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बालाकोट में हवाई हमले के बाद कार्यक्रम में देर से पहुंचे पीएम, राष्‍ट्रपति भवन में मांगी माफी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तानी सीमा में आतंकी शिविरों पर वायुसेना के हमले का मंगलवार को एक पुरस्कार समारोह में परोक्ष रूप से हवाला देते हुए कहा कि वह माफी चाहते हैं कि उन्हें देर हो गई क्योंकि वह ‘कुछ दूसरे काम’ में व्यस्त थे।

Author February 26, 2019 2:26 PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तानी सीमा में आतंकी शिविरों पर वायुसेना के हमले का मंगलवार को एक पुरस्कार समारोह में परोक्ष रूप से हवाला देते हुए कहा कि वह माफी चाहते हैं कि उन्हें देर हो गई क्योंकि वह ‘कुछ दूसरे काम’ में व्यस्त थे। (Photo-PTI)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तानी सीमा में आतंकी शिविरों पर वायुसेना के हमले का मंगलवार को एक पुरस्कार समारोह में परोक्ष रूप से हवाला देते हुए कहा कि वह माफी चाहते हैं कि उन्हें देर हो गई क्योंकि वह ‘कुछ दूसरे काम’ में व्यस्त थे। मोदी ने सुबह करीब 10 बजे अपने आधिकारिक आवास पर सुरक्षा मामले की कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक की अध्यक्षता की और फिर राष्ट्रपति भवन पहुंचे जहां राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 2015-2018 के लिए गांधी शांति पुरस्कार प्रदान किया। यह पुरस्कार समारोह राष्ट्रपति भवन में 11 बजे आरंभ होना था, लेकिन यह थोड़ी देर से शुरू हुआ। इस सभा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान के चुरू पहुंचे। चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम ने यहां एक कविता सुनाई, ”सौगंध मुझे इस मिट्टी की, मैं देश नहीं मिटने दूंगा मैं देश नहीं रुकने दूंगा, मैं देश नहीं झुकने दूंगा  मेरा वचन है भारत मां को, तेरा शीश न झुकने दूंगा जाग रहा है देश मेरा, हर भारतवासी जीतेगा सौगंध मुझे इसे मिट्टी की, मैं देश नहीं मिटने दूंगा”।

प्रधानमंत्री ने पुरस्कार समारोह में कहा, ‘‘सबसे पहले मैं देर से पहुंचने के लिए माफी मांगता हूं। कार्यक्रम देर से शुरू हुआ क्योंकि मैं यहां देर से पहुंचा। मैं कुछ दूसरे काम में व्यस्त था और मुझे देर हो गई।’’

गौरतलब है कि भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने मंगलवार को तड़के नियंत्रण रेखा के दूसरी ओर पाकिस्तानी हिस्से में कई आतंकी शिविरों पर बमबारी की।  सरकार से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई जम्मू कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को आतंकी गुट जैश ए मोहम्मद द्वारा किए गए आत्मघाती हमले के ठीक 12 दिन बाद की गई है। पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे।

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