भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने मंगलवार को दावा किया कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दीपके भविष्य में भीम आर्मी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि हर जन आंदोलन से राजनीतिक नेता निकलते हैं।

झारखंड के गोड्डा से सांसद दुबे ने कहा कि हालांकि, आंदोलन से जुड़े लोग अब भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना नेता मानते हैं और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उनकी ओर देखते हैं। निशिकांत दुबे ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ”हर आंदोलन ने राजनीतिक नेता दिए हैं। जेपी आंदोलन से लालू प्रसाद यादव जैसे नेता निकले। अरविंद केजरीवाल भी अन्ना हजारे के आंदोलन से ही सामने आए थे।”

अभिजीत दीपके भी राजनीतिक पार्टी में शामिल होंगे- बीजेपी सांसद

बीजेपी सांसद ने कहा, ”अभिजीत दीपके भी भविष्य में चुनाव लड़ सकते हैं। नेपाल में भी, ‘जेन जी’ आंदोलन से जुड़े लोग आखिरकार किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल हो गए। इसी तरह, अभिजीत दीपके भी किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल होंगे। मैं पूरे यकीन के साथ कह सकता हूं कि वह भीम आर्मी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे।”

निशिकांत दुबे ने दावा किया कि दीपके के आसपास नारे लगाने वाले लोग भीम आर्मी के समर्थक थे। उन्होंने आरोप लगाया, “अभिजीत दीपके के आसपास नारे लगाने वाले लोग भीम आर्मी के समर्थक हैं और वे लोग हैं, जिन्होंने सीएए का विरोध किया था, जिसमें ओखला में लंबे समय तक चले विरोध प्रदर्शन से जुड़े लोग भी शामिल हैं। उनका एजेंडा साफ है।”

युवाओं को किसी पर भरोसा है तो वह पीएम मोदी हैं- निशिकांत दुबे

दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को राजग संसदीय दल की बैठक के दौरान युवाओं से जुड़े मुद्दों पर बात की। उन्होंने कहा, ”यह आंदोलन अब भी प्रधानमंत्री मोदी को अपना नेता मानता है। अगर युवाओं का किसी पर भरोसा है, तो वह प्रधानमंत्री मोदी हैं।” भाजपा सांसद ने कहा, ”इस आंदोलन से जुड़े युवाओं ने बार-बार एक ही बात कही है, प्रधानमंत्री तक यह बात पहुंचाई जाए कि इन मामलों में पारदर्शिता होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।” उन्होंने कहा, ”प्रधानमंत्री मोदी ने भी आज अपने भाषण में इस बारे में बात की।”

जब निशिकांत दुबे से आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल द्वारा मोदी को ‘सबसे बड़ा राष्ट्र-विरोधी’ कहे जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस पर कोई प्रतिक्रिया देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, ”अगर सड़क पर चलता हुआ कोई व्यक्ति कोई टिप्पणी करता है, तो क्या प्रधानमंत्री उसका जवाब देंगे? क्या प्रधानमंत्री को ऐसे हर बयान पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए?” भाजपा सांसद ने केजरीवाल पर कहा, “लोकपाल आंदोलन अन्ना हजारे की वजह से हुआ था लेकिन जब केजरीवाल मुख्यमंत्री थे, तो क्या वह कभी अन्ना हजारे से मिलने गए? क्या लोकपाल लागू हुआ? क्या दिल्ली में लोकपाल नियुक्त किया गया? आप किस तरह के लोगों की बात कर रहे हैं?”

कॉकरोच जनता पार्टी का विरोध प्रदर्शन

नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को हजारों लोग ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के ‘चलो संसद’ मार्च में शामिल हुए। अभिजीत दीपके के नेतृत्व में सीजेपी ने 20 जून को जंतर-मंतर पर देश की परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। 28 जून को एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने के बाद इस प्रदर्शन को और गति मिली।

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 जंतर-मंतर पर सोमवार को संसद मार्च के दौरान सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता विजेता दहिया का बर्गर खाते हुए वीडियो वायरल हुआ था। इसको लेकर सीजेपी के ही कई समर्थकों और आलोचकों ने उनकी आलोचना की थी। अब सीजेपी ने विजेता दहिया के खिलाफ एक्शन लिया है और उन्हें मुख्य प्रवक्ता के पद से हटा दिया है। सीजेपी ने उनके व्यवहार को बेहद असंवेदनशील और अस्वीकार्य बताया है। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें

(इनपुट-भाषा)