आईटीसी (ITC) के लोकप्रिय आशीर्वाद एमपी चक्की आटा को लेकर खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) और कंपनी आमने-सामने हैं। विवाद पैकेट पर लिखे ‘100% आटा’ और ‘100% मध्य प्रदेश व्हीट’ दावों को लेकर है। FSSAI ने इन दावों को भ्रामक बताते हुए कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है। वहीं, आईटीसी ने इस कार्रवाई को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने फिलहाल आईटीसी को अंतरिम राहत देते हुए FSSAI को कंपनी का लाइसेंस रद्द करने पर फैसला लेने से रोक दिया है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक कंपनी के खिलाफ इस मामले में कोई कठोर कार्रवाई न की जाए। मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी। हालांकि, कोर्ट यह भी देखेगा कि आईटीसी की याचिका पर सुनवाई करने का अधिकार दिल्ली हाईकोर्ट के पास है या नहीं।
आखिर ‘100%’ लिखने पर FSSAI को क्यों है आपत्ति?
आईटीसी ने अपनी याचिका में FSSAI की 28 मई की एडवाइजरी को चुनौती दी है। इस एडवाइजरी में खाद्य उत्पादों के लेबल, पैकेजिंग और प्रचार सामग्री पर ‘100%’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल बंद करने की बात कही गई थी।
FSSAI का तर्क है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम या उसके नियमों में ‘100%’ शब्द की कोई निर्धारित कानूनी परिभाषा नहीं है। ऐसे शब्द उपभोक्ताओं के मन में उत्पाद की शुद्धता, गुणवत्ता या श्रेष्ठता को लेकर ऐसी धारणा बना सकते हैं, जो उन्हें गुमराह कर सकती है।
अगस्त में जारी हुए दो नोटिस
इस विवाद में आईटीसी को अगस्त में दो अहम नोटिस भी मिले। 10 अगस्त को FSSAI ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा कि ‘100% आटा’ जैसे दावों का इस्तेमाल करने और 28 मई की एडवाइजरी का पालन नहीं करने पर उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।
इसके बाद 13 अगस्त को सेंट्रल लाइसेंसिंग अथॉरिटी ने आईटीसी, उत्पाद बनाने वाली दो कंपनियों और एक ई-कॉमर्स फूड बिजनेस ऑपरेटर को ‘इम्प्रूवमेंट नोटिस’ जारी किया।
नोटिस में ‘आशीर्वाद एमपी चक्की आटा’ के लेबल, विज्ञापनों और वेबसाइट से ‘100% आटा’, ‘100% मध्य प्रदेश व्हीट’ और ‘0% मैदा’ से जुड़े दावों को हटाने का निर्देश दिया गया। FSSAI ने चेतावनी दी कि 15 दिनों के भीतर निर्देश का पालन नहीं करने पर लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है।
आईटीसी ने क्या कहा?
आईटीसी का कहना है कि अगस्त में जारी नोटिस में कहीं यह नहीं कहा गया कि उसका ‘100% आटा’ दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है। कंपनी ने नियामक के रुख को ‘पूरी तरह अवैज्ञानिक और अप्रमाणित धारणाओं’ पर आधारित बताया है।
कंपनी ने यह भी सवाल उठाया कि जहां कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए उसे 30 दिन का समय दिया गया, वहीं उसके महज तीन दिन बाद इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी कर दिया गया।
आईटीसी ने FSSAI की एडवाइजरी की वैधता पर भी सवाल खड़े किए हैं। कंपनी का तर्क है कि एडवाइजरी जारी करते समय निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और इसका कानून जैसा कोई बाध्यकारी प्रभाव नहीं है।
पैकेट पर क्या लिखा है?
आईटीसी के मुताबिक, आशीर्वाद एमपी चक्की आटा एक सिंगल-इंग्रीडिएंट गेहूं के आटे का उत्पाद है और इसमें घोषित सामग्री होल व्हीट है। इसके पैकेट पर ‘0% मैदा, 100% आटा’ और ‘100% मध्य प्रदेश व्हीट’ लिखा है।
उत्पाद से जुड़े विज्ञापन में भी ‘मेड फ्रॉम 100% एमपी व्हीट ओनली’ का दावा किया गया है। कंपनी का कहना है कि ये दावे उसके उत्पाद की वास्तविक संरचना से जुड़े हैं।
कंपनी को किस नुकसान का डर?
आईटीसी ने कोर्ट को बताया कि सभी लेबल और विज्ञापनों से ‘100%’ वाले दावे तुरंत हटाने के निर्देश का गंभीर व्यावसायिक असर हो सकता है। कंपनी को आशंका है कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उत्पाद को हटाया जा सकता है और बाजार में मौजूद पैकेजिंग व तैयार स्टॉक को वापस लेकर नष्ट तक करना पड़ सकता है।
आईटीसी के अनुसार, इससे उसे बड़ा व्यावसायिक और प्रतिष्ठित नुकसान हो सकता है, जिसकी भरपाई बाद में नोटिस रद्द होने की स्थिति में भी मुश्किल होगी।
फिलहाल दिल्ली हाईकोर्ट की अंतरिम राहत से कंपनी को थोड़ी राहत मिली है। लेकिन असली सवाल 9 सितंबर की सुनवाई में यह होगा कि FSSAI की ‘100%’ संबंधी एडवाइजरी और उसके आधार पर जारी नोटिसों पर आगे क्या रुख अपनाया जाता है।
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सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संदीप मेहता ने भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत को पत्र लिखकर राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एसपी शर्मा के तत्काल तबादले की मांग की है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
