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डॉ. कलाम की याद में ”ज्ञान केंद्र” बनाएगी AAP सराकर

दिल्ली सरकार ने कहा है कि आप सरकार पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की स्मृति में राष्ट्रीय राजधानी में ‘ज्ञान केंद्र’ की स्थापना करेगी।

Author नई दिल्ली | November 25, 2015 12:55 AM

दिल्ली सरकार ने कहा है कि आप सरकार पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की स्मृति में राष्ट्रीय राजधानी में ‘ज्ञान केंद्र’ की स्थापना करेगी। कलाम के बड़े भाई एपीजे एम मरईकयर ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से शहर में ‘कलाम राष्ट्रीय ज्ञान तलाश केंद्र’ की स्थापना करने की अपील की थी जिसके बाद सरकार ने यह फैसला किया। पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली सरकार ने डॉ कलाम की विरासत, किताबों और चीजों को नई दिल्ली लाने का फैसला किया है।

उन्होंने कहा, ‘परिवार के अनुरोध के मुताबिक दिल्ली सरकार डॉ कलाम की किताबों और दिल्ली स्थित उनके घर 10, राजाजी मार्ग से भेजे गए सामानों को वापस लाने के लिए तैयार है। मंत्री ने साथ ही कहा कि इसकी शुरुआत आइएनए स्थित दिल्ली हाट में कलाम की स्मृतियों और विरासत की एक रचनात्मक प्रस्तुति के साथ एक प्रदर्शनी से होगी।

उन्होंने यहां कहा, हम राष्ट्रीय राजधानी में एपीजे अब्दुल कलाम की स्मृति में ‘ज्ञान केंद्र’ का निर्माण करेंगे। ज्ञान केंद्र के विकास में थोड़ा समय लगेगा और हमने फैसला किया है कि इस बीच कलाम की स्मृतियां और विरासत की एक रचनात्मक प्रस्तुति के साथ आइएनए स्थित दिल्ली हाट में उनके सभी सामानों की प्रदर्शनी की जाएगी। मिश्रा ने कहा कि सरकार की एक टीम जल्द ही रामेश्वरम में कलाम के परिवार से मिलेगी और पूर्व राष्ट्रपति से जुड़े ब्योरे जमा करेगी।

इस बीच रामेश्वरम (तमिलनाडु) से मिली खबर के अनुसार, कलाम के एक भतीजे के भाजपा से इस्तीफा देने के एक दिन बाद दिवंगत राष्ट्रपति के भाई के पोते एपीजे एमजे शेख सलीम ने मंगलवार को कहा कि वे भगवा पार्टी के एक वफादार कार्यकर्ता हैं।

सलीम ने कहा कि मीडिया के एक वर्ग ने उन्हें ‘गलत’ उद्धृत करके कहा कि उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने एक बयान में कहा, मैं भाजपा का एक वफादार कार्यकर्ता हूं। सलीम ने कहा, मैंने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालयों को सूचित कर दिया है कि (इस्तीफे संबंधी) समाचार में उनका गलत हवाला दिया गया है। उन्होंने कहा, मैं दो महीने पहले भाजपा में शामिल हुआ था और मैं बिना किसी प्रचार के अपना काम कर रहा हूं।

सलीम इस वर्ष 28 सितंबर को भाजपा में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि भाजपा के ‘मेक इन इंडिया’ जैसे विकासात्मक कार्यक्रमों ने पार्टी में शामिल होने के उनके निर्णय को प्रभावित किया। डॉ कलाम के भतीजे एपीजे सैयद हजा इब्राहिम ने सोमवार को पार्टी की तमिलनाडु इकाई की अल्पसंख्यक शाखा के उपाध्यक्ष पद और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। वे वर्ष 2012 में भाजपा में शामिल हुए थे। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के बंगले को ज्ञान केंद्र में परिवर्तित करने में मोदी सरकार की ‘विफलता’ से आहत होकर ऐसा किया था।

दिल्ली में दस राजाजी मार्ग बंगले में कलाम जुलाई में अपने निधन से पहले तक रह रहे थे । इसे केंद्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा को आबंटित किया गया है और इस कदम की विभिन्न पक्षों द्वारा आलोचना की गई है। दिल्ली में सत्तारूढ़ आप ने भी सरकार के इस फैसले की आलोचना की थी।
इब्राहिम ने कहा था , ज्ञान केंद्र स्थापित करना न केवल पूर्व राष्ट्रपति की बल्कि पूरे राष्ट्र की इच्छा थी। मैं अपने पद से इस्तीफा दे रहा हूं क्योंकि बार-बार की अपील के बावजूद इस केंद्र की स्थापना नहीं की गई। मैं भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे रहा हूं। इस बीच सलीम ने मीडिया से अपील की कि कलाम के परिवार के संबंध में किसी भी मामले को पहले स्पष्ट करें जिसमें उनके निकट परिजन शामिल हैं।

उन्होंने कहा, हम इस समय अपनी ऊर्जा को बिना किसी हो-हल्ले के डॉ एपीजे अब्दुल कलाम इंटरनेशनल फाउंडेशन का निर्माण करने पर केंद्रित कर रहे हैं ताकि पूर्व राष्ट्रपति के विचारों को आगे ले जाया जा सके। उन्होंने कहा, डॉ कलाम हमेशा हर प्रकार के विवाद से दूर रहे और हम उनके पदचिह्नों पर चलना चाहते हैं।

 

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