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मॉरीशस के निवेशकों पर बोले अडानी ग्रुप के CFO- हमारे पास उनकी जानकारी, अथॉरिटी चाहे तो करा ले जांच

अडानी समूह के मुख्य वित्तीय अधिकारी ने एक इंटरव्यू में कहा है कि समूह अपने विदेशी निवेशकों को पहचानता है जिन्होंने कि कंपनी में भारी निवेश किया है।

गौतम अडानी (Photo-PTI )

अडानी समूह के मुख्य वित्तीय अधिकारी ने एक इंटरव्यू में कहा है कि समूह अपने विदेशी निवेशकों को पहचानता है जिन्होंने कि कंपनी में भारी निवेश किया है। मालूम हो कि अडानी समूह के शेयरों में 25 प्रतिशत तक की गिरावट आई थी। जानकारी सामने आई थी कि नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) ने समूह के तीन विदेशी निवेशकों के खातों को फ्रीज कर दिया है।

अडानी समूह के मुख्य वित्तीय अधिकारी जुगेशिंदर सिंह ने कहा, “हम निवेशकों को जानते हैं।”मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि एनएसडीएल द्वारा मॉरीशस स्थित क्रेस्टा फंड, अल्बुला इन्वेस्टमेंट फंड और एपीएमएस इन्वेस्टमेंट फंड के खातों को फ्रीज कर दिया गया है। यह पूछे जाने पर कि क्या अडानी समूह मॉरीशस के निवेशकों के बारे में जानता है, सिंह ने जवाब दिया, “यह अधिकारियों को देखना है।” उन्होंने कहा, “हम इस तथ्य से अवगत हैं कि वे हमारे साथ निवेशक हैं। हम विशेष रूप से जाकर जांच नहीं करते हैं क्योंकि यह केवाईसी नहीं है… हम निवेश करने वाले किसी भी व्यक्ति के केवाईसी की जांच करते हैं। यह एक अलग नियामक संस्था द्वारा किया जाता है।”

हालांकि, गौतम अडानी की अगुवाई वाले समूह ने कहा है कि उसके पास इस बारे में लिखित स्पष्टीकरण है कि इन तीन विदेशी कोषों के खातों को फ्रीज नहीं किया गया है और इस बारे में खबरें भ्रामक हैं। ये तीन विदेशी कोष समूह की कंपनियों में शीर्ष शेयरधारक हैं। अडानी समूह की कंपनियों के शेयरों में सोमवार को भारी गिरावट आयी थी। बंदरगाह, ऊर्जा समेत विभिन्न कारोबार से जुड़े अडानी समूह ने सोमवार को कहा कि उसके पास इस बात की लिखित जानकारी है कि समूह की कंपनियों के शेयरों में निवेश करने वाले मॉरीशस में पंजीकृत तीन विदेशी कोषों के खातों पर लेन-देन की रोक नहीं लगायी गयी है।

अडानी समूह ने कहा है कि उसके सभी शीर्ष शेयरधारकों के खाते सक्रिय हैं, वहीं एनएसडीएल ने भी समूह को भेजे ई-मेल में इन खातों के ‘सक्रिय’ होने की पुष्टि की है। बीएसई ने मंगलवार को परिपत्र जारी किया। जिसमें अडानी समूह के बारे में एनएसडीएल का स्पष्टीकरण था। इसमें कहा गया है, ‘‘….पिछले ई-मेल में जिन डिमैट खातों की स्थित का जिक्र है, वे एनएसडीएल प्रणाली में ‘सक्रिय’ स्थिति में हैं…।’’

समूह ने कहा कि मुद्दे की गंभीरता और अल्पांश निवेशकों पर इसके प्रतिकूल असर को देखते हुए ‘‘हमने उपरोक्त फंड के डीमैट खातों की स्थिति के संबंध में पंजीयक और स्थानांतरण एजेंट से अनुरोध किया था और 14 जून, 2021 की दिनांक वाले ई-मेल के जरिये इस बात की लिखित पुष्टि की गई है कि उपरोक्त फंड जिन डीमैट खातों में कंपनी के शेयरों को रखते हैं उन डी मैट खातों को जब्त (प्रतिबंधित) नहीं किया गया है।’’

हालांकि, एनएसडीएल की वेबसाइट में बिना कोई कारण बताए अल्बुला इन्वेस्टमेंट फंड, क्रेस्टा फंड और एपीएमएस इंवेस्टमेंट फंड के खातों को जब्त किया हुआ दर्शाया गया है। ये कोष मारीशस में एक ही पते पर पंजीकृत हैं। वेबसाइट पर अल्बुला इन्वेस्टमेंट फंड लिमिटेड (पैन नंबर एएएचसीए3597क्यू), एपीएमएस इंवेस्टमेंट फंड लिमिटेड (पैन नंबर एएईसीएम5148ए) और क्रेस्टा फंड लिमिटेड (पैन नंबर एएडीसीसी2634ए) को ‘‘एकाउंट लेबल फ्रीज’’ के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

हालांकि, समूह के एक सूत्र ने कहा कि रजिस्ट्रार ने लिखित में बताया है कि जिन खातों में अडानी समूह के शेयर हैं, उन्हें जब्त नहीं किया गया है। तीनों फंड अडानी समूह के शीर्ष 12 निवेशकों में शामिल हैं और वार्षिक निवेशक प्रस्तुतियों के मुताबिक 31 मार्च 2020 की स्थिति के मुताबिक अडानी समूह की पांच कंपनियों में इन कोषों की लगभग 2.1 प्रतिशत से 8.91 प्रतिशत तक हिस्सेदारी है।

बाद में अडानी समूह ने एक बयान में कहा कि ये एफपीआई (विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक) एक दशक से अधिक समय से अडानी एंटरप्राइजेज में निवेशक हैं और कंपनी की अलग अलग कारोबार वाली इकाइयों के अस्तित्व में आने के बाद उसकी पोर्टफोलियो कंपनियों में भी उनकी हिस्सेदारी आ गई।

बयान में कहा गया, ‘‘हमारे सभी व्यवसायों को 1994 में स्थापित प्रमुख कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड द्वारा शुरू किया गया था और पिछले सात वर्षों के दौरान अडानी पोर्ट्स, अडानी ट्रांसमिशन, अडानी ग्रीन एनर्जी और अडानी गैस लिमिटेड को अलग कर भारतीय शेयर बाजारों में सूचीबद्ध किया गया।’’

बयान में आगे कहा गया कि अडानी एंटरप्राइजेज अभी भी हवाई अड्डों, सड़क, डेटा केंद्र, सौर विनिर्माण जैसे नए कारोबार को बढ़ाने के लिए काम कर रही है और इन कारोबारों के अलग इकाई के तौर पर सूचीबद्ध होने के बाद निवेशकों को काफी फायदा मिलेगा। अडानी समूह के विभिन्न कारोबारों में निवेशकों का आकर्षण बना हुआ है। प्राथमिक और द्धितीयक बाजारों में निवेशक और रणनीतिक भागीदार कंपनी में रुचि दिखा रहे हैं।

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