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डोनाल्ड ट्रंप के गुजरात दौरे से पहले 45 स्लम परिवारों पर बेघर होने का संकट, अहमदाबाद नगर निगम ने भेजा नोटिस

निर्माण कार्य में लगे स्लम में रहने वाले करीब 200 परिवारों का कहना है कि उन्हें यहां से जाने के लिए कहा गया है। परिवारों का कहना है कि वे दो दशक से यहां रह रहे हैँ और 'नमस्ते ट्रंप' कार्यक्रम की वजह से उन्हें यहां से हटाया जा रहा है।

Author Edited By Anil Kumar अहमदाबाद | Updated: February 18, 2020 1:20 PM
trump india visit, gujarat slum, slum 45 family, namaste trump, motera stadium, gujarat news, Ahmedabad Municipal Corporation, trump-modi programme, india news, Hindi news, news in Hindi, latest news, today news in Hindiस्लम में रहने वाले परिवार को कहना है कि उन्हें नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम की वजह से हटाया जा रहा है। (फोटोः इंडियन एक्सप्रेस)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गुजरात दौरे से पहले अहमदाबाद में मोटेरा स्टेडियम के पास स्लम में रहने वाले 45 परिवारों पर बेघर होने का संकट आ गया है। अहमदाबाद नगर निगम ने 45 परिवारों को उनके रहने की जगह को खाली करने का नोटिस दिया है। इसी मोटेरा स्टेडियम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम का आयोजन होना है।

निर्माण कार्य में लगे स्लम में रहने वाले करीब 200 परिवारों का कहना है कि उन्हें यहां से जाने के लिए कहा गया है। परिवारों का कहना है कि वे दो दशक से यहां रह रहे हैँ और ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम की वजह से उन्हें यहां से हटाया जा रहा है। हालांकि, अहमदाबाद नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि  नोटिस का ट्रंप के कार्यक्रम से किसी भी तरह का कोई संबंध नहीं है।

अहमदाबाद नगर निगम की तरफ से यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में पड़ने वाले देव सरन स्लम को कथित रूप से ढंकने वाली दीवार निर्माण के कुछ दिन बाद ही उठाया गया है। यहां पिछले 22 साल से रहने का दावा करने वाले शख्स तेजा मेडा ने बता कि नोटिस देने आए नगर निगम के अधिकारी ने हमें जल्द से जल्द से यह जगह खाली करने को कहा। उन्होंने हमसे कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति मोटेरा स्टेडियम आने वाले हैं ऐसे में वे चाहते हैं कि हम यहां से चले जाएं।

मेडा मूल रूप से मध्यप्रदेश के झाबुआ के रहने वाले हैं और यहां निर्माण श्रमिक के रूप में काम करते हैं। उन्होंने बताया कि आज काम पर न जाने के लिए उन्हें पहले से सूचित कर दिया गया था क्योंकि उन्हें नोटिस रिसीव करने के लिए मौजूद रहने की आवश्यकता थी। मेडा ने यह भी कहा कि हम सभी निर्माण श्रमिक हैं और मजूर अधिकार मंच में पंजीकृत हैं। हम लोग बमुश्किल औसत रोज 300 रुपये कमा पाते हैं।

जिन 45 परिवारों को अहमदाबाद नगर निगम एस्टेट्स और टाउन डेवलपमेंट विभाग की तरफ नोटिस दिया गया है वे उन 65 परिवारों में शामिल हैं जो मोटेरा स्टेडियम से करीब 1.5 किलोमीटर दूर रहते हैं। दाहोद के रहने वाले 24 वर्षीय पंकज दामोर का कहना है कि अधिकारियों ने उनसे कहा कि तुम लोगों का जहां मन करें वहां चले जाओ। पंकज का कहना है कि हर परिवार में कम से कम 4 लोग हैं। इतने कम समय में वे सभी लोग कहा जाएंगे।

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