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JNU विवाद: कन्‍हैया कुमार को गोली मारने पर 11 लाख इनाम के पोस्‍टर, दिल्‍ली पुलिस देगी सुरक्षा

इससे पहले बदायूं BJP युवा मोर्चा के नेता कुलदीप वार्ष्णेय ने कही थी कन्हैया कुमार की जीभ काटने पर 5 लाख रुपए का इनाम देने की बात।

Author नई दिल्‍ली | March 5, 2016 6:32 PM
जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार। (पीटीआई फाइल फोटो)

देशद्रोह के आरोपों का सामना कर रहे जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) की स्‍टूडेंट यूनियन के अध्‍यक्ष कन्‍हैया कुमार की जीभ काटने पर 5 लाख के इनाम की घोषणा के बाद अब एक नया पोस्‍टर सामने आया है। इस पोस्‍टर में कन्‍हैया कुमार को गोली मारने पर 11 लाख रुपए का इनाम देने की बात कही गई है। पोस्‍टर पर आदर्श शर्मा नाम के शख्‍स का नाम लिखा गया है। इस बीच दिल्‍ली पुलिस ने जेएनयू प्रशासन को पत्र लिखकर कहा है कि वह कन्‍हैया कुमार की गतिविधियों के बारे में उन्‍हें जानकारी दे, क्‍योंकि उनकी जान को खतरा है। दिल्‍ली पुलिस ने कहा कि कन्‍हैया जब भी कैंपस से बाहर निकले तो उसे इसकी सूचना दी जाए, ताकि वह सुरक्षा के इंतजाम कर सके।

BJP युवा मोर्चा अध्‍यक्ष ने कही जीभ काटने की बात

बदायूं BJP युवा मोर्चा के नेता कुलदीप वार्ष्णेय ने JNU छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर विवादित बयान देते हुए कहा कि, “कन्हैया की जीभ काटने वाले को पांच लाख रुपये इनाम दूंगा।” कुलदीप की नाराजगी कन्हैया कुमार के पीएम मोदी के खिलाफ दिए गए भाषण से है। उन्‍होंने कहा, “मैं इस देश का नागरिक हूं, इस कन्‍हैया ने कल जेएनयू कैंपस में मातृ-पितृ संगठन राष्‍ट्रीय स्‍वंयसेवक संघ, भारतीय जनता पार्टी और पिता तुल्य परम आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को उसने गालियां दीं। साथ ही अन्‍य लोगों को भारत माता के लिये गाली देने के लिये उकसाया। ऐसी स्थिति में उसने हमारे देश का, हमारे संगठन का, हमारे प्रधानमंत्री का अपमान किया है। मैं उसकी जीभ कटाने वाले को, उसकी जो जीभ है वो कटनी चाहिए और उसको कटाने वाले को मैं 5 लाख रूपये का इनाम दूंगा।’

दिल्ली हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत पर रिहा हुए कन्हैया कुमार जेएनयू कैंपस पहुंचे। देशद्रोह के आरोप में 20 दिन तिहाड़ जेल में रहने के बाद कन्हैया एक बार फिर अपने अंदाज में दिखे। JNU स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए कन्हैया ने पीएम मोदी से लेकर RSS पर चुटीले अंदाज में तीखा हमला किया। जेल से रिहा होने के बाद जेएनयू स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष कन्हैया ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें कन्हैया ने अफजल गुरु के मुद्दे पर अपनी सफाई दी। कन्हैया ने कहा, ‘आतंकी अफजल गुरु मेरा आइकॉन नहीं, रोहित वेमुला मेरा आदर्श है। 29 साल के कन्हैया ने कहा, ‘मेरा काम पढ़ना है और उनके लिए लड़ना है जो पढ़ना तो चाहते हैं लेकिन पढ़ने में सक्षम नहीं हैं। लड़ाई लंबी होने की वजह से इस पर कोई जीत का मार्च नहीं बल्कि एकता मार्च हो सकता है।’

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