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जहां रहा करते थे एपीजे अब्दुल कलाम, जुलाई में कार्यकाल खत्म होने के बाद उसी बंगले में रहेंगे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी

फिलहाल यहां संस्कृति मंत्री महेश शर्मा रहते हैं, जिनसे यह बंगला खाली करने को कहा गया है।

सूत्रों के मुताबिक उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनावों के बाद अप्रैल तक महेश शर्मा बंगला खाली कर देंगे।

इस साल जुलाई में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। इसके बाद उन्हें लुटियंस जोन में वह बंगला दिया जाएगा, जहां पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम रहा करते थे। कार्यकाल खत्म होने के बाद राष्ट्रपति मुखर्जी का पता होगा 10 राजाजी मार्ग। फिलहाल यहां संस्कृति मंत्री महेश शर्मा रहते हैं, जिनसे यह बंगला खाली करने को कहा गया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, प्रधानमंत्री कार्यालय ने कुछ दिनों पहले पूछा था कि अगर आपका बंगला प्रणब मुखर्जी को दे दिया जाए, जो आपको कोई एतराज तो नहीं है। मैंने इसे खाली करने की मंजूरी दे दी है, क्योंकि अब मैं इसे इस्तेमाल नहीं करता।

गौतमबुद्ध नगर से सांसद शर्मा नोएडा के सेक्टर 15 में रहते हैं और बैठकों के लिए अपने आधिकारिक बंगले का इस्तेमाल करते हैं। उनका निजी स्टाफ भी वहीं से काम करता है। सूत्रों के मुताबिक उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनावों के बाद अप्रैल तक महेश शर्मा बंगला खाली कर देंगे। फिलहाल वह चुनावी कैंपेन में व्यस्त हैं। सूत्रों ने बताया कि उन्होंने ड्यूप्लेक्स बंगला खाली करने के बदले टाइप-8 के बंगले की मांग की है।

10 राजाजी मार्ग वाला बंगला 11,776 स्क्वेयर फुट में फैला हुआ है, जिसके ग्राउंड फ्लोर पर एक लाइब्रेरी और पढ़ने का कमरा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक राष्ट्रपति मुखर्जी ने एेसा बंगले की मांग की है, जिसमें पढ़ने और लिखने की पर्याप्त जगह हो। इससे पहले सरकार ने राष्ट्रपति मुखर्जी को डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम रोड (पूर्व में औरंगजेब रोड) पर बंगला नंबर 34 देने का विचार बनाया था, जिसमें पूर्व लोकसभा स्पीकर पी.ए संगमा रहा करते थे। फिलहाल यह उनके परिवार के पास है। यह बंगला भी टाइप-8 का है, लेकिन यह एक मंजिला इमारत ही है।

पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम 2015 में अपने निधन तक 10 राजाजी मार्ग पर ही रहा करते थे। इसके बाद यह बंगला महेश शर्मा को दे दिया गया। हालांकि उन्हें यह बंगला दिए जाने की लोगों ने काफी आलोचना भी की थी। शर्मा ने अपने एक बयान में पूर्व राष्ट्रपति को एक मुस्लिम होने के बावजूद राष्ट्रवादी बता दिया था। लोगों ने यह भी मांग की थी कि इस बंगले को कलाम का मेमोरियल बना दिया जाए।
प्रेजिडेंट पेंशन रूल्स 1962 के मुताबिक रिटायर हो चुके एक राष्ट्रपति का पूरे भारत में कहीं भी उसकी मर्जी की जगह पर रहने का इंतजाम किया जाएगा और उसे आजीवन बिजली और पानी का बिल नहीं चुकाना होगा।

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