राजधानी दिल्ली में हो रहे ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में दुनिया के कई दिग्गज नेताओं, टेक कंपनियों के सीईओ और बुद्धिजीवियों ने हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इस समिट में शिरकत की। उन्होंने तमाम वैश्विक हस्तियों के साथ तस्वीर खिंचवाई और एक मंच से संदेश देने की कोशिश भी की।

लेकिन इसी समिट का एक वीडियो दूसरे कारणों से वायरल हो गया। गुरुवार को कई वैश्विक नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंच साझा किया। सभी ने एक साथ हाथ उठाकर एकजुटता का संदेश दिया। इसी दौरान एक क्षण ऐसा आया जब दो टेक दिग्गजों ने एक-दूसरे का हाथ पकड़ने से परहेज़ किया। कुछ देर तक असहज स्थिति बनी रही, फिर उन्होंने बिना हाथ पकड़े अपनी-अपनी मुट्ठी हवा में उठा दी।

वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा है कि ओपनएआई और एंथ्रोपिक के सीईओ ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ मंच साझा किया, लेकिन जब अन्य नेता हाथ उठाकर एकजुटता दिखा रहे थे, तब दोनों ने एक-दूसरे का हाथ नहीं थामा। यह वीडियो सामने आते ही चर्चा का विषय बन गया।

तकनीकी जगत पर नजर रखने वाले इसे सामान्य घटना मान रहे। दरअसल, ओपनएआई और एंथ्रोपिक के बीच लंबे समय से मतभेद चल रहे हैं। ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन हैं, यही कंपनी चैटजीपीटी की डेवलपर है। दूसरी ओर, एंथ्रोपिक की स्थापना डारियो अमोदेई ने की जो पहले ओपनएआई में ही काम कर चुके थे।

अगर इन मतभेदों की जड़ समझने की कोशिश करें तो कहानी 2020 से शुरू होती है। डारियो अमोदेई 2020 तक ओपनएआई में वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) थे। उन्होंने जीपीटी-3 जैसे जटिल लैंग्वेज मॉडल पर काम किया। काम के दौरान उन्हें लगा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती ताकत के साथ सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान दिया जाना चाहिए। इसी सोच के चलते उन्होंने 2021 में ओपनएआई छोड़ दिया और अपनी बहन डेनिएला अमोदेई और कुछ पूर्व कर्मचारियों के साथ मिलकर एंथ्रोपिक की स्थापना की।

2024 में एक पॉडकास्ट में अमोदेई ने कहा था कि ओपनएआई से अलग होने की वजह उसका अनप्रोडक्टिव होना है। समय के साथ ओपनएआई और एंथ्रोपिक के बीच प्रतिस्पर्धा तेज हो गई। एक तरफ चैटजीपीटी ने रफ्तार और कमर्शियलाइजेशन का रास्ता चुना तो दूसरी ओर एंथ्रोपिक ने खुद को ‘सेफ्टी-फर्स्ट एआई के रूप में प्रमोट किया।

पिछले साल यह टकराव तब खुलकर सामने आया, जब एंथ्रोपिक ने एक विज्ञापन अभियान चलाया, जिसमें परोक्ष रूप से ओपनएआई पर निशाना साधा गया। विज्ञापनों में दावा किया गया कि चैटजीपीटी एआई जानकारी से ज्यादा अब लोगों को एड दिखा रहा है। इसके जवाब में सैम ऑल्टमैन ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी और एंथ्रोपिक के दावों पर सवाल उठाए थे। उन्होंने यहां तक कहा था कि एआई हर किसी तक फ्री में पहुंच सके, ये उनकी कंपनी की प्राथमिकता है।

वैसे टेक जगत में ऐसे मतभेद नए नहीं हैं। उदाहरण के लिए, 2002 में जब ई-कॉमर्स वेबसाइट ईबे ने फिनटेक कंपनी पेपाल का अधिग्रहण किया था, तब पेपाल के संस्थापकों और कर्मचारियों के एक अलग ग्रुप बना लिया। उस ग्रुप में पीटर थील, एलन मस्क और रीड हॉफमैन जैसे नाम शामिल थे जिन्होंने आगे चलकर सिलिकॉन वैली की कई प्रभावशाली कंपनियों की स्थापना की और एआई की दिशा में नई क्रांति लाई। वैसे क्रांति तो बिल गेट्स भी एआई की दुनिया में लाए हैं, लेकिन एआई समिट में वे दूसरे कारणों से चर्चा में हैं, पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें