ताज़ा खबर
 

पति के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद प्रियंका वाड्रा क्वारंटीन, स्वास्थ्य मंत्रालय बोला- 81.25 मामले केवल 8 राज्यों से, पुणे ने उठाए सख्त कदम

उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री और भाजपा नेता गणेश जोशी की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उन्होंने भी खुद को आइसोलेट कर लिया है। मंत्री ने खुद ट्वीट करके कहा, उनके संपर्क में आए सभी लोग एहतियात के तौर पर अपनी जांच जरूर कराएं।

corona, priyanka gandhi, robert vadraकांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और उनके पति राबर्ट वाड्रा (फोटोः ट्विटर@TrueScoop)

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति राबर्ट वाड्रा भी कोरोना की चपेट में आ गए हैं। इसके बाद प्रियंका ने भी खुद को क्वारंटीन कर लिया है। उन्होंने ट्वीट करके कहा, उनकी रिपोर्ट नेगेटिव है पर एहतियात के तौर पर वह खुद को होम क्वारंटीन कर रही हैं। उधर, उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री और भाजपा नेता गणेश जोशी की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उन्होंने भी खुद को आइसोलेट कर लिया है।

कोरोना अब हर दिन रिकॉर्ड तोड़ रहा है। देश में आज कोरोना के 81 हजार 466 नए केस दर्ज हुए हैं। यह बीते छह महीनों में सबसे ज्यादा हैं। पिछले सात दिन में कोरोना खतरनाक लेवल पर पहुंच गया है। आंकड़े डराने वाले हैं। पिछले 24 घंटों के आंकड़े इस बात की गवाही दे रहे हैं कि लोग अभी भी सतर्क नहीं हुए तो देश में फिर से लॉकडाउन लगाने की नौबत आ सकती है।

एक्टिव मामलों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। फिलहाल देश में छह लाख 14 हजार 696 लोगों का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का पांच फीसदी है। देश में अभी तक कुल एक करोड़ 15 लाख 25 हजार 39 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर में गिरावट आई है और अब यह 93.67 फीसदी है। वहीं, कोरोना वायरस से मृत्यु दर 1.33 फीसदी है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि 8 राज्यों महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, गुजरात, पंजाब और मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस के नए मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। केंद्र ने इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्थिति को काबू करने के लिए कड़े कदम उठाने की सलाह दी है। उधर, महाराष्ट्र के पुणे में नाइट कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने 1-8 वीं तक की कक्षाएं 11 अप्रैल तक बंद करने का आदेश दिया है।

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, कोरोना की दूसरी लहर वाकई डराने वाली है। 22 फरवरी को मामले 10 हजार के आसपास थे, लेकिन अब ये 80 हजार से ऊपर हैं। 10 से 80 हजार तक पहुंचने में इसे केवल 40 दिन लगे। बीते साल की बात करें तो 11 जून को पहली बार कोरोना मरीजों की तादाद 10 हजार के पास पहुंची थी। 80 हजार का फिगर 2 सितंबर को दिखा था। यानि, आंकड़े के 10 से 80 हजार तक जाने में 83 दिन लगे।

रिपोर्ट कहती है कि लॉकडाउन से कोरोना के फैलने पर काफी हद तक रोक लगी थी, लेकिन यह काफी खर्चीला काम है। लॉकडाउन का मतलब है सारी आर्थिक गतिविधयां ठप होना। रिपोर्ट के मुताबिक, बीते पांच महीनों में लोग कोरोना से बेपरवाह हुए, इसकी वजह से केसों में बढ़ोतरी हो रही है। लेकिन मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का कड़ाई से पालन हो तो बेहतर परिणाम सामने आ सकते हैं।

Next Stories
1 EVM मामलाः प्रियंका गांधी का तंज, भाजपा की गाड़ी में बैठा रहा मासूम चुनाव आयोग
2 बंगाल चुनाव पर बोले प्रणब मुखर्जी के बेटे- कांग्रेस के पास नहीं चुनाव लड़ने के पैसे, हिंदू कांग्रेस को वोट नहीं देते
3 राकेश टिकैत ने बताया, कब होगा समस्या का समाधान, कहा- सड़क से उठेगी आवाज़
ये पढ़ा क्या?
X