तृणमूल कांग्रेस में भारी बगावत के बीच पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर जो लोग पार्टी छोड़कर गए हैं, उन्हें मुझसे कोई दिक्कत है तो मैं 1 घंटे के अंदर इस्तीफा दे दूंगा बस वह दीदी के पास वापस आ जाएं। हालांकि उन्होंने बागी विधायकों और सांसदों से बीजेपी के साथ डील करने का आरोप लगाया है।

अभिषेक बनर्जी ने इस्तीफा देने की कही बात

अभिषेक बनर्जी में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “जो लोग पार्टी छोड़कर आज मुझे बुरा-भला कह रहे हैं या मुझ पर आरोप लगा रहे हैं, मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि वे दीदी (ममता बनर्जी) के पास वापस आ जाएं। अगर वे ऐसा करते हैं, तो मैं एक घंटे के अंदर पार्टी से इस्तीफ़ा दे दूंगा। लेकिन वे ऐसा नहीं करेंगे। उन्होंने BJP के साथ डील की है कि पार्टी छोड़ो, बागी गुट या BJP में शामिल हो जाओ, ED, CBI और दूसरी एजेंसियों से सुरक्षा लो और फिर अभिषेक बनर्जी पर आरोप लगाओ और उन्हें बुरा-भला कहो।”

टीएमसी के बागियों को खुशखबरी

लोकसभा स्पीकर ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से अलग होकर एनसीपीआई में शामिल होने वाले 20 सांसदों के लिए अलग बैठने की व्यवस्था को मंजूरी दे दी। इससे सदन में TMC के बागी सांसदों की उपस्थिति को औपचारिक रूप से मान्यता मिल गई। बंगाल में टीएमसी की हार बाद पार्टी के 28 में से 20 सांसदों ने बगावत की है। पार्टी के 60 से अधिक विधायक भी बागी हो चुके हैं।

गिराया गया अभिषेक बनर्जी का दफ्तर

आज ही अभिषेक बनर्जी के अवैध रूप से बने दफ्तर को ध्वस्त कर दिया गया। इस पांच मंजिला दफ्तर को गिराने के लिए तीन बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया। प्रशासन का कहना है कि पांच मंजिला इमारत बिना मंजूर बिल्डिंग प्लान के और बिल्डिंग नियमों का उल्लंघन करके बनाई गई थी। मौके पर बंगाल पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवान तैनात थे। एहतियात के तौर पर फायर और इमरजेंसी सर्विस के कर्मचारी भी मौजूद थे।

अभिषेक का यह ऑफिस अमताला में था, जो अभिषेक बनर्जी के डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र में आता है। इमारत गिराए जाने से पास में जमा बीजेपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खुशी का माहौल था और उन्होंने पार्टी के समर्थन में नारे लगाए।

अमताला से बीजेपी विधायक अग्निश्वर नस्कर ने इस कार्रवाई का स्वागत किया और आरोप लगाया कि इमारत बिल्डिंग नियमों का उल्लंघन करके बनाई गई थी। नस्कर ने कहा, “यह ढांचा गैर-कानूनी तरीके से बनाया गया था और प्रशासन ने आखिरकार कानून के मुताबिक कार्रवाई की है।”

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पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए बुधवार का दिन दो बड़े झटकों वाला रहा। दीदी के दो पुराने करीबी नेताओं ने टीएमसी छोड़ने का ऐलान कर दिया। इसमें एक नाम मदन मित्रा का है तो दूसरा अनुब्रत मंडल का। ये दोनों ही टीएमसी के शासनकाल के दौरान ममता बनर्जी की एक बड़ी ताकत माने जाते थे। इन नेताओं के पार्टी छोड़ने पर पूर्व सीएम पहली प्रतिक्रिया आई है। पढ़िए पूरी खबर…