तृणमूल कांग्रेस (TMC) चीफ और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक के नरम रुख के बाद अब टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने बड़ा दिल दिखाया है। कल्याण बनर्जी ने कहा कि अभिषेक मेरे बेटे जैसा है, मैंने उसे माफ कर दिया है।

न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए कल्याण बनर्जी ने कहा कि कल अभिषेक ने बयान दे दिया है। मैं भी अभिषेक को अपने बेटे की तरह मानता हूं। पिता का कर्तव्य है कि बेटे की सभी गलतियों को माफ करना। मैंने उसे माफ कर दिया है।

कल्याण बनर्जी ने कहा कि हम सभी को मिलकर लड़ना होगा। देश में और पश्चिम बंगाल में गणतंत्र खतरे में हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में कभी ऐसा नहीं हुआ कि विरोधी पार्टी को समाप्त कर दिया जाए। यह गणतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है। बनर्जी ने कहा कि अगर अपोजिशन नहीं रहेगा, तो लोग कहां अपनी आवाज उठाएंगे।

अभिषेक और कल्याण बनर्जी के बीच क्या था मामला?

इससे पहले टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को लोकसभा सांसद कल्याण बनर्जी की “अहंकारी” टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वरिष्ठ पार्टी नेता को कुछ कठोर शब्द कहने का अधिकार है, क्योंकि उन्होंने उन्हें बचपन से बड़ा होते देखा है।

पीटीआई के अनुसार, अभिषेक ने कहा, “कल्याण बनर्जी ने मुझे बचपन से देखा है। वह पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। उन्हें मुझसे कुछ कड़े शब्द कहने का पूरा अधिकार है। इस पर अनावश्यक विवाद खड़ा करने की कोई जरूरत नहीं है।”

बता दें, कल्याण बनर्जी ने अभिषेक के नेतृत्व को लेकर अपनी निराशा व्यक्त की थी और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी से भतीजे अभिषेक और खुद का चुनाव करने को कहा था।

उन्होंने कहा था, “मैं ममता बनर्जी के साथ हूं , लेकिन दीदी को यह तय करना होगा कि वह अभिषेक के साथ रहेंगी या टीएमसी के साथ। ममता दीदी को पहले फैसला लेना होगा। अगर वह अभिषेक के बिना पार्टी नहीं चला सकतीं, तो मैं वहां नहीं रहूंगा।” उन्होंने आगे कहा, “उनका अहंकार सारी हदें पार कर चुका है। अगर वे पार्टी में बने रहते हैं, तो मुझे सोचना पड़ेगा कि मुझे पार्टी में बने रहना चाहिए या नहीं।”

यह विवाद विधानसभा में हस्ताक्षर जालसाजी मामले से संबंधित कार्यवाही के कारण शुरू हुआ। जहां अनुभवी सांसद से कलकत्ता उच्च न्यायालय के समक्ष अभिषेक का बचाव करने की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन बाद में उन्होंने खुद को इस मामले से अलग कर लिया। उन्होंने कहा था कि वे कानूनी मामलों में अभिषेक की ओर से पेश नहीं होंगे।

टीएमसी के टूटने से भाजपा को होगा फायदा, लेकिन पार्टी को अलर्ट रहने की जरूरत है

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद से ममता बनर्जी की पार्टी बिखरती जा रही है। ममता के करीबी नेता जो कभी उनके हमदर्द हुआ करते थे, अब बगावत का बिगुल फूंक चुके हैं। ऐसे में टीएमसी के कई नेता ममता बनर्जी से मुंह मोड़ चुके हैं। हालांकि, जो अभी भी टीएमसी में शामिल हैं तो उनके भी बोल बदल चुके हैं। पढ़ें पूरी खबर।