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BJP-कांग्रेस के शक्ति प्रदर्शन से चिंतित AAP, इंडिया गेट पर मोदी तो राजघाट पर राहुल रखेंगे अपनी बात

नगर निगमों के उपचुनाव में जीत से उत्साहित कांग्रेस ने दिल्ली का राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। शनिवार की शाम देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी दिल्ली की सड़कों पर होंगे।

Author नई दिल्ली | May 28, 2016 1:04 AM
आज शाम देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी दिल्ली की सड़कों पर होंगे।

नगर निगमों के उपचुनाव में जीत से उत्साहित कांग्रेस ने दिल्ली का राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। शनिवार की शाम देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी दिल्ली की सड़कों पर होंगे। प्रधानमंत्री तो अपनी सरकार के दो साल पूरे होने के उपलक्ष्य में इंडिया गेट पर आयोजित समारोह में अपने मंत्रिमंडल, पार्टी के सहयोगियों और मशहूर फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन के साथ होंगे। पांच घंटे का यह कार्यक्रम दूरदर्शन करा रहा है। जबकि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी राजघाट से दिल्ली सचिवालय तक बिजली-पानी के मुद्दे पर दिल्ली की आप सरकार और केंद्र की भाजपा सरकार को घेरने के लिए हो रहे मोमबत्ती मार्च की अगुआई करेंगे।

इन दोनों दलों के कार्यक्रम ने आप सरकार की नींद उड़ा दी है। 526 करोड़ का रिकार्ड धन विज्ञापन के लिए आबंटित करने वाले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल केंद्र सरकार दो साल पूरे होने के जश्न वाले विज्ञापनों पर सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस की सक्रियता के बाद आप नेता सालों बाद दिल्ली के बिजली के निजीकरण में भ्रष्टाचार का सवाल उठा रहे हैं। जबकि किसी भी नेता पर अपने वादे के मुताबिक आप की सरकार भ्रष्टाचार के लिए मुकदमा भी नहीं कायम करवा पाई।

आज शाम देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी दिल्ली की सड़कों पर होंगे।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन कहते हैं कि कांग्रेस की 5 निगम सीटों में विजयी होने के कारण आप व भाजपा दोनों सकते में हैं। यह बात आप के नेताओं को ज्यादा पता है कि उनका साम्राज्य कांग्रेस के वोट बैंक पर ही टिका है। इन चुनावों में वही वापस लौटता दिख रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि अल्पसंख्यक मतदाताओं को यह यकीन नहीं हुआ कि कांग्रेस जीत सकती है अन्यथा कांग्रेस का वोट और सीट दोनों ही काफी ज्यादा होते। इतना ही नहीं कांग्रेस के नेता आप को उन्हीं के हथियारों से मारने में लगे हुए हैं।

दिल्ली के कई क्षेत्रों में पानी की कितनी कमी है उसे एक स्टिंग आपरेशन ने उजागर किया गया। बवाना की जेजे कालोनी में रहने वाले गरीब लोगों को बेबस होकर पानी खरीदना पड़ रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र और दिल्ली सरकार की लापरवाही से दिल्ली के बिजली घरों में क्षमता से महज तीस फीसद बिजली का उत्पादन हो रहा है। केंद्र सरकार गैस आधारित बिजली घरों के लिए गैस उपलब्ध नहीं करा रही है और दिल्ली सरकार उसके लिए कोई कोशिश करती नहीं दिख रही है।

22 मई को केजरीवाल ने कहा था कि जिन उपभोक्ताओं को बिजली की पूरी आपूर्ति नहीं मिलेगी उन्हें दिल्ली सरकार उचित मुआवजा देगी। माकन ने कहा कि हम केजरीवाल से पूछना चाहते हैं कि पिछले साल से अब तक दिल्ली सरकार ने कितने उपभोक्ताओं को कितना-कितना मुआवजा दिया है जिन्हें बिजली की पूरी आपूर्ति न मिलने के कारण परेशानियों को झेलना पड़ा। आज तक उसकी अधिसूचना ही जारी नहीं हुई है।

पानी संकट पर तो दिल्ली सरकार पहले ही दिन से राजनीति कर रही है। दिल्ली को ज्यादातर पानी पश्चिमी यमुना नहर और मुनक नहर के माध्यम से मिलता है। अभी व्यवस्था न हो पाने के कारण दिल्ली को उसके हिस्से का पूरा पानी नहीं मिल पा रहा है। सतलज-यमुना लिंक नहर (एसवाईएल) बनने से दिल्ली को ज्यादा पानी मिलने लगेगा। इसलिए चाहे जो राजनीति हो लेकिन दिल्ली के हित में यहां की पार्टियां एसवाईएल के हक में रही हैं। अरविंद केजरीवाल ने पंजाब में चुनाव लड़ने की तैयारी के लिए नहर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर दिल्ली में पानी के संकट को और बढ़ा दिया है।

प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष चतर सिंह ने दावा किया कि कांग्रेस के मोमबत्ती मार्च में रिकार्ड संख्या होगी। उसी समय इंडिया गेट पर सरकारी जश्न होनेवाला है। देश के कई विधानसभा चुनावों में पराजित कांग्रेस दिल्ली में पार्टी की वापसी पर पूरी ताकत लगाकर पुराने दिन लौटाने में लगी है।

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