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रामदास का दावा: बतौर लोकपाल मेरा कार्यकाल ‘2016’ तक था

आम आदमी पार्टी द्वारा नए लोकपाल को नियुक्त करने के कुछ ही दिन बाद पूर्व नौसेना प्रमुख रामदास ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि इस पद पर उनका कार्यकाल नवंबर 2016 में समाप्त होना था। 2004 में शांति के लिए रेमन मैगसेसे पुरस्कार प्राप्त करने वाले रामदास ने कहा कि वे […]

आम आदमी पार्टी द्वारा नए लोकपाल को नियुक्त करने के कुछ ही दिन बाद पूर्व नौसेना प्रमुख रामदास ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि इस पद पर उनका कार्यकाल नवंबर 2016 में समाप्त होना था। 2004 में शांति के लिए रेमन मैगसेसे पुरस्कार प्राप्त करने वाले रामदास ने कहा कि वे आप के निर्णय से स्तब्ध और हैरान हैं।

उन्होंने सवाल किया कि अगर उनका कार्यकाल पहले ही समाप्त हो गया था, जैसा कि पार्टी दावा कर रही है, तब दिल्ली में विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें क्यों पार्टी के आतंरिक लोकपाल के रूप में काम करने की अनुमति दी गई।

रामदास ने पार्टी महासचिव पंकज गुप्ता को भेजे ईमेल में कहा – अगर कोई ऐसा संकेत दिया जाता कि मेरा कार्यकाल समाप्त हो गया है, तब मैं वह सब कार्य नहीं देखता जिसे अब अवैध करार दिया जा सकता है। उन्होंने इस संदर्भ में विभिन्न शिकायतों की जांच का जिक्र किया। जिसमें आरविंद केजरीवाल और राष्ट्रीय कार्यकारणी के अन्य सदस्यों की जांच-परख का काम भी शामिल है।
रामदास ने कहा कि पार्टी ने उन्हें बर्खास्त करने से चार दिन पहले तक उनसे विचार-विमर्श किया और कुछ तक सवाल भेजे। उन्होंने कहा – आपको यह भी याद होगा कि जनवरी 2015 में आपने पार्टी के राष्ट्रीय सचिव के तौर पर मेरे पास जांच के लिए 12 विधानसभा उम्मीदवारों से जुड़ी शिकायतें भेजी थीं।

मैंने इन उम्मीदवारों के बारे में रिपोर्ट समय पर आपके और अन्य संबंधित लोगों के समक्ष पेश की ताकि वे 21 जनवरी 2015 तक नामांकन पत्र दाखिल कर सकें। उन्होंने कहा कि इस दौरान मिली शिकायतों पर उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर मनीष सिसोदिया, आशीष खेतान, आनंद कुमार, गोपाल राय के साथ ही राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव और अरविंद केजरीवाल की जांच की थी।

रामदास ने अपनी ओर से शिकायतों की जांच की वैधानिकता पर भी सवाल उठाए जो लोकसभा चुनाव के दौरान मार्च और अप्रैल 2014 में उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कुछ उम्मीदवारों से संबंधित थे।

उन्होंने अपने ईमेल संवाद में कहा कि पार्टी के विधान के अनुसार लोकपाल के रूप में मेरा कार्यकाल जारी है और यह नवंबर 2013 से तीन वर्ष के लिए वैध है। रामदास ने कहा कि अगर पार्टी की ओर से ऐसा कोई संकेत दिया जाता कि ऐसा नहीं है और मेरा कार्यकाल समाप्त हो गया है, तब मैं वह कार्य नहीं करता जिसे अब अवैध करार दिया जा सकता है।

इस बारे में संपर्क किए जाने पर रामदास ने इस बात की पुष्टि की कि उन्होंने गुप्ता को लिखा है, लेकिन इसका ब्यौरा नहीं दिया। पूर्व नौसेना प्रमुख ने कहा – हां, मैंने पार्टी सचिव पंकज गुप्ता को ईमेल भेजा है। लेकिन यह संवाद पूरी तरह से मेरे और पार्टी के बीच है।

उल्लेखनीय है कि रामदास और इलिना सेन को रविवार को पार्टी के लोकपाल के पद से बर्खास्त कर दिया गया था और सेवानिवृत्त आइपीएस अधिकारी एन दिलीप कुमार के नेतृत्व वाले पैनल ने इनका स्थान लिया।

 

 

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