ताज़ा खबर
 

ब्रुनो और गुसेप को लाने के लिए मिलान में अदालती कार्यवाही

इटली की अदालत ने इन दोनों बिचौलियों को पर्याप्त सबूत न होने के आधार पर क्लीन चिट दे दी थी।ताजा कवायद के तहत कहा जा रहा है कि मिशेल से बाकी पेज 8 पर पूछताछ में मिली जानकारी और दस्तावेज इटली की अदालत में नए सिरे से पेश किए जाएंगे।

Author December 7, 2018 7:54 AM
अगस्तावेस्टलैंड चॉपर, तस्वीर का इस्तेमाल प्रतिकात्मक तौर पर किया गया है।

अगस्तावेस्टलैंड हेलिकॉप्टर सौदे में बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल को लाने के बाद भारत सरकार अब अन्य दो बिचौलियों- ब्रुनो स्पागनोलीनी और गुसेप ओर्सी को प्रत्यर्पित कराने की तैयारियों में जुट गई है। जांच एजंसियों प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय जांच ब्यूरो ने इस बारे में विदेश मंत्रालय को अलग-अलग पत्र लिखे हैं। इन पत्रों के आधार पर विदेश मंत्रालय ने इटली के मिलान स्थित दूतावास को जरूरी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। मिलान स्थित भारतीय राजनयिकों ने नए सिरे से वहां की अदालती प्रक्रिया शुरू करने की कवायद की है। विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (यूरोप-वेस्ट) श्रीनिवासुलू वुदिगी के मुताबिक, अगस्तावेस्टलैंड के पूर्व प्रमुख ब्रूनो स्पागनोलीनी और फिनमेकेनिका (अब लियोनार्डो) के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी गुसेप ओर्सी के प्रत्यर्पण के लिए सरकार ने इटली में अदालती कार्यवाही शुरू की है। बताते चलें कि इटली की अदालत ने इन दोनों बिचौलियों को पर्याप्त सबूत न होने के आधार पर क्लीन चिट दे दी थी।

ताजा कवायद के तहत कहा जा रहा है कि मिशेल से बाकी पेज 8 पर पूछताछ में मिली जानकारी और दस्तावेज इटली की अदालत में नए सिरे से पेश किए जाएंगे। ईडी और सीबीआइ ने विदेश मंत्रालय को कुछ दस्तावेज दिए हैं। कई नए दस्तावेज पूछताछ के आधार पर तैयार किए जा रहे हैं। वर्ष 2010 में भारतीय वायुसेना के लिए 12 वीवीआइपी हेलिकॉप्टर खरीदने के लिए एंग्लो-इतालवी कंपनी अगस्तावेस्टलैंड और भारत सरकार के बीच करार हुआ था।

जनवरी 2014 में भारत सरकार ने 3600 करोड़ रुपए के करार को रद्द कर दिया। इसमें 360 करोड़ रुपए की घूस दिए जाने का आरोप लगा। इसके बाद भारतीय वायुसेना को दिए जाने वाले 12 एडब्ल्यू-101 वीवीआइपी हेलिकॉप्टरों की खरीद के करार पर सरकार ने फरवरी 2013 में रोक लगा दी थी। जिस वक्त यह आदेश जारी किया गया, भारत 30 फीसद भुगतान कर चुका था। तीन अन्य हेलिकॉप्टरों के लिए आगे के भुगतान की प्रक्रिया चल रही थी। यह मामला इटली की निचली अदालत और फिर वहां की सुप्रीम कोर्ट में चला, जिसमें भारत ने कहा कि 53 करोड़ डॉलर का ठेका पाने के लिए कंपनी ने भारतीय अधिकारियों को रिश्वत दी थी। इटली की अदालत में पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी का भी नाम सामने आया था।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App