लोकपाल को लेकर कांग्रेस ने केजरीवाल सरकार पर हल्ला बोला

दिल्ली में लोकपाल बनाने की मांग को लेकर दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय माकन के नेतृत्व में 14 जिला कांग्रेस कमेटियों के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में रविवार को धरना दिया।

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आंदोलन : माकन (एक्सप्रेस फोटो)

दिल्ली में लोकपाल बनाने की मांग को लेकर दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय माकन के नेतृत्व में 14 जिला कांग्रेस कमेटियों के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में रविवार को धरना दिया। इस मौके पर माकन ने चेतावनी दी कि अगर अगले 15 दिनों में दिल्ली में लोकपाल का गठन नहीं हुआ तो दिल्ली प्रदेश कांग्रेस हरेक विधानसभा और वार्ड में धरने देगी और प्रदर्शन करेगी।

धरने में भाग लेने वाले कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लिए हुए तोमर, मनोज तो झांकी है, 27 विधायक बाकी हैं, लोकपाल लाओ, भ्रष्टाचार मिटाओ जैसे नारे लगा रहे थे। माकन और अखिल भारतीय कांग्रेस दिल्ली प्रभारी पीसी चाको, सचिव कुलजीत सिंह नागरा ने सभी जिलों में आयोजित धरने को संबोधित किया और पूर्व विधायक, निगम पार्षद, जिला एवं ब्लाक अध्यक्ष के अलावा काफी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।

माकन ने कार्यकर्ताओं से कहा कि इस लड़ाई को अंत तक जारी रखेंगे जब तक आम आदमी पार्टी सरकार दिल्ली में लोकपाल को कायम नहीं करती। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकने का झूठा वादा करके अरविंद केजरीवाल दिल्ली में पहली बार में ही कांग्रेस की मदद से सरकार बनाने में कामयाब हो गए, लेकिन मात्र 49 दिन के बाद ही उन्होंने यह बहाना बनाकर त्याग पत्र दे दिया कि उन्हें लोकपाल नहीं बनाने दिया जा रहा है। लेकिन अब अरविंद केजरीवाल को पूर्ण बहुमत के साथ बनी उनकी सरकार को आगामी 14 अगस्त को छह महीने हो जाएंगे लेकिन अभी तक लोकपाल का कोई अता-पता नहीं है और जिस लोकपाल को लेकर यूपीए सरकार ने संसद में एक कानून भी पास कर दिया था, जिस पर अण्णा हजारे की मोहर भी लग चुकी है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि दिल्ली में नवंबर 2013 से लोकायुक्त की नियुक्ति भी नहीं हुई है। आम आदमी पार्टी हजारे के आंदोलन के कारण वजूद में आई, क्योंकि हजारे के साथ अरविंद केजरीवाल भी लोकपाल की मांग को लेकर रामलीला मैदान में बैठे थे। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो दिल्ली में सफाई कर्मचारियों को वेतन नही दिया जा रहा है, न ही उनको नियमित किया जा रहा है और पूर्वी दिल्ली के 506 शिक्षक जो सर्व शिक्षा अभियान के तहत नियुक्त किए गए थे उनकी नौकरी भी छीन ली गई है। वृद्धों, विधवाओं और विकलांगों को पेंशन देने के लिए पैसा नहीं है जबकि ये गरीब लोग इस पेंशन से अपनी दवाइयां और छोटी-छोटी जरूरतें पूरा कर लेते थे।

पीडब्लूडी के पास सड़कों की मरम्मत के लिए पैसा नहीं है। दिल्ली में पानी की किल्लत हो रही है क्योंकि दिल्ली जल बोर्ड के बजट में 650 करोड़ की कटौती कर दी गई है। अनधिकृत कालोनियों में कोई भी निविदा नए काम के लिए जारी नहीं हुई है और न ही झुग्गी वालों के लिए एक भी मकान बना है।

दिल्ली में विकास रुक गया है अधिकारी किसी भी फाइल पर फैसले नहीं ले रहे है लेकिन केजरीवाल ने अपनी नाकामियों को छिपाने और अपनी पीठ थपथपाने के लिए दिल्ली के करदाताओं के द्वारा दिए गए खून -पसीने की कमाई में से 526 करोड़ रुपए प्रचार व प्रसार के लिए बजट द्वारा आबंटित कराया है और करोड़ों रुपए के विज्ञापन अखबारों और टीवी चैनलों पर प्रकाशित व प्रसारित किए जा रहे हैं। माकन ने कहा कि इन 526 करोड़ रुपयों से गरीब लोगों के लिए 10 हजार मकान बनाए जा सकते थे, दिल्लीवासियों की सुविधा के लिए एक हजार डीटीसी की नई बसें दिल्ली चलाई सकती है। दिल्ली की सड़कों की मरम्मत हो सकती है।

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