कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके शनिवार सुबह दिल्ली पहुंचे और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू किया। उनका यह प्रदर्शन पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित तौर पर अनिमितताओं को लेकर रहा।
प्रदर्शन कर रहे सीजेपी के कार्यकर्ताओं और युवाओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। यह प्रदर्शन भारी सुरक्षा के बीच हो रहा है और इसमें हजारों की तदाद में युवाओं ने भाग लिया।
अभिजीत दीपके ने लोगों से क्या कहा?
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “मेरे दोस्तों, यह संघर्ष लंबा चल सकता है। सोशल मीडिया पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को शुरू हुए एक माह हो गया लेकिन ये लोग इतने बेशर्म हैं कि कार्रवाई करने के बजाय, वे हमारे अकाउंट को हैक करने में और हमारी पोस्ट को डिलीट करवाने जैसे कामों में लगे हुए हैं। आप हमारी पोस्ट हटा सकते हैं, लेकिन आप हमें इस मंच से नहीं मिटा सकते।”
इस दौरान धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के अलावा, प्रदर्शनकारी पांच बड़ी अन्य मांगे भी कर रहे हैं…
1. शिक्षा में डिजटलीकरण उचित ट्रेनिंग के बाद हो
दिल्ली में हायर स्टडीज की पढ़ाई कर रहे 3 छात्रों के पिता राधेश्याम ने एचटी से कहा, “हम बैकिंग से लेकर शिक्षा सबकुछ डिजिटल कर रहे हैं, लेकिन क्या हम गड़बड़ियों को रोक पा रहे हैं? जवाब है नहीं। बैंकिंग में बड़े पैमाने पर धांधली हो रही है,अब हम शिक्षा क्षेत्र में भी डिजिटलीकरण का प्रभाव देख रहे हैं। मैं इसके खिलाफ नहीं हूं लेकिन इसे शिक्षकों के उचित मूल्यांकन और ट्रेनिंग के बाद ही लागू किया जाना चाहिए।”
2. मणिपुर में शिक्षा का सामान्य संचालन हो
32 वर्षीय सामाजिक उद्यमी विन्सन ने कहा, पिछले तीन सालों के मणिपुर में अशांति फैली हुई है। मेरे राज्य में स्कूल, कॉलेज समेत अन्य संस्थान सामान्य रूप से नहीं चल रहा है। वहां छात्र बहुत परेशान हैं। परेशान होकर विन्सन दो साल पहले मणिपुर छोड़ नोएडा आ गए हैं।
3. प्रतियोगी परीक्षाओं में निष्पक्षता और विश्वसनीयता आए
राजस्थान की मूल निवासी और दिल्ली में रहने वाली 34 वर्षीय गायत्री सिंह ने कहा, “मेरा चचेरा भाई परिवार से दूर, कोटा में एक छोटे से कमरे में रहकर NEET की तैयारी कर रहा था। उसे उम्मीद थी कि अगर उसे कम रैंकिंग वाले कॉलेज में भी दाखिला मिल जाए, तो वह उसमें एडमिशन ले लेगा। लेकिन फिर परीक्षा लीक हो गई। वह तीन साल से अधिक समय से तैयारी कर रहा है। हमें नहीं पता कि उसे दोबारा परीक्षा देने के लिए कैसे कहें।”
4. छात्रों और अभिभावकों को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर ध्यान
दिल्ली के 18 वर्षीय रौनक कुमार ने कहा, “मैं पार्टी पर ऑनलाइन नजर रख रखी थी, लेकिन मुझे यकीन नहीं था कि मुझे प्रदर्शन में आना चाहिए या नहीं। मैं सुबह 10 बजे रोहिणी स्थित अपने ऑफिस जा रहा था लेकिन मैंने अचानक सोचा जाकर देख लेता हूं।
रौनक ने आगे कहा, मुझे पार्टी के भविष्य के बारे में तो नहीं पता, लेकिन फिलहाल कम से कम वे उन मुद्दों को उठा रहे जो हर किसी के लिए मायने रखता है चाहे वह छात्र हों या अभिभावक।
5. छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जवाबदेही और ध्यान
पेशे से मनोवैज्ञानिक 38 वर्षीय सुंगधा ने एचटी से कहा, सीजेपी आंदोलन सोशल मीडिया से लोगों को जमीन पर लाने में कामयाब रहा, जिसके मायने हैं कि वे उन मुद्दों पर बात कर रहे हैं, जिन्हें लोग कुछ न कुछ जुड़ाव महसूस करते हैं। कुछ छात्रों ने सुसाइड कर लिया और लाखों छात्र लगातार मानसिक दबाव में हैं, जिसकी कोई जवाबदेही नहीं है।
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कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल होने दिल्ली के जंतर-मंतर पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पहुंच गए हैं। उन्होंने इस आंदोलन को समर्थन देने का हाल ही में ऐलान किया है। पहुंचने के दौरान उन्होंने युवाओं को अपना मैसेज दिया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
