चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार को भारत पहुंचेंगे। वह ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली आएंगे। चीन के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को उनके भारत दौरे की जानकारी दी। शी जिनपिंग सात साल बाद भारत आ रहे हैं।

भारत इस समय ब्रिक्स का अध्यक्ष है और 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। ऐसे में शी जिनपिंग की यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों और वैश्विक कूटनीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।

दिल्ली में बढ़ाई गई सुरक्षा

ब्रिक्स सम्मेलन को देखते हुए दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके के होटलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। चीन और रूस के राष्ट्रपति इस सप्ताह राजधानी पहुंचने वाले हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 11 सितंबर को भारत पहुंच सकते हैं।

दोनों नेताओं के पालम स्थित एयर फोर्स स्टेशन पर पहुंचने के बाद चाणक्यपुरी के होटलों में जाने की संभावना है। चीन और रूस की सुरक्षा टीमें पहले ही उन होटलों में पहुंच चुकी हैं, जहां दोनों राष्ट्राध्यक्षों के ठहरने की उम्मीद है।

Xi Jinping Returns to India for BRICS Summit
नई दिल्ली में भारत मंडपम के पास BRICS समिट 2026 से पहले दिल्ली पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं। (Photo Source: ANI)

इन टीमों के साथ सुरक्षा उपकरण और हथियार भी लाए गए हैं। होटलों में राष्ट्रपति के ठहरने वाली मंजिल से लेकर छत और ग्राउंड फ्लोर तक सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है।

सात साल बाद भारत आएंगे शी जिनपिंग

शी जिनपिंग आखिरी बार 2019 में भारत आए थे। उस समय उन्होंने तमिलनाडु के मामल्लपुरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अनौपचारिक शिखर बैठक की थी। इससे पहले शी 2016 में गोवा में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने भारत आए थे। उनकी पहली भारत यात्रा सितंबर 2014 में हुई थी। उस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कई अहम मुद्दों पर बातचीत की थी।

Xi Jinping to Visit India After 7 Years
शी जिनपिंग ने आखिरी बार 2019 में चेन्नई के पास मामल्लापुरम में मोदी के साथ एक अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के लिए भारत का दौरा किया था। (Photo Source: ANI)

भारत-चीन रिश्तों के लिए अहम दौरा

शी जिनपिंग की भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब दोनों देशों के बीच संबंधों को स्थिर करने की कोशिशें जारी हैं। ऐसे में मोदी और शी की संभावित मुलाकात पर सबकी नजर रहेगी।

वहीं, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच ब्रिक्स की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है। भारत की अध्यक्षता में होने वाले इस सम्मेलन में वैश्विक राजनीति, आर्थिक सहयोग और बदलती अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

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जिनपिंग लगभग सात साल बाद भारत आ रहे हैं। उनका यह दौरा न केवल ब्रिक्स और भारत-चीन संबंधों के लिए अहम है, बल्कि अमेरिका के लिए भी महत्वपूर्ण और संवेदनशील है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।