भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर विपक्ष मोदी सरकार पर निशाना साध रहा है। विपक्ष आरोप लगा रहा है कि सरकार ने कृषि हितों के साथ समझौता किया है। इस बीच कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को कूटनीति, विकास और गरिमा का ‘एक नया उदाहरण’ बताते हुए कहा कि यह समझौता भारतीय किसानों के हितों की रक्षा को ध्यान में रखते हुए सावधानीपूर्वक अंतिम रूप दिया गया है।

बता दें कि इस समझौते के तहत अमेरिका में भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ घटकर 18 प्रतिशत हो गया है, जबकि अमेरिका का दावा है कि इससे भारत को अधिक कृषि उत्पाद निर्यात करने में मदद मिलेगी।

कृषि क्षेत्र पूरी तरह से संरक्षित- शिवराज

शिवराज चौहान ने आगे कहा कि प्रमुख फसलों और डेयरी सहित प्रमुख कृषि क्षेत्र पूरी तरह से संरक्षित रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह समझौता किसी भी तरह से घरेलू कृषि हितों से समझौता नहीं करता है। समाचार एजेंसी एएनआई से भारत के कृषि क्षेत्र पर समझौते के प्रभाव के बारे में बात करते हुए शिवराज चौहान ने कहा, “यह व्यापार समझौता कूटनीति, विकास और गरिमा का एक नया उदाहरण है। हम संघर्ष के बजाय संतुलित और सशक्त संवाद में विश्वास करते हैं। किसानों के हितों की पूरी तरह से रक्षा की गई है। किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं। हमारे मुख्य अनाज, फल, प्रमुख फसलें और बाजरा सभी सुरक्षित हैं। डेयरी उत्पाद भी सुरक्षित हैं। किसान ही भोजन का स्रोत हैं। भोजन का स्रोत जीवनदाता होता है। उनके हित ही राष्ट्र के हित हैं, जिनकी रक्षा की गई है। किसानों की सेवा करना हमारे लिए ईश्वर की सेवा करने के समान है।”

कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कृषि मंत्री शिवराज ने उन पर गलत सूचना फैलाने और ‘अंध विरोध’ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अनिश्चितता और अव्यवस्था का माहौल बनाने के लिए अफवाहें फैलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा, “कांग्रेस और विपक्ष हताश हैं। वे मानसिक रूप से विक्षिप्त हैं। वे जमीनी स्तर पर हमारा मुकाबला नहीं कर सकते। वे अंध विरोध कर रहे हैं। वे झूठ की मशीन बन गए हैं। वे अफवाहों का बाज़ार हैं।”

भारत-अमेरिका ट्रेड डील में पशुपालन, कृषि और डेयरी सेक्टर के हितों का ध्यान रखा गया: पीयूष गोयल

शिवराज चौहान ने आगे कहा कि व्यापार समझौता भारत के निर्यात को बढ़ावा देगा, विशेष रूप से शुल्क में कमी के माध्यम से, जिसका किसानों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा, “शुल्क में कमी से हमारे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। जब कपड़ा निर्यात बढ़ेगा, तो कपास किसानों को लाभ होगा।”

‘भारतीय किसानों के हितों की पूरी तरह से रक्षा की गई’

शिवराज ने कहा, “मैं आश्वस्त करता हूं कि हमारी सभी प्रमुख फसलें और दुग्ध उत्पादक क्षेत्र सुरक्षित हैं। यह समझौता किसानों के कल्याण और देश के हितों को ध्यान में रखते हुए किया गया है।” अमेरिकी वित्त मंत्री ने दावा किया था कि समझौते के बाद अमेरिकी कृषि उत्पादों का निर्यात बढ़ेगा। इसको लेकर शिवराज चौहान ने दोहराया कि भारत ने अपने बाज़ार इस तरह से नहीं खोले हैं जिससे घरेलू उत्पादकों को नुकसान हो। उन्होंने कहा, “हमारे मंत्री पीयूष गोयल ने भी संसद में पूरी स्थिति स्पष्ट की। मैं दोहराता हूं कि भारतीय किसानों के हितों की पूरी तरह से रक्षा की गई है। चाहे वे छोटे किसान हों या बड़े किसान, हमारे सभी कृषि उत्पाद सुरक्षित रहेंगे। बाजार को किसी भी ऐसी चीज के लिए नहीं खोला गया है जिससे उनके हितों को खतरा हो।”

बुधवार को संसद में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि गहन वार्ता के बाद दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते के कई पहलुओं को अंतिम रूप दे दिया है। पीयूष गोयल ने सदन को बताया कि अब दोनों पक्ष तकनीकी प्रक्रियाओं को पूरा करने और कागजी कार्रवाई को अंतिम रूप देने पर काम करेंगे ताकि समझौते की पूरी क्षमता का लाभ उठाया जा सके। उन्होंने इसे द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और 2047 तक विकसित भारत के सपने को आगे बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। पीयूष गोयल ने आगे कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित 18 प्रतिशत की दर कई प्रतिस्पर्धी देशों पर लगाए गए टैरिफ से कम है, जिससे भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ती है। पढ़ें भारत-अमेरिका ट्रेड डील कैसे हुई फाइनल?