ईयू को भारत की चेतावनी- CoWin सर्टिफ़िकेट को मंज़ूरी नहीं तो यूरोप वालों को कराएँगे क्वॉरंटीन; ब्राज़ील ने रद्द किया 32 करोड़ डॉलर का कोवैक्सीन ऑर्डर

भारत ने कहा है कि अगर यूरोपियन मेडिसिन्स एजेंसी (EMA) ने कोवीशील्ड और कोवैक्सिन को ग्रीन पास में शामिल नहीं किया तो हम भी इन देशों के वैक्सीन सर्टिफिकेट को नहीं मानेंगे। इसके अलावा यूरोपीय देशों के नागरिकों को भारत में क्वारैंटाइन किया जाएगा।

Brazil,Bharat Biotech,Bharat Biotech coronavirus vaccine,Covaxin,Covaxin price,Covaxin procurment,Comptroller General of the Union,Jair Bolsonaro,Precisa Medicamentos,Brazilian government, jansatta
भारत ने यूरोपियन यूनियन को कड़ी चेतावनी दी है। (express file)

यूरोपीय यूनियन (EU) ने अपनी ‘ग्रीन पास’ योजना के तहत यात्रा पाबंदियों में ढील दी है। इसी बीच भारत ने यूरोपियन यूनियन को कड़ी चेतावनी दी है। भारत ने कहा है कि अगर यूरोपियन मेडिसिन्स एजेंसी (EMA) ने कोवीशील्ड और कोवैक्सिन को ग्रीन पास में शामिल नहीं किया तो हम भी इन देशों के वैक्सीन सर्टिफिकेट को नहीं मानेंगे। इसके अलावा यूरोपीय देशों के नागरिकों को भारत में क्वारैंटाइन किया जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक भारत ने समूह के 27 सदस्य राष्ट्रों से अनुरोध किया है कि कोविशील्ड तथा कोवैक्सीन के टीके लगवा चुके भारतीयों को यूरोप की यात्रा करने की अनुमति देने पर वे अलग-अलग विचार करें। उन्होंने कहा कि भारत ने ईयू के सदस्य देशों से कहा है कि वह परस्पर विनिमय की नीति अपनाएगा और ‘ग्रीन पास’ रखने वाले यूरोपीय नागरिकों को अपने देश में अनिवार्य पृथक-वास से छूट देगा बशर्ते उसकी कोविशील्ड और कोवैक्सीन को मान्यता देने के अनुरोध को स्वीकार किया जाए। सूत्रों ने कहा कि भारत ने ईयू से अनुरोध किया है कि कोविन पोर्टल के माध्यम से जारी टीकाकरण प्रमाणपत्र को स्वीकार किया जाए।

यूरोपीय संघ की डिजिटल कोविड प्रमाणपत्र योजना या ‘ग्रीन पास’ योजना बृहस्पतिवार से प्रभाव में आएगी जिसके तहत कोविड-19 महामारी के दौरान स्वतंत्र आवाजाही की अनुमति होगी। इस रूपरेखा के तहत उन लोगों को ईयू के अंदर यात्रा पाबंदियों से छूट होगी जिन्होंने यूरोपीय चिकित्सा एजेंसी (ईएमए) द्वारा अधिकृत टीके लगवाये हैं। अलग-अलग सदस्य राष्ट्रों को उन टीकों को स्वीकार करने की भी स्वतंत्रता है जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर या विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा अधिकृत किया गया है।

एक सूत्र ने कहा, ‘‘हमने ईयू के सदस्य राष्ट्रों से अनुरोध किया है कि भारत में कोविड-19 रोधी टीकों कोविशील्ड और कोवैक्सीन की खुराक ले चुके लोगों को इसी तरह छूट देने पर वे अलग-अलग विचार करें तथा कोविन पोर्टल के माध्यम से जारी टीकाकरण प्रमाणपत्र को स्वीकार करें।’’

सूत्रों के अनुसार इन टीकाकरण प्रमाणपत्रों की वास्तविकता का सत्यापन कोविन पोर्टल पर किया जा सकता है। एक सूत्र ने कहा, ‘‘हमने ईयू के सदस्य देशों को यह भी बताया है कि भारत भी ईयू डिजिटल कोविड प्रमाणपत्र की मान्यता के लिए ऐसी ही पारस्परिक विनिमय वाली नीति बनाएगा।’’

भारत में आशंका रही है कि कोविशील्ड और कोवैक्सीन लगवाने वाले लोग यूरोपीय संघ की ‘ग्रीन पास’ योजना के तहत उसके सदस्य देशों की यात्रा के लिए पात्र नहीं होंगे। ईयू के एक अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के पास कोविशील्ड जैसे विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा अधिकृत टीकों को स्वीकार करने का विकल्प होगा।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को यूरोपीय संघ के उच्च प्रतिनिधि, जोसफ बोरेल फोंटेलेस के साथ बैठक के दौरान कोविशील्ड को ईयू के डिजिटल कोविड प्रमाणपत्र योजना में शामिल करने का मुद्दा उठाया था। इटली में जी20 की शिखरवार्ता से इतर यह बैठक हुई थी।

वहीं ब्राज़ील के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भारत बायोटेक के साथ हुए अनुबंध को सस्पेंड करने का फैसला किया है। ब्राज़ील के स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि कम्पट्रोलर जनरल कार्यालय की सिफारिश पर कोवैक्सीन के अनुबंध को अस्थायी रूप से निलंबित करने का निर्णय लिया।

ब्राजील में इस डील पर काफी सवाल खड़े हो रहे थे, जिसके बाद अब 32 करोड़ डॉलर के इस कॉन्ट्रैक्ट को सस्पेंड कर दिया गया है। डील के मुताबिक, ब्राजील को भारत बायोटेक से कुल 2 करोड़ वैक्सीन की डोज़ खरीदनी थीं। लेकिन इस सौदे को लेकर ब्राजील में सवाल खड़े किए गए और राष्ट्रपति जायर बोल्सोनेरो पर भ्रष्टाचार को छुपाने के आरोप लगाए गए।

पढें राष्ट्रीय समाचार (National News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट