गूगल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) सुंदर पिचाई ने बुधवार (18 फरवरी 2026) को कहा कि भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में एक ‘असाधारण सफर’ की तरफ बढ़ रहा है। और कंपनी देश के इस एआई बदलाव में भागीदार बनने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
Sundar Pichai ने कहा, ”भारत में गूगल की फुल-स्टैक कनेक्टिविटी है और हम जिस भविष्य का निर्माण साथ मिलकर कर रहे हैं। उसे लेकर मैं पहले से कहीं ज्यादा उत्साहित हूं।” उन्होंने घोषणा की कि Google DeepMind और भारत सरकार के बीच ग्लोबल नेशनल पार्टनरशिप प्रोग्राम के तहत नई साझेदारी की जा रही है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के लिए फ्रंटियर AI क्षमताओं तक व्यापक पहुंच सुनिश्चित करना है।
पिचाई ने कहा, ”एआई हमारे जीवनकाल का सबसे बड़ा बदलाव है।” उन्होंने स्वास्थ्य जांच में सुधार से लेकर किसानों को वास्तविक समय में जानकारी व चेतावनी देने जैसी बड़ी चुनौतियों का व्यापक स्तर पर समाधान करने की इसकी क्षमता पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने जिक्र किया कि भारत की विविधता, भाषाई परिवेश और मजबूत डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा इसे “इनोवेशन के लिए एक शक्तिशाली आधार” और वैश्विक स्तर पर एआई के लोकतंत्रीकरण के लिए एक ठोस खाका बनाता है। पिचाई ने इस बात पर जोर दिया कि एआई को अपनाते समय विश्वास, सुरक्षा और समावेशन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा, ”एआई को विभिन्न भाषाओं और स्थानीय संदर्भों में काम करना चाहिए। इसे ऐसे वास्तविक लाभ प्रदान करने चाहिए जिन पर लोग भरोसा कर सकें। विश्वास तब बढ़ता है जब टेक्नोलॉजी ट्रांसपेरेंसी, जिम्मेदार और ठोस परिणामों पर आधारित होती है।”
गूगल के सीईओ ने ‘इंडिया-अमेरिका कनेक्ट इनिशिएटिव’ की भी घोषणा की। यह अमेरिका, भारत और दक्षिणी गोलार्ध के कई स्थानों के बीच एआई संपर्क बढ़ाने के लिए समुद्र के नीचे नया केबल मार्ग बिछाने का एक प्रोजेक्ट है। पिचाई ने भारत में 15 अरब डॉलर के एआई केंद्र की पूर्व घोषणा का भी जिक्र किया जिसमें गीगावाट-स्केल कंप्यूट और एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री केबल मार्ग होगा। इससे देश में रोजगार और एडवांस्ड एआई बुनियादी ढांचा विकसित होगा। उन्होंने विद्यार्थियों और शुरुआती करियर वाले पेशेवरों के लिए अंग्रेजी और हिंदी में ‘गूगल एआई पेशेवर प्रमाणपत्र कार्यक्रम’ सहित महत्वाकांक्षी कौशल कार्यक्रमों का भी अनावरण किया।
गूगल 10,000 Atal Tinkering Labs के साथ मिलकर 10,000 से अधिक स्कूलों और लगभग 1.1 करोड़ छात्रों तक जेनरेटिव AI (Gen-AI) सहायता पहुंचाएगा। उन्होंने कहा कि भारत के साथ मिलकर तकनीक और AI के क्षेत्र में भविष्य गढ़ने को लेकर वे बेहद उत्साहित हैं। अन्य पहल में दो करोड़ से ज्यादा लोक सेवकों की सहायता के लिए ‘कर्मयोगी भारत’ शामिल है।
समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ
