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अटल बिहारी वाजपेयी ने कभी नहीं कहा इंदिरा को दुर्गा, फिर भी उनके साथ कैसे जुड़ गया यह नाम, जानिए

पूर्व प्रधानमंत्री का कहना था कि अखबार वालों ने इस बात को लिख दिया और यह बात चल निकली।

Author नई दिल्ली | December 25, 2017 10:01 am
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी। (Express archive photo)

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा इंदिरा गांधी को ‘दुर्गा’ कहने की बात बहुत पुरानी है। लेकिन, क्या वाजपेयी ने सच में इंदिरा को ‘दुर्गा’ बताया था? आज (25 दिसंबर 2017) अटल बिहारी वाजपेयी अपना 93वां जन्मदिन मना रहे हैं, लेकिन क्या वाजपेयी ने सचमुच ऐसा बयान दिया था इस पर कयास और तरह तरह के बयान दिखने-सुनने को मिलते हैं। यहां हम आपको एक वीडियो दिखाएंगे जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री ने एक टीवी कार्यक्रम में खुद इस बात पर स्थिति स्पष्ट की थी। इसमें वाजपेयी ने बताया था कि उन्होंने ऐसा कभी कहा ही नहीं था। अखबार वालों ने इस बात को लिख दिया और फिर यह बात चल निकली। वाजपेयी ने बताया कि उन्होंने बार-बार इसका खंडन किया, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ।

अटल बिहारी वाजपेयी के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को ‘दुर्गा’ कह कर संबोधित किया था। एक टीवी कार्यक्रम में इस बाबत पूछे जाने पर वाजपेयी ने कहा था, ‘मैंने उन्हें कभी दुर्गा नहीं कहा था। अखबार वालों ने छाप दिया उसके बाद मैं इस बात का खंडन करता रहा, लेकिन वे कहते रहे कि मैंने कहा, मैंने कहा…। इस पर बहुत खोज हुई थी। पुपुल जयकर इंदिरा गांधी पर किताब लिख रही थीं और वह चाहती थीं कि उसमें इस बात का भी उल्लेख हो कि वाजपेयी ने इंदिरा गांधी को दुर्गा कहा है। इस बात की जानकारी लेने के लिए वह मेरे पास आई थीं और मैंने उन्हें बताया था कि मैंने ऐसा कुछ नहीं कह था। फिर वह पुस्ताकालय की सारी किताबें छान ली थीं, लेकिन ऐसा कहीं नहीं मिला था। इसके बावजूद अभी भी दुर्गा मेरे पीछे है।’

प्रचलित धारणा के अनुसार, अटल बिहारी वाजपेयी ने 1971 की लड़ाई के बाद बांग्लादेश के अस्तित्व में आने के उपरांत इंदिरा गांधी को ‘मां दुर्गा’ कहा था। कथित तौर पर इसके बाद इंदिरा गांधी ने इसे स्वीकार करने से यह कहते हुए इंकार कर दिया था कि देश के कई हिस्सों में दलित महिषासुर को भी पूजते हैं। हालांकि, खुद वाजपेयी ने इसका कई मौकों पर खंडन किया था, लेकिन यह बात उनके साथ ही चलती  रही। अटल बिहारी वाजपेयी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की ओर से प्रधानमंत्री बने थे। वह तीन बार इस पद पर रहे थे। हालांकि, वह एक बार ही पांच साल का कार्यकाल पूरा कर पाए थे। वाजपेयी को एक प्रखर वक्ता के तौर पर भी याद किया जाता है।

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