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‘कृष्ण पर आपत्तिनजक टिप्पणी’ पर भड़की ABVP, दयाल सिंह कॉलेज के फैकल्टी मेंबर पर लगाया छात्रों का ‘ब्रेनवॉश’ का आरोप

वहीं अपने बचाव में प्रोफेसर कुंवर ने कहा कि विवाद राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने कहा, 'मैंने फेसबुक या सोशल मीडिया किसी भी प्लेटफॉर्म पर इस तरह के कमेंट नहीं किए। जो मनगढ़ंत कहानियां है वो राजनीति से प्रेरित हैं ताकि कैंपस में बोलने की आजादी का खात्मा किया जा सके।'

Author नई दिल्ली | Published on: October 1, 2019 12:04 PM
डीयू का दयाल सिंह कॉलेज।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोशल मीडिया पर भगवान कृष्ण के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी पर भाजपा की छात्र ईकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने सोमवार को सख्त एतराज जताया। छात्र संघठन ने इसके खिलाफ डीयू के दयाल सिंह कॉलेज में प्रदर्शन भी किया। संगठन ने इस दौरान हिंदी विभाग के शिक्षक पर छात्रों का ‘ब्रेनवॉश’ करने का आरोप लगाते हुए कॉलेज प्रशासन से सेवा उन्हें से बर्खास्त करने की मांग की।

इसी बीच हिंदी विभाग के कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें एबीवीपी कार्यकर्ताओं द्वारा उस वक्त पीटा गया जब वो हिंदी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर राजीव कुंवर के समर्थन में आए। एबीवीपी ने प्रोफेसर कुमार पर ही छात्रों का ब्रेनवॉश करने का आरोप लगाया है। दरअसल मामला कॉलेज छात्रों की एक फेसबुक पोस्ट पर टिप्पणियों से संबंधित हैं, जो कि दयाल सिंह मजीठिया स्टडी सर्कल द्वारा आयोजित एक सत्र में है। सत्र के दौरान कुंवर ‘पितृसत्ता और भारत में महिला प्रतिशोध: एक ऐतिहासिक पूछताछ’ पर बातचीत की थी।

एबीवीपी के स्टेट मीडिया इंचार्ज आशुतोष सिंह का दावा है, ‘हमने प्रशासन के गैर जिम्मेदार व्यवहार और बिना अनुमोदन के वामपंथी समर्थित छात्रों के समूहों द्वारा आयोजित स्टडी सर्कल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने पर अंसतोष व्यक्त किया है। यहां यह बताता उचित होगा कि हिंदी का एक प्रोफेसर छात्रों को उन मूल्यों के प्रति प्रेरित करने की कोशिश कर रहा है जो भारतीय सभ्यतागत लोकाचार के साथ विचरण कर रहे हैं।’

उधर एबीवीपी की यूनिट प्रेसीडेंट सोनाक्षी डोगरा ने कहा कि जब पूरा देश नवरात्रि महोत्व मना रहा है ऐसे वक्त में प्रोफेसर के इस तरह के बेहूदा आचरण के लिए एक सरसरी योजना की ओर इशारा करता है। कॉलेज में सांप्रदायिक वैमनस्य खत्म किया जाना चाहिए।

वहीं अपने बचाव में प्रोफेसर कुंवर ने कहा कि विवाद राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने कहा, ‘मैंने फेसबुक या सोशल मीडिया किसी भी प्लेटफॉर्म पर इस तरह के कमेंट नहीं किए। जो मनगढ़ंत कहानियां है वो राजनीति से प्रेरित हैं ताकि कैंपस में बोलने की आजादी का खात्मा किया जा सके।’ उन्होंने कहा कि मामले के निपटारे के लिए विभाग में मंगलवार को एक मीटिंग होगी।

बात दें कि कॉलेज में अंतिम वर्ष के छात्र आशुतोष ने दावा किया, ‘हम राजीव कुंवर सर के समर्थन में आए तो एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने हमारे साथ मारपीट की।’

वहीं मामले की पड़ताल के लिए जब एंडियन एक्सप्रेस ने कॉलेज के प्रिंसिपल आईएस बख्शी को मेल किया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। फोन कॉल्स के जरिए भी उनसे संपर्क साधने की कोशिश की गई थी।

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