ताज़ा खबर
 

टमाटर के साथ अब प्याज भी निकाल रहा आंसू

देशभर में कम दामों पर हुई प्याज की बिक्री को देखते हुए प्याज की सबसे ज्यादा खेती करने वाले राज्य तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र के किसानों ने इस साल काफी कम खेती की है।

Inflation Rate news, Inflation Rate india, Inflation Rate Latest News, Note ban Inflation Rateदिल्ली में सब्जी बेचता एक विक्रेता। (फाइल फोटो)

दिल्ली में बढ़ रही प्याज की कीमत का सबसे बड़ा कारण इस साल इसकी कम खेती होना है। देशभर में कम दामों पर हुई प्याज की बिक्री को देखते हुए प्याज की सबसे ज्यादा खेती करने वाले राज्य तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र के किसानों ने इस साल काफी कम खेती की है। प्याज की कम खेती और व्यापारियों की ओर से उसका भंडारण करने से दिल्ली में प्याज के दाम बढ़ने शुरू हो गए हैं। जो प्याज 15 से 20 रुपए किलो बिक रहा था, वह 40 रुपए तक पहुंच गया है। हालांकि टमाटर के दाम 100 रुपए प्रति किलो से कम होकर फिलहाल 80 रुपए पर आ गए हैं, लेकिन फुटकर बाजार में सब्जियों के दाम में कोई कमी नहीं हो रही है। सब्जियों के लगातार बढ़ रहे दामों से खाने का जायका और घरों का बजट बिगड़ रहा है।

राजधानी में प्याज के बढ़ते दाम को देखते हुए ज्यादातर रेस्तरां और ढाबे वालों ने अपने ग्राहकों को सलाद में प्याज देना ही बंद कर दिया है। प्याज के दाम बढ़ने की वजह दिल्ली की मंडियां नहीं, बल्कि अन्य राज्य हैं। दिल्ली में तो प्याज की खेती होती ही नहीं। दिल्ली की मंडियों में रोजाना करीब 100 ट्रक प्याज तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र से आता है। मध्य प्रदेश में हुई भारी बारिश से प्याज सड़ने का सबसे ज्यादा असर दक्षिण भारत के किसानों पर पड़ा। उन्हें लगा कि उत्तर भारत में प्याज की ज्यादा पैदावार होने और भंडारण नहीं से जैसे प्याज खराब हुए, उसे देखते हुए अगर उन्होंने प्याज की खेती की तो उन्हें उत्तर भारत में काफी कम दरों पर प्याज बेचना पड़ेगा। घाटे के डर से दक्षिण भारत के किसानों ने प्याज की काफी कम खेती की है। दक्षिण में आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में इस साल बारिश कम हुई, जिसका असर प्याज की खेती पर पड़ा। वहां प्याज की काफी फसल खराब भी हो गई। प्याज की सबसे ज्यादा मांग दक्षिण में ही होती है। जब उन्हीं राज्यों में पैदावार हुई, तो वहां के किसानों ने उसे अन्य राज्यों में ले जाने की जगह अपने ही राज्य में बेचना बेहतर समझा। इसके साथ ही दक्षिण के राज्यों ने महाराष्ट्र के नासिक से भी प्याज मंगवाना शुरू कर दिया। इस तरह दिल्ली में दक्षिण के राज्यों से कम प्याज आना शुरू हो गया।

दिल्ली की मंडियों में रोजाना 100 से 150 ट्रक प्याज बिक्री के लिए आता है, मौजूदा में भी उतना ही माल उतर रहा है, फर्क सिर्फ इतना है कि पहले जो भाव दिल्ली में माल उतरने पर लगते थे, वही भाव अब दिल्ली में आने से पहले ही लगने लगे। राजधानी की थोक मंडियों में प्याज 30 रुपए किलों में बिका और जब वह फुटकर बाजार में पहुंचा, तो उसकी कीमत 40 से 45 रुपए किलो हो गई। उधर दक्षिण राज्यों में नया प्याज आना शुरू हो गया है, जिससे वहां पर जल्द ही प्याज के दाम कम होने लगेंगे। जब प्याज का दाम कम होगा, तो वहां का किसान अपना सामान दिल्ली लाएगा और यहां पर भी दाम कम हो जाएगा। दिल्ली के कई व्यापारियों ने ग्रीस से भी प्याज का आयात किया है, वह अगले हफ्ते मुंबई पहुंचेगा और वहां से दिल्ली आएगा। इसे देखते हुए दिल्ली में पंद्रह दिनों में प्याज के दाम कम होने की संभावना है। राजधानी में प्याज के बड़े आढ़ती आजादपुर मंडी के राजेंद्र शर्मा का कहना है कि जब तक सभी सरकारें थोक व्यापारियों पर नजर नहीं रखेंगी, तब तक दाम घटते-बढ़ते रहेंगे।

इसके अलावा राजधानी में टमाटर के दाम में मामूली गिरावट आई है, लेकिन साथ ही सब्जियों के दामों में बीते एक महीने से हुई बढ़ोतरी में कोई कमी नहीं हुई है। सब्जियों के दाम बढ़ने की वजह बारिश से ज्यादातर राज्यों में फसल खराब होना बताया जा रहा है। उत्तर भारत में मानसून से पहले की बरसात से खराब हुई टमाटर की फसल के चलते राजधानी में टमाटर के दामों में इजाफा हुआ था। जुलाई और अगस्त की शुरुआत में टमाटर के दाम 100 रुपए किलो तक पहुंच गए थे। उसके बाद हिमाचल से जब काफी मात्रा में टमाटर आया तो दाम घटने लगे।

 

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 सरकार ने दिए निर्देश ब्लू व्हेल जैसे जानलेवा खेल के सारे लिंक हटाएं
2 पिछले साल पति ने फहराया था तिरंगा, शहीद होने पर इस साल पत्‍नी ने संभाली जिम्‍मेदारी
3 71वें स्‍वतंत्रता दिवस पर पाकिस्‍तान ने उरी में तोड़ा सीजफायर, सेना दे रही जवाब
यह पढ़ा क्या?
X