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तीन बार ट्रंप का फोन, तब तय हुआ मोदी का अमेरिकी दौरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी साल अमेरिका के दौरे पर जाएंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में यह उनकी पहली यात्रा होगी।

Author नई दिल्ली | Updated: March 30, 2017 12:31 AM
china media news, Donald trump vs narendra Modi, Trump Business policy, Narendra Modi make in Indiaअमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप (बाएं) और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

दीपक रस्तोगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी साल अमेरिका के दौरे पर जाएंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में यह उनकी पहली यात्रा होगी। दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच टेलीफोन पर तीन बार बातचीत होने के बाद मोदी के दौरे का कार्यक्रम बना है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने बुधवार को अमेरिकी प्रशासन को आधिकारिक राजनयिक माध्यम से इस बारे में जानकारी दे दी। इसके साथ ही अमेरिकी प्रशासन और भारतीय प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारी दौरे की विस्तृत रूपरेखा तय करने में जुट गए हैं। भारतीय विदेश सचिव एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल अमेरिकी प्रशासन के प्रमुख लोगों के संपर्क में हैं और दोनों राष्ट्राध्यक्षों की मुलाकात के दौरान परस्पर सहयोग के बिंदुओं की रूपरेखा तैयार करने में जुटे हैं। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, ‘राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री के आर्थिक सुधार के एजंडे का समर्थन किया और कहा कि वे इस साल प्रधानमंत्री मोदी के वाशिंगटन दौरे की उम्मीद करते हैं।’

वाइट हाउस की ओर से बयान जारी किए जाने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने अमेरिकी प्रशासन को भेजे अपने नोट में कहा है कि ‘अमेरिकी अर्थव्यवस्था और समाज को संवर्धित करने में भारतीयों की महती भूमिका रही है। उम्मीद है कि दोनों देश संतुलित और दूरगामी विकास के लिए मिल कर काम करेंगे।’ इस महीने मोदी और ट्रंप की दो दफा बात हो चुकी है। जनवरी में पहली बार बातचीत हुई थी, जब ट्रंप ने पदभार संभालने के बाद प्रधानमंत्री को फोन किया था। दोनों नेताओं के ‘दूरभाष राजनय’ को निजी स्तर पर संबंध विकसित करने की कवायद मानी जा रही है। ट्रंप के पूर्ववर्ती बराक ओबामा के साथ मोदी के संबंध बहुत अच्छे थे। नए प्रशासन के साथ भी भारतीय नेतृत्व वैसे ही समीकरण बनाने में जुटा है। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच जोरदार राजनयिक कवायद हुई है।

फरवरी के आखिरी हफ्ते में 27 अमेरिकी सांसदों का दो प्रतिनिधिमंडल भारत आया और आर्थिक व तकनीकी मुद्दों पर मोदी के साथ कई दौर की बात की। उसके बाद भारतीय विदेश सचिव एस जयशंकर ने अमेरिका जाकर अमेरिकी सुरक्षा सलाहकार एचआर मैकमास्टर से भेंट की और आतंकवाद, द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर बात की। इनमें रक्षा संबंधों पर बातचीत अहम रही। इसी हफ्ते भारतीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल अमेरिका की यात्रा से लौटे हैं। उन्होंने वहां अमेरिकी रक्षा सचिव जनरल (रिटायर) जेम्स मैटिस, आंतरिक सुरक्षा सचिव जनरल (रिटायर) जॉन केली और सुरक्षा सलाहकार मैकमास्टर से भेंट की। डोभाल के भारत लौटने के बाद वाशिंगटन में अमेरिकी सांसदों के एक दल ने ट्रंप प्रशासन को पत्र लिख कर रक्षा प्रस्तावों को तुरंत मंजूरी देने की मांग की है। सीनेट की इंडिया कॉकस के प्रमुख रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कॉरनिन और डेमोक्रेट मार्क वार्नर ने अमेरिकी रक्षा सचिव मैटिस को पत्र लिख कर एफ-16 विमानों के भारत में निर्माण के सौदे पर आगे बढ़ने का दबाव बनाया है। इन सीनेटर ने अपने पत्र में कहा है कि भारत के साथ मिल कर काम करना हमारे लोकतांत्रिक हितों के लिए मुफीद है। साथ ही, क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए भी जरूरी है।

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