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किसान ने SHO पर हमला किया है तो विधायकी छोड़ दूंगा, आप नेता सौरभ भारद्वाज बोले- वीडियो जारी करे दिल्ली पुलिस

उन्होंने कहा कि पुलिस ने भाजपा के गुंडो को जानबूझ कर संरक्षण दिया। आगे सौरभ ने कहा कि वीडियो में यह नजर नहीं आया कि किसानों ने कब तलवार निकाली और SHO को मारी।

आप नेता सौरभ भारद्वाज (फोटो – PTI)

पिछले दिनों दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर किसान आंदोलन में कथित भाजपा कार्यकर्ताओं और किसानों के बीच हुई हिंसा को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। इसी बीच आम आदमी पार्टी के नेता और विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा है कि अगर किसानों ने SHO पर हमला किया है तो मैं विधायकी छोड़ दूंगा। साथ ही सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली पुलिस से मांग की है कि वह इस हिंसा का वीडियो जारी करे। 

आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कांफ्रेस कर कहा कि दिल्ली पुलिस अलीपुर SHO पर तलवार से हुए हमले का वीडियो जारी करे। अगर यह साबित हो जाता है कि किसानों ने हमला किया है तो मैं विधायकी छोड़ दूंगा। साथ ही उन्होंने कहा कि पुलिस ने भाजपा के गुंडो को जानबूझ कर संरक्षण दिया। आगे सौरभ ने कहा कि वीडियो में यह नजर नहीं आया कि किसानों ने कब तलवार निकाली और SHO को मारी।

इसके अलावा सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सरकार ने बॉर्डर और आसपास के इलाकों के इंटरनेट जानबूझ कर बंद किए ताकि लोगों तक सच्चाई ना पहुँच सके। सौरभ ने आगे कहा कि बीजेपी किसानों को देश का दुश्मन बताने पर तुली हुई है। कुछ तथाकथित लोग स्थानीय बन कर सिंघु बॉर्डर पर पत्थरबाजी करने पहुँच जाते हैं। पुलिस जानबूझ कर मूकदर्शक बनी रहती है और भाजपा कार्यकर्ताओं को यह सब करने देती है।

हालाँकि दिल्ली पुलिस को गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा से संबंधित करीब 1,700 वीडियो क्लिप और सीसीटीवी फुटेज प्राप्त हुए हैं। संयुक्त पुलिस आयुक्त बी. के. सिंह ने शनिवार को जानकारी देते हुए कहा कि पुलिस इस सामग्री का विश्लेषण करने और दोषियों की पहचान करने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ले रही है। 

बी. के. सिंह ने यह भी कहा कि लालकिले और आईटीओ पर हुई हिंसा से जुड़े नौ मामलों की जांच के लिए अपराध शाखा मोबाइल फोन कॉल के ‘डंप डेटा’ और ट्रैक्टरों की पंजीकरण संख्या की भी जांच कर रही है। सिंह ने कहा कि नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी की एक टीम को हिंसा से संबंधित वीडियो क्लिप और सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण करने के लिए बुलाया गया है। 26 जनवरी को हुई हिंसा में करीब  394 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे और एक प्रदर्शनकारी की मौत भी हो गई थी।

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