Agra conversion case: Amit Shah advocated strict law - Jansatta
ताज़ा खबर
 

जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए बने कानून : शाह

हिंदुत्ववादी संगठनों की ओर से आगरा में धर्म परिवर्तन कराए जाने पर उठे विवाद के बीच भाजपा प्रमुख अमित शाह ने जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए कड़े कानून की पैरवी की है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि तथाकथित धर्मनिरपेक्ष दल वोट बैंक राजनीति के कारण संसद में इस तरह के प्रावधान को समर्थन देने […]

Author December 13, 2014 8:58 AM
भाजपा की बिहार में तीन-चौथाई बहुमत पर नजर, ‘मिशन 185’ तय किया (फोटो:पीटीआई)

हिंदुत्ववादी संगठनों की ओर से आगरा में धर्म परिवर्तन कराए जाने पर उठे विवाद के बीच भाजपा प्रमुख अमित शाह ने जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए कड़े कानून की पैरवी की है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि तथाकथित धर्मनिरपेक्ष दल वोट बैंक राजनीति के कारण संसद में इस तरह के प्रावधान को समर्थन देने के लिए आगे नहीं आएंगे। वो शुक्रवार को एक निजी टीवी समाचार चैनल के कार्यक्रम‘एजंडा आजतक’ में बोल रहे थे।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा,‘जबरन धर्मांतरण नहीं होना चाहिए। इसके खिलाफ संसद में एक कड़ा कानून लाया जाना चाहिए। मैं इस तरह के कानून का समर्थन करने के लिए अन्य सभी दलों से अपील करता हूं। लेकिन, मैं गारंटी देता हूं कि भाजपा को छोड़कर कोई भी दूसरी पार्टी अपनी वोट बैंक राजनीति के कारण इसका समर्थन नहीं करेगी।’ उन्होंने संसदीय मामलों के मंत्री वेंकैया नायडू की संसद में की गई अपील का समर्थन किया कि जबरन धर्मांतरण पर कानून लाने के लिए सभी दलों को साथ आना चाहिए लेकिन, अगर लोग मर्जी से धर्म परिर्वतन करते हैं तो इसका विरोध क्यों किया जाता है।

आरएसएस के संगठन हिंदू जागरण समिति द्वारा मुसलिमों को हिंदू बनाने के लिए आगरा में आयोजित समारोह ‘घर वापसी’ को लेकर विवाद की पृष्ठभूमि में शाह की टिप्पणी मायने रखती है। पार्टी सांसदों साक्षी महाराज के नाथूराम गोडसे पर और साध्वी निरंजन ज्योति के नफरत भरे भाषण वाली विवादित टिप्पणी को एक तरह से खारिज करते हुए शाह ने कहा कि भाजपा नेताओं को संयम दिखाना चाहिए। शाह ने कहा,‘ऐसे बयान सुर्खियों में आ जाते हैं क्योंकि भाजपा अब सत्ता में है। मेरा मानना है कि भाजपा सांसदों और नेताओं को ऐसे बयानों से दूर रहना चाहिए। उन्हें संयम बरतना चाहिए।’

‘लव जेहाद’ के मुद्दे पर भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि न तो उनकी पार्टी ने और न ही उनके नेताओं ने इस शब्द का इस्तेमाल किया है। यह मीडिया का किया धरा है। उन्होंने कहा,‘लव जेहाद मीडिया की उपज है। यह पूरी तरह से महिलाओं के शोषण से जुड़ा मुद्दा है। हम इसके विरोध में हैं। भाजपा के किसी भी नेता ने अब तक इस शब्द का इस्तेमाल नहीं किया है।’

राम मंदिर के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भाजपा की सोच बिल्कुल स्पष्ट है कि यह केवल दो तरीके से हो सकता है या तो सहमति से या अदालत के फैसले से। शाह ने पार्टी के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि 2019 तक देश को ‘कांग्रेस मुक्त’ बनाया जाएगा। भाजपा इस काम को अपनी सांगठनिक क्षमता से पूरा करेगी। इसमें विपक्षी पार्टी की कमजोरी मदद करेगी।

कालाधन के मुद्दे पर शाह ने कहा कि भाजपा सरकार विदेशों में रखे गए कालेधन को वापस लाने के अपने वादे को निभाने के लिए सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा,‘धैर्य रखिए…हमें काम करने दीजिए। हम निश्चित तौर पर रकम वापस लाएंगे जो राज्यों के खजाने में जाएगा। हम वोट बैंक राजनीति नहीं करते।’ उन्होंने साथ ही कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एकमात्र ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह मुद्दा उठाया है।

भाजपा के मामलों में आरएसएस के दखल के आरोपों पर शाह ने कहा,‘भाजपा अपने फैसले खुद लेती है।’ पार्टी में आरएसएस का दबदबा बढ़ने पर उन्होंने कहा कि ऐसा हमेशा से है। उन्होंने इसके लिए अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण अडवाणी और मुरली मनोहर जोशी का उदाहरण दिया।

दिल्ली के लिए भाजपा की योजना के सवाल पर भाजपा प्रमुख ने कहा कि लोगों के समर्थन से भाजपा बढ़ेगी और दिल्ली में बहुमत से भाजपा की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा,‘हमने लुटियंस दिल्ली या मीडिया के मिजाज पर फैसला नहीं किया है। हमें लोगों से समर्थन मिलता है। मैं आश्वस्त हूं कि चुनाव के बाद भाजपा दिल्ली में बहुमत वाली सरकार बनाएगी।’ शाह ने चुनाव से पहले मुजफ्फरनगर दंगे और त्रिलोकपुरी हिंसा में कोई तार जुड़ा होने से इनकार किया। उन्होंने कहा,‘दंगे पहले भी हुए हैं। जब कांग्रेस जीतती थी तो आप उसकी जीत से दंगे को नहीं जोड़ते थे। अब चूंकि हम जीत रहे हैं तो आपको इसका तार जुड़ा दिखता है। हमारा दंगों से कोई लेना देना नहीं है। हम चुनाव आयोग के दिशा-निर्देश के तहत काम करते हैं। अगर आप भाजपा के बारे में अपनी धारणा बदलते हैं तो आपको सबकुछ ठीक नजर आएगा।’

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि नई सरकार पाकिस्तान से अलग तरीके से निपट रही है, चाहे अलगावादियों से बातचीत रोकने की बात हो या सीमा पर मुंहतोड़ जवाब देने की, कांग्रेस सरकार ने कभी ऐसा नहीं किया। शाह ने कहा,‘हमने भारत के हितों की कीमत पर अपनी विदेश नीति नहीं बनाई है और न मीडिया में छवि बनाने के लिए इसे बनाया है।’

शाह ने कहा कि बर्दवान विस्फोट के आरोपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच संपर्क है। उन्होंने ममता बनर्जी को चुनौती दी कि वह सार्वजनिक तौर पर यह कहें कि वे बेकसूर हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा कभी भी सीबीआइ को अपने राजनीतिक मकसदों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल नहीं करेगी जैसा कि कांगे्रस ने हमेशा किया। शाह ने कहा,‘सारदा घोटाले और बर्दवान विस्फोट में आरोपी तृणमूल कांग्रेस से संबद्ध हैं। ममताजी को सार्वजनिक तौर पर कहना चाहिए कि ये लोग निर्दोष हैं।’ उन्होंने इस तरह की चर्चा को बकवास बताया कि स्वच्छ भारत अभियान नामी गिरामी शख्सियतों को फोटो खिंचाने का अवसर दे रहा है। उन्होंने स्वच्छता के प्रति एक असल संस्कृति तैयार करने को कहा। शाह ने कहा,‘भाजपा के सभी मुख्यमंत्री एक खाका बना रहे हैं। सभी दूसरे मुख्यमंत्रियों को भी दलगत राजनीति से ऊपर उठना चाहिए और स्वच्छ भारत को मोदी का राजनीतिक एजंडा मानने के बजाए इसका एक खाका तैयार करना चाहिए।’

भाजपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा की बढ़ती क्षमता की पृष्ठभूमि में पार्टी को पंजाब में शिरोमणि अकाली दल के साथ फिर से सीटों पर समझौता करने की जरूरत है। प्रकाश सिंह बादल के साथ बेहतर संबंध होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा गठबंधन बरकरार रखने के लिए अपनी तरफ से सर्वश्रेष्ठ कोशिश करेगी। इसके लिए काम करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनाने के मकसद से पश्चिम बंगाल में अगला चुनाव लड़ेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी का वहां भविष्य उज्जवल है। शाह ने कहा कि उनकी पार्टी जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव जीतेगी इसके साथ ही 2016 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव भी जीतेगी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App