Rajasthan News: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सचिन पायलट पर तीखे हमले के तीन दिन बाद पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने बुधवार को कहा कि उन्होंने जिनके साथ भी काम किया है, उनका सम्मान किया है और राजनीति में संतोष जरूरी है।

राजनीति में एडवांस बुकिंग की आलोचना करते हुए सचिन पायलट ने कहा कि उन्होंने अपने 25 साल के सार्वजनिक जीवन में बहुत सी साजिशें देखी हैं, लेकिन वे राहुल गांधी द्वारा दिखाए गए मोहब्बत की दुकान के रास्ते पर चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भले ही कभी-कभी मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी से उनकी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है और पार्टी लोगों की सेवा करने के लिए एकजुट है।

मेरी किसी से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं- राजेश पायलट

11 जून को अपने पिता राजेश पायलट की 26वीं पुण्यतिथि से एक दिन पहले करौली में उनकी प्रतिमा का अनावरण करते हुए पायलट ने कहा, “किसी से मेरी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है और आप सभी जानते हैं कि मैं बहुत सोच-समझकर बोलता हूं। एक बार मुंह से निकली बात वापस नहीं ली जा सकती। इसलिए, संघर्ष जरूरी है, सच्चाई के साथ खड़े रहना जरूरी है, संयम और संतोष जरूरी हैं, और सम्मान देना भी जरूरी है।”

पायलट ने कहा, “अगर कोई सिर्फ फायदा उठाने के लिए राजनीति कर रहा है, तो वह व्यक्ति ज्यादातर समय दुखी रहेगा।” उन्होंने आगे कहा, “लोभ, लालच, ईर्ष्या, राजनीति में समय बदल गया है, लेकिन सिद्धांत आज भी वही हैं। लोग आज भी उन्हें पसंद करते हैं जो सच्चाई के साथ खड़े होते हैं, जो कड़ी मेहनत करते हैं।”

7 जून को गहलोत ने पायलट पर आरोप लगाया था कि वे मुख्यमंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान के मुद्दों से आगे नहीं बढ़ पाए हैं। उन्होंने कहा था कि पायलट ने न तो सच्चाई को स्वीकार करना सीखा है और न ही यह माना है कि उन्होंने 2020 में गलतियां की थीं।

जिंदगी और राजनीति में अनुशासन और सब्र जरूरी – पायलट

पायलट ने कहा, “लोग कैसा व्यवहार करते हैं, यह हमारे हाथ में नहीं है। लेकिन हम बच्चे को क्या संस्कार देते हैं, यह हम पर निर्भर करता है। यह देश तभी सही रास्ते पर चलेगा जब हम अगली पीढ़ी को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी देंगे।” पायलट ने कहा, “जिंदगी और राजनीति में अनुशासन और सब्र जरूरी है और पहली प्राथमिकता देश और राज्य के लोग होने चाहिए, उसके बाद हमारी विचारधारा और हमारी पार्टी और अगर कोई मेहनत करता है, तो वह बेकार नहीं जाती।”

उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने हमेशा उन सभी नेताओं का सम्मान किया है जिनके साथ उन्होंने काम किया है। सचिन पायलट ने कहा, “मैंने हमेशा कहा है कि राजनीति में जिन लोगों के साथ मैंने काम किया है, मैं हर व्यक्ति का दिल से मान-सम्मान करता हूं। हमारे विचारों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मन-भेद नहीं।”

उन्होंने कहा, “अगर आप किसी की आंखों में देखें, तो आप बता सकते हैं कि वे सच बोल रहे हैं या झूठ।” गहलोत ने अपनी टिप्पणी में कहा था कि सितंबर 2022 की बगावत यानी कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक का बहिष्कार पायलट के खिलाफ थी, न कि पार्टी आलाकमान के खिलाफ। कहा जाता है कि सीएलपी की बैठक पायलट को मुख्यमंत्री बनाने के लिए बुलाई गई थी, लेकिन गहलोत खेमे ने कथित तौर पर 81 विधायकों के जरिये इसका बहिष्कार करवाया।

बुधवार को पायलट ने कहा कि वह राहुल गांधी द्वारा दिखाए गए मोहब्बत की दुकान के रास्ते पर चल रहे हैं। पायलट ने कहा, “अगर कोई हमसे असहमत है या हमारी बात नहीं सुनता है, तो भी उन्हें इतना सम्मान और प्यार दें कि वे अपने-आप आपके साथ चलने लगें।”

एडवांस बुकिंग का मामला बिना सिर पैर का है- सचिन पायलट

गहलोत के हमले को राज्य में पायलट के नेतृत्व की भूमिका पाने की संभावनाओं को खत्म करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है, इस पर पायलट ने कहा, “अगर हम राजनेता भविष्य की भविष्यवाणी करने लगें, तो जनता की सेवा कौन करेगा? यह ‘एडवांस बुकिंग’ वाला मामला बे-सिर-पैर का है।”

पायलट ने कहा, “मैंने बहुत चालें देखी हैं, मुझे भी 25 साल हो गए हैं, मैंने बहुत लोगों को चालें चलते देखा है, लेकिन अंत में जीत हमेशा जनता की होती है।” गहलोत ने अपनी टिप्पणी में कहा था कि पायलट 15-20 साल से राजनीति में हैं। पायलट ने कहा कि समय-समय पर “खटपट (असंतोष)” होती रहती है। लेकिन जब बात पार्टी, किसानों, जिले और राज्य की आती है, तो हम सभी जो इस मंच पर उपस्थित हैं, साथ ही जो उपस्थित नहीं हैं, हम सभी परिवार के सदस्य आपकी सेवा करते आए हैं और आगे भी करते रहेंगे।”

यह भी पढे़ं: सचिन पायलट का नाम लेकर बोले अशोक गहलोत- मेरे खिलाफ साजिश हुई

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता अशोक गहलोत ने पिछले कार्यकाल के दौरान अपनी सरकार पर आए संकट को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच उस दौरान टकराव की स्थिति थे, और सत्ता को लेकर संघर्ष था। इसके चलते ही कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव भी विवादों में आया था। अब अशोक गहलोत ने कहा है कि उनके खिलाफ सबसे बड़ी साजिश हुई है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…