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आप नेता एच एस फुलका बोले- राष्ट्रपति चुनाव में मीरा कुमार को नहीं देंगे वोट, बताई ये वजह

एचएस फुलका सुप्रीम कोर्ट में सीनियर एडवोकेट हैं। उन्होंने हाल ही में पंजाब विधान सभा में नेता विपक्ष का पद इसलिए छोड़ दिया था।
पंजाब के डाखा से विधायक फुलका ने साफ किया है कि अगर वो मीरा कुमार को वोट देंगे तो इससे साफ संदेश जाएगा कि उन्होंने 1984 के सिख दंगा मामले में कांग्रेस को क्लिनचीट दे दी है।

सोमवार (17 जुलाई) को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) विधायक और सीनियर एडवोकेट एच एस फुलका ने यूपीए उम्मीदवार मीरा कुमार को वोट नहीं देने का एलान किया है, जबकि उनकी पार्टी ने मीरा को समर्थन देने का एलान किया है। पंजाब के डाखा से विधायक फुलका ने साफ किया है कि अगर वो मीरा कुमार को वोट देंगे तो इससे साफ संदेश जाएगा कि उन्होंने 1984 के सिख दंगा मामले में कांग्रेस को क्लिनचीट दे दी है। उनका कहना है कि कांग्रेस आज भी उस दंगे के आरोपियों जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार जैसे लोगों को पद पर बैठाए हुई है। फुलका पिछले 34 साल से सिख विरोधी दंगा मामले को अदालत में देखते रहे हैं।

फुलका ने कहा, “मैं 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़ा हुआ हूं। अगर मैंने कांग्रेस को वोट किया तो लोग सोचेंगे कि हमने कांग्रेस को इन दंगों के लिए माफ कर दिया है। इसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है, इसलिए मैं कांग्रेस के किसी भी उम्मीदवार को वोट नहीं दूंगा।” हालांकि, फुलका ने कहा, “मैं व्यक्तिगत तौर पर मीरा कुमार जी का काफी सम्मान करता हूं। वो जगजीवन राम की बेटी हैं। मैं उन्हें कांग्रेस या कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार के तौर पर वोट नहीं दे सकता क्योंकि कांग्रेस आज भी सिख विरोधी दंगों के आरोपी जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार को पार्टी में पद पर बैठाए हुई है और मैं इनके खिलाफ लंबे समय से इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ रहा हूं।”

एचएस फुलका सुप्रीम कोर्ट में सीनियर एडवोकेट हैं। उन्होंने हाल ही में पंजाब विधान सभा में नेता विपक्ष का पद इसलिए छोड़ दिया था क्योंकि इस पद पर रहते हुए वो सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामले की पैरवी अदालत में नहीं कर सकते थे। जब उनसे यह पूछा गया कि क्या आप मीरा कुमार को वोट नहीं देने के फैसले से पार्टी के फैसले का विरोध नहीं कर रहे हैं तो उन्होंने कहा कि वो पार्टी के फैसले का विरोध नहीं कर सकते हैं और ना ही मीरा कुमार को वोट कर सकते हैं। इसलिए वो राष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा ही नहीं लेंगे।

बता दें कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए 17 जुलाई को वोटिंग होगी और 20 जुलाई को नतीजे आएंगे। मौजूदा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 24 जुलाई को खत्म हो रहा है। नव निर्वाचित राष्ट्रपति 25 जुलाई को पदभार संभालेंगे।

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