होमुर्ज जलमार्ग पार कर एक एलपीजी भरा टैंकर भारत पहुंच गया है। इस टैंकर में 20000 टन एलपीजी (लिक्विड पेट्रोलियम गैस) भरा हुआ है। टैंकर पर मार्शल आइसलैंड का झंडा लगा हुआ है और इस टैंकर नाम ‘सिमी’ बताया जा रहा है।
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, एलपीजी से भरा टैंकर ‘ सिमी’ होमुर्ज जलमार्ग पार कर गुजरात के कच्छ जिले के कांडला पोर्ट पहुंच गया है।
13 मई को पार किया होर्मुज
इस टैंकर ने 13 मई को होमुर्ज जलमार्ग पार किया था। एलपीजी की खेप का आगमन होर्मुज जलमार्ग के माध्यम से समुद्री यातायात पर बढ़े हुए अंतरराष्ट्रीय ध्यान के बीच हुआ है, जो फारस की खाड़ी को अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण वैश्विक ऊर्जा आवाजाही के लिए रास्ता है।
ईरान होमुर्ज में करेगा रक्षा- सैयद अब्बास अराघची
इससे पहले शुक्रवार को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से बातचीत की, जहां उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि मित्र राष्ट्र वाणिज्यिक सुरक्षा के लिए ईरान पर भरोसा कर सकते हैं। ईरान के विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया है कि ईरान होमुर्ज में रक्षक के रूप में सुरक्षा करेगा और अपने कर्तव्यों का पालन करेगा।
एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, “मेजबान विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ सार्थक बातचीत में क्षेत्रीय घटनाक्रम को लेकर चर्चा हुआ और यह स्पष्ट किया गया कि ईरान होमुर्ज में रक्षक के रूप में सुरक्षा देगा और अपने ऐतिहासिक कर्तव्य का हमेशा पालन करेगा। ईरान सभी मित्र देशों का एक विश्वसनीय भागीदार है, जिन पर वे व्यापारिक सुरक्षा के लिए भरोसा कर सकते हैं।”
13 मई को एक टैंकर ने किया था पार
इससे पहले 13 मई को सूत्रों ने बताया था कि भारत का एलपीजी टैंकर एमवी सनशाइन होमुर्ज पार कर रहा था और उसे भारत की बढ़ने के लिए हरसंभव सहायता दी जा रही थी। फारस की खाड़ी से भारत आ रहे एलपीजी जहाजों में से यह 15वां जहाज था, जिस सुरक्षित निकाला गया। जहाज भारत की ओर आ रहा है और इंडियन नेवी इसे हर संभव सहायता मुहैया करवा रही है।
यूएई के साथ एलपीजी और तेल के लिए दीर्घकालिक समझौता
इधर भारत ने यूएई के साथ एलपीजी आपूर्ति, 30 मिलियन बैरल तक पेट्रोलियम तेल और जहाजरानी से संबंधित एक दीर्घकालिक समझौता किया है।
यूएई के साथ समझौते में रणनीतिक भंडारों के हिस्से के रूप में यूएई के फुजैराह में कच्चे तेल का संभावित भंडारण और भारत में एलएनजी और एलपीजी भंडारण सुविधाओं पर संभावित सहयोग शामिल है।
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गुजरात के कच्छ में बीते दिनों कांडला पोर्ट पर खड़े एक कार्गो शिप को अनलोड करने में तीन प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई थी। उत्तर प्रदेश के रहने वाले इन मजदूरों की मौत के संबंध में गुजरात पुलिस ने आशंका जताई कि जहाज के कार्गो होल्ड में मीथेन गैस जमा होने के कारण उनकी मौत हुई होगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
