भाजपा की हुई किरकिरी

इस वीडियो के लेकर भाजपा की खूब किरकिरी हुई। सामाजिक कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला ने एक्स पर लिखा, “यह वीडियो आश्चर्यजनक रूप से अहंकारी और मूर्खतापूर्ण है! एक मुख्यमंत्री को वास्तव में किसी इंसान को थप्पड़ मारते हुए दिखाना कोई राजनीतिक तर्क नहीं है।”

उन्होंने वीडियो को “कमल के प्रतीक के साथ बचकानापन” बताते हुए कहा कि अभियान को “खेल के मैदान में हिंसा” तक सीमित करना राजनीतिक बहस को खोने के समान है।

AAP और BJP में तकरार

इसके बाद आप और भाजपा ने एआई से बने कंटेंट के इस्तेमाल को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए। आप के प्रवक्ता बिक्रमजीत पासी ने भाजपा से माफी मांगने को कहा। उन्होंने कहा, “उन्हें (भाजपा को) ऐसे वीडियो पोस्ट करने पर शर्म आनी चाहिए। भाजपा ने हमेशा नफरत फैलाई है और उन्हें माफी मांगनी चाहिए। वे पगड़ी पहने एक व्यक्ति को थप्पड़ मार रहे हैं, और वह भी ऐसे व्यक्ति को जो संवैधानिक पद पर है।”

हालांकि, बीजेपी के प्रवक्ता प्रीतपाल सिंह बालिवाल ने कहा कि पार्टी माफी नहीं मांगेगी। उन्होंने कहा, “अगर आप AAP के सोशल मीडिया पेज खोलकर देखें, तो पाएंगे कि एआई वीडियो के जरिए पंजाब के कई सिख नेताओं का मजाक उड़ाया जाता है। इस पर AAP क्या जवाब देगी? हमारे वीडियो में क्या हमने कहीं भी भगवंत मान का जिक्र किया था? हम माफ़ी नहीं मांगेंगे।”

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