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J&K: इमरान खान की स्पीच के बाद घाटी में मना जश्न, फोड़े गए पटाखे, लगे आजादी के नारे!

शुक्रवार को जैसे ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपना भाषण दिया और कश्मीर में खून-खराबा का जिक्र किया, उसके तुरंत बात श्रीनगर समेत घाटी में लोग सड़क पर उतर आए और आजादी के समर्थन में नारे लगाने लगे।

26 सितंबर, 2019 को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के खिलाफ श्रीनगर में मशाल मार्च करते लोग। (फोटो सोर्स: PTI)

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने जैसे ही शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में अपना भाषण दिया, उसका असर कश्मीर घाटी में देखने को मिला। इमरान खान के भाषण के बाद कश्मीर के कई इलाकों में लोगों ने पटाखे फोड़े, जश्न मनाए और ‘आजादी’ के नारे लगाए। ‘द टेलिग्राफ’ की रिपोर्ट के मुताबिक इमरान खान के भाषण का असर घाटी में तेजी से फैला और लोग घरों के बाहर आ गए। अखबार के मुताबिक यह जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद बीते दो महीनों के दौरान यह पहली बार था जब एक साथ घाटी में कई जगहों पर विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए। गौरतलब है कि यूएनजीए में बोलते हुए इमरान खान ने कहा था कि अगर कश्मीर से जैसे हीन बैन हटाया जाएगा, वहां ‘खून-खराबा’ हो जाएगा।

खान के भाषण के बाद मस्जिदों से ‘आजादी’ के समर्थन में नारे लगाए गए और युवाओं ने लाउडस्पीकर लेकर लोगों को सड़कों पर उतरने का आग्रह किया। सैकड़ों की संख्या में लोग आजादी के समर्थन में पैदल और बाइक से सड़क पर उतर गए। इस दौरान टायर जलाए गए और कई जगहों पर पटाखे फोड़े गए। कई जगहों पर आधी रात को विरोध-प्रदर्शन जारी रहा। जानकारी के मुताबिक दिन के वक्त श्रीनगर शहर में 90 फीट रोड और इलाही बाग सहित कुछ स्थानों पर सुरक्षा बल और प्रदर्शनकारी आपस में भिड़ गए। फोर्ब्स ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया।

शुक्रवार को जब यह परेशानी पेश आई तब सुरक्षा बलों की तैनाकी कम थी। एक पुलिस सूत्र ने कहा कि विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी ने प्रशासन को आश्चर्यचकित कर दिया और स्वीकार किया कि “बहुत अधिक तैनाती” नहीं थी। हालांकि, स्थिति को देखते हुए संवेदनशील जगहों पर फिर से लॉकडाउन सुनिश्चित कर दिया गया है। द टेलिग्राफ के मुताबिक कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने भी यातायात को प्रतिबंधित करने के लिए अपने स्वयं के बैरिकेड्स स्थापित किए थे।

हजरतबल के एक निवासी ने कहा कि वह लगभग 10.30 बजे शादी से लौट रहा था और श्रीनगर के मलाबाग इलाके में कुछ सौ प्रदर्शनकारियों को देखकर घबरा गया था। द टेलिग्राफ से बातचीत में उसने बताया, “मैं अपनी कार चला रहा था और पीछे मुड़ने की कोशिश कर रहा था। प्रदर्शनकारियों ने मुझे चिंता नहीं करने के लिए कहा, लेकिन मुझे अपनी कार से उतरने और आजादी के समर्थन में नारे लगाने के लिए कहा, जो मैंने किया। उन्होंने मुझे तब जाने दिया।”

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