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आप का भाजपा पर हमला, पूछा: विज्ञापन के लिए धन कहां से आया?

आम आदमी पार्टी ने नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियों का बखान करते हुए विभिन्न समाचारपत्रों में पहले पन्ने पर छपे विज्ञापन को लेकर बीजेपी की कड़ी आलोचना की और होने वाले विधानसभा चुनाव में यह कहते हुए ‘आप’ को वोट दिए जाने की अपील की कि इस प्रकार का विज्ञापन आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन […]

Author February 7, 2015 08:06 am
उपलब्धियों का बखान करते बीजेपी के विज्ञापन पर ‘आप’ का हमला

आम आदमी पार्टी ने नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियों का बखान करते हुए विभिन्न समाचारपत्रों में पहले पन्ने पर छपे विज्ञापन को लेकर बीजेपी की कड़ी आलोचना की और होने वाले विधानसभा चुनाव में यह कहते हुए ‘आप’ को वोट दिए जाने की अपील की कि इस प्रकार का विज्ञापन आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है।

‘आप’ नेता आशुतोष ने संवाददताओं से कहा, आज दिल्लीवासियों ने देखा है कि बीजेपी ने पहले पन्ने पर विज्ञापन दिया है। मेरी राय में यह स्पष्ट तौर पर निर्वाचन आयोग के निर्देशों और आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है।

उन्होंने कहा, मेरा सवाल यह है कि यदि प्रचार प्रक्रिया समाप्त होने के बाद टेलीविजन पर इस प्रकार के विज्ञापनों की अनुमति नहीं है, तो उन्हें समाचारपत्रों में क्यों अनुमति दी गई। कानून बदलना चाहिए। यदि बड़े समाचारपत्र इस प्रकार के विज्ञापन जारी करते हैं, तो निश्चित रूप से लोगों के दिमाग पर इसका असर पड़ेगा।


आशुतोष ने ट्विटर पर यह मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि ऐसे विज्ञापनों के लिए बीजेपी के पास धन कहां से आया। उन्होंने कहा, हर समाचारपत्र में पहले पन्ने पर विज्ञापन देने के लिए बीजेपी के पास पैसा कहां से आया। ये विज्ञापन सबसे ज्यादा महंगे होते हैं।

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा, दिल्ली में हर समाचारपत्र में बीजेपी का पहले पन्ने पर विज्ञापन छपा है। धन कहां से आया? ‘आप’ की लड़ाई धन बल के खिलाफ है।

इन आरोपों का जवाब देते हुए बीजेपी प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा ने कहा, आप का यह दावा किया कि विज्ञापन चुनाव संहिता का उल्लंघन है, तो मैं समझता हूं कि यह उनका अज्ञान है। या तो उन्हें कानूनों की जानकारी नहीं है या आदर्श आचार संहिता की या फिर वे खबरों में बने रहने के लिए इस प्रकार के बयान दे रहे हैं।

उन्होंने कहा, विज्ञापन बीजेपी के सकारात्मक एजेंडे के बारे में बात करता है, जिसके बारे में पार्टी जनता को बताना चाहती है। इसमें किसी प्रकार का उल्लंघन नहीं है। इस प्रकार के विज्ञापन मतदान के दिन तक दिए जा सकते हैं।

 

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