देश की शिक्षा व्यवस्था और हालिया परीक्षा विवादों को लेकर जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद डिजिटल आउटफिट ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के फाउंडर अभिजीत दीपके ने सरकार पर निशाना साधते हुए आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है। दीपके ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबा पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर शनिवार को हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन में हजारों लोगों ने हिस्सा लिया और यह दिखाया कि एकजुट होकर लोग अपनी आवाज बुलंद कर सकते हैं।
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी
उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन में शामिल अधिकांश लोगों ने पहले कभी किसी आंदोलन में भाग नहीं लिया था, लेकिन शिक्षा व्यवस्था को लेकर उनके भीतर गहरा आक्रोश और निराशा थी। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल लोगों, खासकर छात्रों और बच्चों का धन्यवाद करते हुए कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद उनकी भागीदारी ने यह साबित कर दिया कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत है।
दीपके ने अपनी पोस्ट में कहा कि सरकार एकजुट और शांतिपूर्ण जनआंदोलन को नजरअंदाज नहीं कर सकती। उन्होंने समर्थकों से डरने के बजाय संगठित रहने का आह्वान भी किया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए दीपके ने आरोप लगाया कि उन्होंने “पूरी एक पीढ़ी के साथ अन्याय किया है।” उन्होंने कहा कि अगर अगले सात दिनों के अंदर धर्मेंद्र प्रधान को पद से नहीं हटाया गया या उन्होंने खुद से इस्तीफा नहीं दिया, तो आंदोलन को जमीन पर और व्यापक स्तर पर जारी रखा जाएगा।
दीपके ने यह भी बताया कि रविवार को इंस्टाग्राम लाइव के जरिए समर्थकों को संबोधित करेंगे और आंदोलन की आगे की रणनीति शेयर करेंगे।गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर हुए इस प्रदर्शन को हाल के दिनों में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा संबंधी विवादों को लेकर हुए प्रमुख विरोध प्रदर्शनों में से एक माना जा रहा है। हालांकि सरकार की ओर से दीपके के इस बयान पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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नीट पेपर लीक और सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग में आई गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को कहा कि यह मांग “राजनीतिक” है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं रहे हैं, बल्कि समस्या को दूर करने के लिए कई कदम उठा चुके हैं। पूरी खबर पढ़ें…
