आम आदमी पार्टी (AAP) ने 2025-26 में 12.09 करोड़ रुपये का चंदा घोषित किया है। यह 2024-25 में मिले 38.10 करोड़ रुपये के मुकाबले करीब 68 फीसदी कम है। 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ पार्टी अब अपने विधायकों और सांसदों से भी आर्थिक मदद लेने की तैयारी कर रही है। हालांकि 2023-24 में पार्टी को 11.06 करोड़ रुपये का चंदा मिला था।

द इंडियन एक्सप्रेस को मिली जानकारी के मुताबिक, AAP के कई विधायक और सांसद 2017 से अपनी सैलरी में से हर महीने 10000 रुपये पार्टी को दे रहे हैं। इसी साल पार्टी ने पंजाब में अपना विस्तार शुरू किया था।

पार्टी के एक नेता ने बताया, ”2017 में पार्टी कार्यालय चलाने के लिए एक व्यवस्था की गई थी और तब से हम पैसे दे रहे हैं। हाल में पार्टी की तरफ से मैसेज भेजे गए कि उसे फंड की जरूरत है। अब यह व्यवस्था क्या है, इसकी हमें जानकारी नहीं है। कई विधायक और सांसद पहले से ही अपनी सैलरी से पैसे दे रहे हैं, ऐसे में वे कितना और दे सकते हैं?”

AAP को पंजाब से मिलने वाले बड़े चंदे में भी कमी आई है। पार्टी के पूर्व राज्यसभा सांसद राजिंदर गुप्ता अप्रैल में BJP में शामिल हो गए थे। वह पार्टी के बड़े योगदानकर्ताओं में शामिल थे।

चुनाव आयोग को दी गई पार्टी की चंदे की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025-26 में गुप्ता की कंपनी ट्राइडेंट लिमिटेड ने AAP को 5 करोड़ रुपये दिए। यह चेक 9 जनवरी 2026 का था। उस समय गुप्ता ‘आप’ में ही थे। उन्हें अक्टूबर 2025 में AAP के टिकट पर राज्यसभा के लिए चुना गया था। ट्राइडेंट का चंदा पार्टी को मिले कुल घोषित चंदे का 41 फीसदी से ज्यादा था।

AAP के एक अन्य नेता ने कहा कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए पार्टी को पैसों की जरूरत होगी। उन्होंने कहा, ”पैसे के स्रोत कम होते जा रहे हैं। हमारा बड़ा फंड देने वाला सांसद अब हमारे साथ नहीं है। अब हमारे पास कोई नहीं है।”

AAP की चंदे की सूची में पार्टी नेताओं के योगदान की जानकारी भी है।

पंजाब AAP अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने 2025-26 में 12 किस्तों में 10-10 हजार रुपये दिए। इस तरह उन्होंने कुल 1.20 लाख रुपये का योगदान दिया। AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 10-10 हजार रुपये के तीन योगदान किए। वहीं दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने 12 किस्तों में 3500-3500 रुपये देकर कुल 42000 रुपये का योगदान किया।

पिछले साल की चंदे की सूची में गुरमीत सिंह नाम से भी कई बार 10000 रुपये के योगदान दर्ज हैं। इनका संबंध संगरूर के सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर से बताया गया है।

AAP को मिलने वाले चंदे में बड़ी गिरावट ऐसे समय आई है जब इससे एक साल पहले पार्टी के योगदान में काफी बढ़ोतरी हुई थी। 2023-24 में पार्टी को 11.06 करोड़ रुपये मिले थे। यह रकम 2024-25 में बढ़कर 38.10 करोड़ रुपये हो गई थी। इसके बाद 2025-26 में यह घटकर करीब 12.10 करोड़ रुपये रह गई।

2024-25 में प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट AAP का सबसे बड़ा दानदाता था। उसने पार्टी को 16.40 करोड़ रुपये दिए थे।

AAP के पंजाब अध्यक्ष अमन अरोड़ा और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई। लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।