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हाथरस के बाद यूपी के बलरामपुर में एक और दलित लड़की के साथ दुष्कर्म, पीड़िता ने तोड़ा दम

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बलरामपुर में हुई इस दिल दहलाने वाली घटना के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, मामले की जांच एसपी स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है।

Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र लखनऊ | Updated: October 1, 2020 11:08 AM
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः Freepik)

उत्तर प्रदेश के हाथरस में 20 साल की लड़की के साथ हुई बर्बरता पर पूरे देश में गुस्सा है। इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ और कई अन्य बड़े नाम सख्त कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। हालांकि, इसके बावजूद राज्य में अपराधियों में कानून का खौफ खत्म होता नजर आ रहा है। हाथरस गैंगरेप कांड के बाद राज्य के बलरामपुर से भी 22 वर्षीय दलित लड़की के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, इस घटना के बाद बुरी तरह घायल लड़की की मौत हो गई।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बलरामपुर में हुई इस दिल दहलाने वाली घटना के दो आरोपी- साहिल और शाहिद को गिरफ्तार कर लिया गया। बताया गया है कि इन लोगों ने लड़की को दोस्ती के बहाने से अपने घर बुलाया था। उससे दुष्कर्म के बाद आरोपियों ने पीड़िता को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन यहां उसकी हालत बिगड़ने के बाद उसे घर भेज दिया। बलरामपुर के एसपी देव रंजन वर्मा के मुताबिक, इस मामले में गैसडी पुलिस थाने में केस दर्ज हुआ है।

एसपी वर्मा ने लड़की के परिवारवालों से मिली शिकायत के बाद घटना का ब्योरा देते हुए बताया कि पीड़िता एक प्राइवेट फर्म में काम करती थी। मंगलवार को जब वह देर रात तक घर नहीं लौटी, तो परिवारवालों ने उससे फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसका संपर्क नहीं हो पाया। देर रात लड़की खराब हालत में रिक्शे से घर पहुंची। तब उसके हाथ में ग्लूकोज की ड्रिप लगी थी। परिवारवालों ने बिगड़ती हालत के बीच पीड़िता को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की। लेकिन उसकी रास्ते में ही जान चली गई। परिवारवालों ने आरोप लगाया है कि दुष्कर्म के बाद दोनों युवक पीड़िता को डॉक्टर के पास लेकर गए। लेकिन स्थिति बिगड़ती देख उन्होंने लड़की को अस्पताल ले जाने के बजाय घर भेज दिया।

सोशल मीडिया पर चलने लगीं फर्जी खबरें: इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इससे जुड़ी फर्जी खबरें भी चल रही हैं। कुछ पोस्ट्स में दावा किया गया कि लड़की के साथ दुष्कर्म के बाद उसके हाथ-पैर तोड़ दिए गए। हालांकि, बलरामपुर पुलिस ने ट्वीट कर इससे इनकार किया और बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ऐसी किसी चोट के निशान नहीं मिले हैं।

विपक्ष की घटना पर नजर: इस घटना पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार को हाथरस केस की तरह इस मामले में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए और कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। बताया गया है कि प्रशासन ने इस मामले की जांच के लिए एसपी स्तर के अफसर को जांच सौंप दिया है।

दूसरी तरफ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, “हाथरस जैसी वीभत्स घटना बलरामपुर में घटी। लड़की का बलात्कार कर पैर और कमर तोड़ दी गई। आजमगढ़, बागपत, बुलंदशहर में बच्चियों से दरिंदगी हुई। यूपी में फैले जंगलराज की हद नहीं। मार्केटिंग, भाषणों से कानून व्यवस्था नहीं चलती। ये मुख्यमंत्री की जवाबदेही का वक्त है। जनता को जवाब चाहिए।”

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