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सरकार ने बताया- यूपी में हुए सबसे ज्यादा दंगे, भाजपा शासित महाराष्ट्र दूसरे नंबर पर

केंद्र सरकार ने संसद में सांप्रदायिक हिंसा के बारे में जानकारी दी है।
Author नई दिल्‍ली | December 21, 2017 09:14 am
केंद्र ने संसद भवन में सांप्रदायिक दंगों के बारे में जानकारी दी। (फाइल फोटो)

देशभर में हर साल सांप्रदायिक दंगों में दर्जनों लोगों को जान गंवानी पड़ती है। इसके अलावा व्‍यापक पैमाने पर संपत्ति का भी नुकसान होता है। सरकार ने पिछले तीन वर्षों में हुई सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं की जानकारी साझा की है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, तीन साल में ऐसी 2,098 घटनाएं हुई हैं। इसमें भाजपा शासित राज्‍य शीर्ष पर हैं। केंद्र सरकार ने बुधवार को संसद में इसकी जानकारी दी। सांप्रदायिक हिंसा से निपटने के तमाम दावों के बावजूद इसे रोकने में ज्‍यादा सफलता नहीं मिल पा रही है।

सांप्रदायिक दंगों के मामले में भाजपा शासित राज्‍यों की स्थिति देश के अन्‍य राज्‍यों की तुलना में ज्‍यादा खराब है। केंद्र की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, देशभर में तकरीबन 21 सौ ऐसी घटनाओं में सबसे ज्‍यादा उत्‍तर प्रदेश में हुई हैं। इसके बाद एक अन्‍य भाजपा शासित राज्‍य महाराष्‍ट्र का नंबर आता है। गृह मंत्रालय ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में उत्‍तर प्रदेश में सांप्रदायिक हिंसा से जुड़ी 450 घटनाएं हुईं। इसमें 77 लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा महाराष्‍ट्र में 270 दंगे होने की बात कही गई है। इसमें 32 लोग मारे गए थे। इसके अलावा इन घटनाओं में व्‍यापक पैमाने पर संपत्ति का भी नुकसान हुआ था। मालूम हो कि हर साल देश के विभिन्‍न हिस्‍सों में संप्रदायिक दंगों के कई मामले सामने आते हैं। गृह मंत्रालय इससे जुड़ा आंकड़ा इकट्ठा करता है।

उत्‍तर प्रदेश और महाराष्‍ट्र दोनों राज्‍यों में भाजपा की सरकार है। उत्‍तर प्रदेश में इसी साल हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने प्रचंड बहुमत हासिल कर सरकार बनाई थी। मुख्‍यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्‍यनाथ ने राज्‍य से अपराध को खत्‍म करने का आश्‍वासन दिया था। इससे पहले उत्‍तर प्रदेश में सपा की सरकार थी और अखिलेश यादव मुख्‍यमंत्री थे। वहीं, महाराष्‍ट्र में भाजपा ने शिवसेना के साथ मिलकर सरकार बनाई है। इससे पहले कांग्रेस और राष्‍ट्रवदी कांग्रेस पार्टी की गठबंधन सरकार थी।

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