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मोदी कैब‍िनेट से हटाए गए राजीव प्रताप रूडी बोले- बॉस मानता है क‍ि आपने कुछ नहीं क‍िया तो आप कुछ नहीं कर सकते

अगर मेरे बॉस को लगता है कि मैं फेल हुआ हूं तो मैं अपना सर्टिफिकेट नहीं लूंगा।

Author नई दिल्ली | September 5, 2017 15:58 pm
गुरुवार को राजीव प्रताप रूडी ने कौशल विकास मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। (फाइल फोटो)

मोदी कैबिनेट में हुए फेरबदल के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि वे अपने काम को प्रधानमंत्री और लोगों तक पहुंचाने में नाकामयाब रहे हैं। राजीव प्रताव रूडी समेत पांच मंत्रियों को इस्तीफा देना पड़ा था। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा प्रदर्शन समीक्षा कार्यक्रम के बाद लिया गया था। रूडी को उनके पद से हटाकर इस पद को धर्मेंद्र प्रधान का प्रमोशन कर उन्हें सौंप दिया गया है। एनडीटीवी के अनुसार रूडी ने कहा कि अपने कार्यकाल में मैंने बेहतरीन करने की कोशिश की थी लेकिन कामयाबी मिलने के बावजूद इसमें बदलाव देखने के लिए कुछ समय की आवश्यकता थी।

इसके साथ ही रूडी ने कहा कि अगर मेरे बॉस को लगता है कि मैं फेल हुआ हूं तो मैं अपना सर्टिफिकेट नहीं लूंगा। बॉस हमेशा सही होते हैं। अपने टर्म का बचाव करते हुए रूडी ने कहा कि जब 2014 में मुझे मंत्री बनाया गया था तो मुझे अधिकारियों की तलाश करनी थी, फिर एक नक्शा और ढांचा तैयार करना था ताकि मुझे मिले विभाग का काम हम अच्छे से कर सकें। इससे पहले जब रूडी से 2019 लोकसभा चुनावों में उनकी भूमिका के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा था कि वे नहीं जानते की उन्हें चुनावों में क्या भूमिका अदा करनी होगी लेकिन जो भूमिका पार्टी मुझे देगी, उसे मैं स्वीकार करुंगा।

बता दें कि मोदी कैबिनेट में प्रदर्शन के आधार पर फेरबदल और विस्तार किया गया है। इसमें निर्मला सीतारमण को रक्षामंत्री बनाया गया है। मोदी ने तीन अन्य को भी कैबिनेट मंत्री के रूप में पदोन्नति दी और अपने कैबिनेट में नौ नए चेहरों को शामिल किया। मंत्रिमंडल में शामिल नौ नए चेहरों में से चार पूर्व नौकरशाह हैं। बिजली मंत्री पीयूष गोयल को राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) से पदोन्नति देकर रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। रेल मंत्रालय से सुरेश प्रभु को वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय भेज दिया गया है। प्रभु से पहले वाणिज्य मंत्रालय का प्रभार सीतारमण के पास था। मंत्रिमंडल में तीन साल में तीसरी बार हुए फेरबदल में नितिन गडकरी, जिनके पास सड़क परिवहन व राजमार्ग व जहाजरानी मंत्रालय था, उन्हें जल संसाधन, नदी विकास व गंगा पुनर्जीवन मंत्रालय की भी जिम्मेदारी दी गई। इस मंत्रालय को उमा भारती से ले लिया गया। उमा को अब पेयजल व स्वच्छता विभाग दिया गया है।

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