विधानसभा चुनावों का दौर खत्म होने और कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन के सुचारू रूप से खत्म होने के बाद कांग्रेस आलाकमान ने अपना ध्यान कुछ राज्यों की इकाइयों के पुनर्गठन और अखिल भारतीय कांग्रेस समिति स्तर पर संगठनात्मक जिम्मेदारियों में फेरबदल करने पर केंद्रित कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, फरवरी 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब कांग्रेस में बड़े फेरबदल की संभावना है। पंजाब कांग्रेस के प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पद से हटाया जा सकता है। पार्टी नेतृत्व का एक धड़ा चाहता है कि जालंधर के सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी यह जिम्मेदारी संभालें। हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन ने राज्य इकाई के भीतर गुटबाजी की दरारों को और गहरा कर दिया है।
छह राज्यों के नेतृत्व में परिवर्तन होने की संभावना
पार्टी में छह राज्यों तक में नेतृत्व में बदलाव देखने को मिल सकते हैं। जहां एक ओर कांग्रेस केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में नए अध्यक्ष नियुक्त करने की तैयारी में है, वहीं इस बात पर भी चर्चा चल रही है कि क्या राजस्थान और चुनाव की ओर बढ़ रहे उत्तर प्रदेश में भी प्रदेश अध्यक्षों को बदला जाना चाहिए।
केरल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सन्नी जोसेफ, वी.डी. सतीशन सरकार में मंत्री बन गए हैं। पार्टी के शीर्ष पद के लिए लॉबिंग पहले ही शुरू हो चुकी है। इसमें जाति, समुदाय और गुटों के समीकरण अहम भूमिका निभा रहे हैं। लोकसभा सांसद कोडिकुन्निल सुरेश, बेनी बेहनन और एंटो एंटनी के साथ-साथ यूडीएफ संयोजक अडूर प्रकाश और वरिष्ठ नेता जोसेफ वाझक्कन भी इस दौड़ में शामिल हैं।
आठ बार के सांसद और राज्य इकाई के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष सुरेश का समर्थन करने वालों का तर्क है कि पार्टी को इस पद पर किसी दलित नेता को नियुक्त करने पर विचार करना चाहिए। वहीं दूसरी ओर, अन्य लोगों का कहना है कि चूंकि ईसाइयों ने बड़ी संख्या में कांग्रेस का समर्थन किया है और बीजेपी भी इस समुदाय तक अपनी पहुंच बढ़ा रही है, इसलिए जोसेफ के उत्तराधिकारी के रूप में किसी ईसाई नेता को नियुक्त किया जाना चाहिए।
पद से हटाए जा सकते हैं सेल्वपेरुंथगाई
तमिलनाडु में, के. सेल्वपेरुंथगाई को पद से हटाया जा सकता है। कहा जा रहा है कि हाई कमान उनके काम करने के तरीके से खुश नहीं है। कर्नाटक में, डी.के. शिवकुमार के उत्तराधिकारी का चुनाव आगामी कैबिनेट फेरबदल से जुड़ा हुआ है। जहां सिद्धारमैया सरकार में मंत्री सतीश जारकीहोली को इस दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है, वहीं सूत्रों का कहना है कि अंतिम फैसला कैबिनेट नियुक्तियों पर निर्भर करेगा।
एआईसीसी के हरियाणा प्रभारी बी.के. हरिप्रसाद का नाम भी इस दौड़ में शामिल बताया जा रहा है। कैबिनेट गठन पर चर्चा के लिए शिवकुमार के दिल्ली आने की उम्मीद है और सूत्रों के अनुसार, 3 जून को उनके शपथ ग्रहण से पहले ही कर्नाटक कांग्रेस के अगले अध्यक्ष पर फैसला लिया जा सकता है।
राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा जुलाई 2020 से इस पद पर हैं, जबकि अजय राय अगस्त 2023 से उत्तर प्रदेश इकाई का नेतृत्व कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, पार्टी नेतृत्व इस बात पर विचार कर रहा है कि क्या इन दोनों ही राज्यों की इकाइयों में शीर्ष स्तर पर बदलाव की जरूरत है।
आंध्र प्रदेश की कांग्रेस इकाई में भी बदलाव की संभावना
आंध्र प्रदेश में भी पार्टी की राज्य इकाई में नेतृत्व परिवर्तन होने की संभावना है। मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष वाई.एस. शर्मिला को कर्नाटक से राज्यसभा के लिए नामित किया जा सकता है। यह वही वादा है जो पार्टी नेतृत्व ने 2024 के चुनावों से पहले पार्टी में शामिल होने के समय उनसे किया था।
हालांकि, गिरीश चोडनकर को गोवा कांग्रेस का अध्यक्ष फिर से नियुक्त करने के फैसले से राज्य इकाई में बेचैनी पैदा हो गई है। गोवा में विधानसभा चुनाव फरवरी 2027 में होने हैं। विधानसभा चुनावों में पार्टी की हार के बाद चोडनकर ने मार्च 2022 में राज्य प्रमुख के पद से इस्तीफा दे दिया था।
राज्य इकाइयों में बदलाव के अलावा, एआईसीसी स्तर पर भी फेरबदल पर विचार किया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि नेतृत्व कई राज्यों के प्रभारियों के कामकाज से असंतुष्ट था। सूत्रों के अनुसार, विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच हुई एक बैठक में प्रस्तावित बदलावों पर चर्चा की गई। माना जा रहा है कि गांधी 2029 के लोकसभा चुनावों की तैयारियों के तहत शीर्ष स्तर पर नए चेहरों को लाने के इच्छुक हैं।
कर्नाटक बीजेपी में बड़े बदलाव की आहट
कांग्रेस के द्वारा कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन करने के बीच बीजेपी भी इस दिशा में आगे बढ़ रही है। बीजेपी आने वाले दिनों में कर्नाटक में अपने संगठन में बहुत बड़े बदलाव कर सकती है। पार्टी की कोशिश विपक्ष में रहते हुए संगठन को मजबूत करने और राज्य में फिर से अपनी सरकार बनाने की है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
