ताज़ा खबर
 

दक्षिण में बीजेपी को एक और झटका, केरल से एकमात्र सहयोगी दल ने छोड़ा एनडीए का साथ

इससे पहले दक्षिण भारत की एक और पार्टी टीडीपी ने बीजेपी के खिलाफ नाराजगी जताते हुए खुद को एनडीए सरकार से अलग कर लिया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह।(फाइल फोटो)

बुधवार का दिन भारतीय जनता पार्टी के लिए शुभ साबित नहीं हो रहा। यूपी, बिहार उपचुनाव नतीजों में खराब प्रदर्शन के बाद केरल से भी पार्टी के लिए बुरी खबर आई है। केरल में बीजेपी की एकमात्र सहयोगी पार्टी भारतीय धर्म जन सेना(बीडीजेएस) ने खुद को एनडीए से अलग कर लिया है। इससे पहले शिवसेना और टीडीपी ने भी एनडीए सरकार से किनारा कर लिया था। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो भारतीय धर्म जन सेना का उच्च नेतृत्व भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से नाराज चल रहा था। बीडीजेएस प्रमुख वेल्लापल्ली नटेसन ने कई बार केंद्र सरकार के सामने अपनी कुछ मांगे रखी थीं जिसके पूरा ना होने पर उन्होंने अलग होने का फैसला ले लिया। बता दें कि केरल के दबंग हिंदू नेता वेल्लापल्ली नटेसन ने साल 2015 में भारतीय धर्म जन सेना का गठन किया था। गठन के कुछ महीनों बाद ही बीडीजेएस ने भाजपा से हाथ मिला एनडीए का हिस्सा बन गया था।

केरल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में बीडीजेएस के अलग होने से राज्य में बीजेपी को नुकसान हो सकता है। केरल से बीडीजेएस एकमात्र ऐसा दल था जो भारतीय जनता पार्टी के साथ था। राज्य में पिनरयी विजयन के नेतृत्व वाली लेफ्ट सरकार को हराने के मकसद से ही बीजेपी ने बीडीजेएस से हाथ मिलाया था, लेकिन चुनावों के इतने पास आकर दोनों के बीच दरार आ गई।

बता दें कि इससे पहले दक्षिण भारत की एक और पार्टी टीडीपी ने बीजेपी के खिलाफ नाराजगी जताते हुए खुद को एनडीए सरकार से अलग कर लिया था। चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली टीडीपी के दो केंद्रीय मंत्रियों ने पिछले सप्ताह केंद्र सरकार से इस्तीफा दे दिया था। बीजेपी और टीडीपी के रिश्तों में पिछले कुछ दिनों से खटास देखने को मिल रही है। वहीं बीजेपी की एक और सहयोगी पार्टी शिवसेना भी जबतब उसे आंख दिखाती नजर आ जाती है। शिवसेना भले एनडीए का हिस्सा हो लेकिन बीजेपी के साथ उसकी तनातनी किसी से छिपी नहीं है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App