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मंगलवार को भी बैंकों और एटीएम के सामने लंबी कतार, बीजेपी महासचिव राम माधव ने कहा- मुश्किल वक्त में ही होती है देशभक्ति की पहचान

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार नोटबंदी के कारण देश भर में अब तक करीब 16 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
एक एटीएम के बाहर पैसे निकालने के लिए लगी कतार (फाइल फोटो)

जहाँ मंगलवार (15 नवंबर) सुबह सभी बैंकों और एटीएम के सामने पैसे निकालने के लिए लोगों की लंबी कतार दिखी वहीं भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने नोटबंदी के फैसले का बचाव करते हुए कहा है कि “देशभक्ति” की पहचान कठिन वक्त में ही होती है। आठ नवंबर को रात आठ बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 के नोटोें को बंद करने की घोषणा की उसके बाद से ही आम लोगों को हो रही दिक्कत को देखते हुए सरकार के नाकाफी इंतजाम की आलोचना हो रही है। राम माधव ने मंगलवार (15 नवंबर) को ट्वीट किया, “कठिन वक्त में ही देशभक्ति की पहचान होती है। आजकल हम ये बहुत देख रहे हैं। अन्यथा, सामान्य समय में आरामकुर्सी में बैठकर हर कोई देशभक्त बनता है।” मीडिया रिपोर्टों के अनुसार नोटबंदी के कारण देश भर में अब तक दो दर्जन से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

राम माधव से पहले सोमवार को बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे ने एक सवाल के जवाब में कहा कि कई बार लोग राशन की लाइन में इंतजार करते-करते मर जाते हैं। हालांकि बीजेपी नेता ने साथ में जोड़ दिया कि वो लोग द्वारा झेली जा रही दिक्कतों को लेकर वो असंवेदशील नहीं है। पीएम मोदी ने भी सोमवार को बीजेपी सांसदों से कहा कि नोटबंदी के मुद्दे पर आम जनता उनके साथ है इसलिए उन्हें रक्षात्मक होने की जरूरत नहीं है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी नोटबंदी के फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि जो दल इस फैसले का विरोध कर रहे हैं वो आतंकवादियों की मदद करना चाहते हैं।

सरकार की घोषणा के अनुसार 10 नवंबर से बैंकों में पुराने नोट बदले और पैसे निकाले जाने लगे लेकिन ज्यादातर जगहों पर कुछ ही देर में पैसे खत्म हो गए। वहीं 11 नवंबर से देश के सभी एटीएम में पैसे निकलने शुरू हुए लेकिन वहां भी स्थिति बैंकों जैसी ही रही है कुछ ही देर में पैसे खत्म हो गए। बैंकों में लोगों को 2000 के नए नोट दिए जा रहे थे जिसकी वजह से जिन्हें  पैसा मिला उनके सामने खुले पैसों की दिक्कत आने लगी। पैसों की किल्लत देखते हुए सरकार ने रविवार को 500 के नए नोट जारी किए।

सरकारी की घोषणा के अनुसार 500 और 1000 के पुराने नोट 30 दिसंबर तक बैंकों में बदले जा सकते हैं। आम लोगों को हो रही दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने सोमवार को कई नई रियायतें दीं। पहले सरकार ने 24 नवंबर तक बैंकों में प्रतिदिन 4000 रुपये के पुराने नोट बदले जाने की घोषणा की थी जिसे सोमवार को बढ़ाकर 4500 कर दिया गया। सरकार ने पहले एटीएम से प्रति कार्ड 2000 रुपये निकालने की सुविधा दी थी जिसे सोमवार को बढ़ाकर 2500 रुपये कर दिया गया। वहीं अब पेट्रोल पंप, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, हवाईअड्डों इत्यादि पर 24 नवंबर तक 500-1000 के नोट चलेंगे। केंद्र सरकार, राज्य सरकार और नगरपालिकाओं के बिजली और पानी जैसे तमाम बिल पुराने नोटों द्वारा चुकाए जा सकते हैं। सरकार ने निजी दवा की दुकानों पर भी पुराने नोट के बदले सामान खरीदने की छूट दे दी है। इसके अलावा 24 नवंबर तक देश के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल मुफ्त कर दिया गया है।

सोमवार को कई प्रमुख विपक्षी दलों ने नोटबंदी पर सरकार को घेरने के लिए एक बैठक की। विपक्षी दल संसद के शीतकालीन सत्र में नोटबंदी पर बहस चाहते हैं। संसद का शीतकालीन सत्र 16 नवंबर से शुरू होने वाला है।

वीडियो: जानिए क्या है विमुद्रीकरण और क्यों लेती है सरकारें इसका फैसला-

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