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पाक सिंगर गुलाम अली को केजरीवाल का न्यौता, कहाः संगीत की नहीं होती सरहदें

अरविंद केजरीवाल सरकार ने आज पाकिस्तानी गायक गुलाम अली को राष्ट्रीय राजधानी में प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि संगीत की कोई सरहद नहीं होती...

Author नई दिल्ली | October 8, 2015 2:29 PM
पाकिस्तान के गजल गायक गुलाम अली।

अरविंद केजरीवाल सरकार ने आज पाकिस्तानी गायक गुलाम अली को राष्ट्रीय राजधानी में प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि संगीत की कोई सरहद नहीं होती। शिवसेना के विरोध के कारण मुंबई में उनका कंसर्ट रद्द कर दिया गया था।

दिल्ली के संस्कति मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि पाकिस्तानी गायक का स्वागत है। वह दिल्ली आकर प्रस्तुति दें। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, दुखद है कि गुलाम अली को मुंबई में अनुमति नहीं मिली। मैं उन्हें दिल्ली आने और कंसर्ट करने का आमंत्रण देता हूं। संगीत की कोई सीमा नहीं होती।
घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया जताते हुए अली ने कहा कि उनकी तरफ से कंसर्ट रद्द नहीं किया गया। उन्होंने कहा हालात ऐसे नहीं हैं कि मैं प्रस्तुति दूं। साथ ही कहा कि वह चाहते हैं कि भारत-पाक संबंध बेहतर हो।

उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि जब भी उनके प्रशंसक उन्हें प्यार से याद करते हैं, वह जाते हैं और कार्यक्रम पेश करते हैं। अली ने कहा, इस तरह के विवाद से लोगों के सुर खराब होते हैं। मैं गुस्सा नहीं हूं , मुझे चोट पहुंची है। प्यार में ऐसी चीजें नहीं होती। जगजीत सिंह को अपना अच्छा भाई बताते हुए अली ने कहा कि जहां भी उन दोनों की मुलाकात हुई और उन्होंने कार्यक्रम पेश किया हम एक थे।

पाकिस्तानी गायक गुलाम अली का कार्यक्रम रद्द होने के बाद ये मुद्दा सोशल मीडिया की सुर्खियों में है। बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने ट्विटर पर लिखा,” ओ माई गॉड…शिवसेना की धमकी के बाद पाकिस्तानी गायक गुलाम अली का कार्यक्रम रद्द हो गया। भारत हिंदू सऊदी अरब बनता जा रहा है?”

उन्होंने आगे लिखा,”गुलाम अली कोई जेहादी नहीं हैं, वो एक गायक हैं। कृप्या जेहादी और गायक के बीच के फर्क को समझने की कोशिश करें।” शिवसेना की धमकी के बाद महाराष्ट्र में पाकिस्तानी गजल गायक उस्ताद गुलाम अली का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है।

शिवसेना की फिल्म शाखा, चित्रपट सेना के महासचिव आदेश बांदेकर ने कहा, “कार्यक्रम होंगे लेकिन इसमें गुलाम अली भाग नहीं लेंगे। इस बारे में निर्णय कार्यक्रम के आयोजकों और शिव सेना नेता उद्धव ठाकरे की बीच हुई बातचीत के बाद लिया गया।”

इससे पहले शिवसेना ने मुंबई और पुणे में होने वाले गुलाम अली के कार्यक्रम में बाधा डालने की धमकी दी थी। बांदेकर ने कहा, “हम पाकिस्तान की कला और पाकिस्तानी कलाकारों की इज्जत करते हैं।

लेकिन, हम पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह के सांस्कृतिक संबंध के खिलाफ हैं क्योंकि यह देश सीमा पर लगातार हमारे नागरिकों और सैनिकों पर हमले कर रहा है।”

उन्होंने कहा कि शिवसेना सिर्फ मुंबई या पुणे ही नहीं, देश में कहीं भी गुलाम अली का कार्यक्रम नहीं होने देगी। इससे पहले शिवसेना पाकिस्तानी क्रिकेट टीम और पाकिस्तानी गायक आतिफ असलम का विरोध कर चुकी है।

पार्टी ने मंगलवार को अपने मुखपत्र सामना में केंद्र सरकार से आग्रह किया था कि वह भारतीय फौजियों और नागरिकों पर पाकिस्तानी हमले का जवाब देने का हौसला दिखाए।

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