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बेरोजगारी डेटा लीक हुआ तो सरकार ने जारी किया जीडीपी आंकड़ा- नोटबंदी वाले साल में सबसे ज्यादा तरक्की

सीएसओ ने इससे पहले चालू वित्त के अग्रिम अनुमान जारी किये जिनमें 2018- 19 में जीडीपी वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है।

Author Updated: February 1, 2019 9:24 AM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक सभा को संबोधित करते हुए। (Photo: PTI)

नेशनल सैम्‍पल सर्वे ऑफिस (NSSO) की ओर से जारी किए गए एक आंकड़े में बताया गया है कि नोटबंदी के बाद बेरोजगारी दर ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। यह पिछले 45 साल में सबसे ज्यादा है। बताया जा रहा है कि 1972-73 के बाद पहली बार बेरोजगारी दर 6.1 प्रतिशत पर आयी है। हालांकि, इसके बेरोजगारी डेटा लीक होने पर सरकार ने जीडीपी आंकड़ा जारी किया है। इस आंकड़े में कहा गया है कि नोटबंदी वाले साल में सबसे ज्यादा तरक्की हुई है। सरकार द्वारा गुरुवार (31 जनवरी) को जारी डेटा से यह खुलासा हुआ है कि वित्त वर्ष 2016-17 में सबसे ज्यादा जीडीपी वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत रिकॉर्ड किया गया। इसी साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर 2016 को नोटबंदी की थी।

सरकार ने वित्त वर्ष 2017-18 की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर का आंकड़ा संशोधित कर 7.2 प्रतिशत कर दिया है। पहले इसके 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) ने कहा कि 2017-18 और 2016-17 में वास्तविक यानी 2011- 12 के स्थिर मूल्य पर जीडीपी क्रमश: 131.80 लाख करोड़ रुपये और 122.98 लाख करोड़ रुपये रहा। यह 2017-18 में 7.2 प्रतिशत और 2016-17 में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। सीएसओ ने मई में अग्रिम अनुमान में चालू वित्त वर्ष की वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। 2017-18 की वृद्धि दर चार साल में सबसे कम है। इससे पहले 2013-14 में वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत रही थी।

सीएसओ ने इससे पहले चालू वित्त के अग्रिम अनुमान जारी किये जिनमें 2018- 19 में जीडीपी वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। सीएसओ ने कहा, ‘‘2017-18 के लिए पहला संशोधित अनुमान अब उद्योगवार और संस्थानों के आधार पर विस्तृत सूचना को शामिल करते हुये जारी किया गया है। जबकि इससे पहले 31 मई, 2018 को जारी अस्थायी अनुमान उस समय प्रयोग में लाये गये बेंचमार्क संकेतक तरीके के आधार पर जारी किया गया था।’’ सीएसओ ने 2016-17 के लिए राष्ट्रीय आय, उपभोग व्यय, बचत तथा पूंजी सृजन का दूसरा संशोधित अनुमान जारी किया है। सांख्यिकी कार्यालय ने कहा कि 2017-18 में सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) की वृद्धि 6.9 प्रतिशत रही, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 7.9 प्रतिशत रही थी।

सीएसओ ने कहा कि 2017-18 में प्राथमिक क्षेत्र (कृषि, वन, मत्स्यपालन और खनन) क्षेत्र, द्वितीयक क्षेत्र (विनिर्माण, बिजली, गैस, जलापूर्ति और अन्य सेवाओं तथा निर्माण) और सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर क्रमश: 5 प्रतिशत, 6 प्रतिशत और 8.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो कि इससे पिछले वित्त वर्ष में क्रमश: 6.8 प्रतिशत, 7.5 प्रतिशत और 8.4 प्रतिशत रही थी।

सीएसओ के पहले संशोधित अनुमान के अनुसार 2016-17 में प्रति व्यक्ति आय 1,04,659 रुपये और 2017-18 में 1,14,958 रुपये रही। निवेश गतिविधियों का सूचक सकल पूंजी निर्माण (जीसीएफ) मौजूदा मूल्य पर 2017-18 मे 55.27 लाख करोड़ रुपये रहा। 2016-17 में यह 47.41 लाख करोड़ रुपये रहा था। सीएसओ ने मई, 2018 में जारी शुरुआती अनुमान तथा जीवीए के पहले संशोधित अनुमान में वृद्धि दर के आंकड़ों में अंतर की वजह बताते हुए सीएसओ ने कहा कि इन्हें फसल उत्पादन और वित्तीय आंकड़ों से संबंधित नए आंकड़ों के आधार पर ‘अपडेट’ किया गया है। (भाषा इनपुट के साथ)

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