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बीजेपी के राष्‍ट्रवाद से सहमत नहीं कमल हासन? कह दी ये बड़ी बात

हासन ने कहा, 'मेरी ज्यादातर फिल्में राजनीति पर होती हैं। हे राम भी राजनीति पर है, दशावतार भी... हर किसी में लोगों को संदेश दिया जाता है, विशेष तौर पर मेरे राज्य के लोगों को। विश्वरूपम पूरे देश के लिए है और इसमें देशभक्ति की बात कही गई है... आसान सौम्य और ईमानदार देशभक्ति की बात कही गई है।'

एक्टर कमल हासन (फोटो सोर्स- फेसबुक/@iKamalHaasan)

फिल्मों से राजनीति में कदम रखने वाले कमल हासन ने राष्ट्रवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि राष्ट्रवाद को किसी के ऊपर थोपा नहीं जा सकता। टाइम्स नाउ को दिए एक इंटरव्यू में हासन से उनकी आने वाली फिल्म ‘विश्वरूपम-2’ को लेकर सवाल किया गया। उनसे पूछा गया कि ‘विश्वरूपम 2’ में राष्ट्रवाद और आतंक को लेकर लड़ाई को दिखाया गया है, तो क्या इसे 2019 के आम चुनावों के लिए कमल हासन की लॉन्चिंग माना जाए? इस सवाल के जवाब में हासन ने कहा, ‘मेरी ज्यादातर फिल्में राजनीति पर होती हैं। हे राम भी राजनीति पर है, दशावतार भी… हर किसी में लोगों को संदेश दिया जाता है, विशेष तौर पर मेरे राज्य के लोगों को। विश्वरूपम पूरे देश के लिए है और इसमें देशभक्ति की बात कही गई है… आसान सौम्य और ईमानदार देशभक्ति की बात कही गई है।’

आसान सौम्य और ईमानदार तरीके की देशभक्ति वाले बयान को लेकर हासन से सवाल किया गया कि क्या वह राष्ट्रवाद के किसी ब्रांड का विरोध करना चाह रहे हैं? इसके जवाब में एक्टर से राजनेता बने हासन ने कहा, ‘हां, कहा जाता है कि ये राष्ट्रवाद है या ये नहीं है… इस तरह से अगर आप सवाल खड़ा करते रहेंगे तो आप देशभक्ति को तोते की तरह रटने की बात कह रहे हैं। मेरे हिसाब से देशभक्ति सच्ची और स्वाभाविक होनी चाहिए और देशभक्ति नेचुरल होगी भी, आपको बस उसे लोगों के ऊपर छोड़ देना होगा और लोग खुद को उस हिसाब से ढाल लेंगे।’

केंद्र पर काबिज बीजेपी का नाम लिए बिना ही विश्वरूपम एक्टर ने थोपी जाने वाली देशभक्ति और राष्ट्रवाद का विरोध किया। जब उनसे पूछा गया कि क्या केंद्र पर काबिज पार्टी द्वारा राष्ट्रवाद को लेकर जो बातें कही जाती हैं, वह उनका विरोध कर रहे हैं, तब हासन ने कहा, ‘इससे कोई मतलब नहीं है। यहां तक कि आजादी के बाद कांग्रेस ने भी देशभक्ति लोगों के ऊपर थोंपनी चाही। अगर उस वक्त मैं होता तो मैं तब भी यही कहता जो आज कह रहा हूं। हां, आजादी हमें उसी तरह की देशभक्ति से मिली है, लेकिन अब का समय नए भारत (न्यू इंडिया) का है, हमें इसे अलग तरह से देखना चाहिए।’

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