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यूपी में हुए सियासी बवाल पर बोले पूर्व डीजीपी, अधमरा सांप छोड़ना ठीक नहीं, खोदकर ज़मीन में गाड़ दें

पूर्व अधिकारी बोलने लगे कि हर पार्टी में ऐसे गुंडे होते हैं। पुलिस को चाहिए था कि वह चुनाव पूर्व सक्रिय होती और ऐसे लोगों को काबू में लाती।

यूपी पंचायत चुनाव में पुलिस को कई जगह लाठीचार्ज भी करना पड़ गया।(पीटीआई)।

यूपी के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह का कहना है कि यूपी पंचायत चुनाव को लेकर जो बवाल मचाया गया उसमें पुलिस ने जो कार्रवाई की है उससे वे संतुष्ट हैं लेकिन उससे ज्याादा की अपेक्षा थी। विक्रम सिंह ने एबीपी न्यूज से बातचीत में कहा कि अधमरा सांप छोड़ देना ठीक नहीं है। जो आरोपी हैं उन पर रासुका या गैंगस्टर एक्ट लगाना चाहिए था। पुलिस की भाषा में कहते हैं कि ऐसे आरोपियों को जमीन में गाड़ देना चाहिए था। पूर्व अधिकारी बोलने लगे कि हर पार्टी में ऐसे गुंडे होते हैं। पुलिस को चाहिए था कि वह चुनाव पूर्व सक्रिय होती और ऐसे लोगों को काबू में लाती।

मालूम हो कि सूबे के बहराइच जिले में ब्लॉक पंचायत प्रमुख के चुनाव के लिए मतदान से पहले कथित तौर पर ब्लॉक विकास समिति (बीडीसी) की एक सदस्य को अगवा करने का विरोध करने पर उसके रिश्तेदार की कुछ लोगों ने हत्या कर दी। ग्रामीणों के अनुसार बृहस्पतिवार की रात करीब दो बजे शिवपुर ब्लॉक से भाजपा की ब्लॉक प्रमुख उम्मीदवार सरिता यज्ञसेनी के पति सुधीर यज्ञसेनी अपने साथियों व गनर के साथ थाना खैरीघाट अंतर्गत दीनापुरवा गांव में एक महिला बीडीसी सदस्य यदुराई देवी का वोट पाने के लिए उसे अगवा करने पहुंचे थे।


इसका बीडीसी सदस्य के जेठ मायाराम (60) ने विरोध किया तो सुधीर व उनके साथियों ने उनसे मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि बंदूक के बट से मायाराम को पीटा गया जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। पुलिस अधीक्षक सुजाता सिंह ने बताया कि घटना के संबंध में प्रत्याशी के पति सुधीर यज्ञसेनी व प्रत्याशी की सुरक्षा में लगाए गये पुलिस कर्मी (गनर) सहित पांच नामजद व पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या व अन्य सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। एक नामजद आरोपी राम भुलावन शुक्ल व पुलिस कर्मी जीतेन्द्र कुमार सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने बताया कि प्रत्याशी के पति सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु चार टीमें गठित की गई हैं और मामले की जांच शुरू कर दी गयी है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम है फिर भी एहतियातन पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अभियुक्तों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।

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