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र‍ि‍पोर्ट: भूख से नहीं, गलत दवाई खाने से हुई थी तीन सगी बहनों की मौत! SDM की जांच में खुलासा

दिल्ली के एक ही घर में तीन नाबालिग बहनों की मौत के मामले में नया खुलासा हुआ है। एक रिपोर्ट के अनुसार, तीनों बहनों को उनके पिता ने गर्म पानी में एक अज्ञात दवा घोलकर पिलाई थी।

इस तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।(फाइल फोटो)

देश की राजधानी नई दिल्ली में एक ही घर की तीन नाबालिग सगी बहनों की मौत के मामले में नया खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि इनकी मौत भूख की वजह से नहीं बल्कि इनके पिता द्वारा दिए गए एक अज्ञात दवाई की वजह से हुई थी। मंडावली के एसडीएम की जांच रिपोर्ट के अनुसार, 23 जुलाई को तीनों बहनों को उनके पिता ने गर्म पानी में एक अज्ञात दवा घोलकर पिलाई थी। इसके बाद वे फिर 24 जुलाई की सुबह वापस नहीं आए। शक की सुई पिता की ओर है। पिता से पूछताछ के बाद ही पूरा मामला साफ हो पाएगा। वहीं, इस मामले में सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट ने एक रिपोर्ट सौंपी है। इसमें यह बताया गया है कि मृत बच्चों की पोषण की स्थिति सही नहीं थी। वे दस्त और लूज मोशन से पीडि़त थे।

बता दें कि 24 जुलाई को दिल्ली के मंडावली इलाके में एक घर में तीन नाबालिग सगी बहनों की मौत हो गई थी। बच्चे घर में बेहोशी की हालत पड़े थे और मानसिक रूप से विक्षिप्त मां को पता तक नहीं चल पाया। किसी तरह जानकारी होने पर आसपड़ोस के लोग तीन बच्चियों को लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल ले गए, जहां सभी को मृत घोषित कर दिया गया था। इस मामले में प्रारंभिक पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट के अनुसार डॉक्टरों ने बताया था कि इनकी मौत भूख से हुई है। इनके पेट में अनाज का एक दाना नहीं था। बच्चियों के पिता का भी कोई अता-पता नहीं था। वे 23 को घर से बाहर निकलने के बाद वापस नहीं लौटे थे। मां के पास अंतिम संस्कार को पैसे नहीं थे। इस स्थिति में पड़ोसियों ने चंदा इकट्ठा कर बच्चियों का अंतिम संस्कार किया था।

एक ही घर में तीन बच्चियों की भूख से मौत के बाद राजनीति भी तेज हो गई थी। भाजपा और कांग्रेस ने केजरीवाल सरकार पर निशाना साधा। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी पूरे मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद एक फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया था, जहां से उसे कुछ दवाओं की बोतलें और दवाईयां मिली थी।

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