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PM डिग्री विवाद पर AAP ने लगाया आरोप, DU ने जिन नरेंद्र मोदी को डिग्री दी वे प्रधानमंत्री नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बीए डिग्री से जुड़े विवाद को एक नया मोड़ देते हुए आम आदमी पार्टी (आप) ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि मोदी के नाम से मिलते-जुलते नाम वाले किसी शख्स की डिग्री को प्रधानमंत्री की डिग्री के तौर पर पेश किया जा रहा है।

रेंद्र मोदी की बीए डिग्री से जुड़े विवाद को एक नया मोड़ देते हुए आम आदमी पार्टी का आरोप

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बीए डिग्री से जुड़े विवाद को एक नया मोड़ देते हुए आम आदमी पार्टी (आप) ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि मोदी के नाम से मिलते-जुलते नाम वाले किसी शख्स की डिग्री को प्रधानमंत्री की डिग्री के तौर पर पेश किया जा रहा है। इसके बारे में आप के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह धोखाधड़ी करने जैसा है।

इस बीच, केजरीवाल के आरोपों पर भाजपा के वरिष्ठ नेता व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ निराधार आरोप लगाकर केजरीवाल अपने पद की गरिमा गिरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगस्तावेस्टलैंड मामले से ध्यान भटकाने के लिए यह सब किया जा रहा है जिसमें कांग्रेस शामिल है। केजरीवाल ने एक पत्रकार सम्मेलन में कहा कि वे पूरी जिम्मेदारी के साथ कह सकते हैं कि दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के रिकॉर्ड में ‘नरेंद्र दामोदरदास मोदी’ का कोई जिक्र नहीं है और ‘नरेंद्र कुमार महावीर प्रसाद मोदी’ नाम के एक शख्स ने 1975 में दाखिला लिया था। मोदी की डिग्री को सार्वजनिक करने की मांग करते रहे केजरीवाल ने कहा कि मुद्दा यह नहीं है कि प्रधानमंत्री 10वीं पास हैं या 12वीं पास, मुद्दा यह है कि उन्होंने फर्जी प्रमाणपत्रों की जानकारी दी है और देश के लोगों से धोखाधड़ी की है।

केजरीवाल ने कहा, ‘आपको प्रधानमंत्री बनने के लिए किसी डिग्री की जरूरत नहीं होती। जरूरी नहीं है कि प्रतिभा औपचारिक शिक्षा का ही उत्पाद हो। कम औपचारिक शिक्षा प्राप्त व्यक्ति भी बहुत प्रतिभावान हो सकता है, जैसे अण्णा हजारे का उदाहरण लें’। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘पहले उन्होंने देश के सामने झूठ बोला, फिर उन्होंने अपने हलफनामे में झूठ बोला और अब डिग्री फर्जी निकल रही है। यह धोखाधड़ी का मामला है। यदि प्रधानमंत्री जैसे किसी व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप हैं तो यह गंभीर मामला है’।

केजरीवाल ने दावा किया कि आप कार्यकर्ताओं ने डीयू के सभी विभागों में ‘खोजबीन’’की, यहां तक कि स्कूल आॅफ ओपन लर्निंग में भी गए, लेकिन न तो मोदी का पंजीकरण फॉर्म मिला और न उनकी डिग्री मिली। केजरीवाल ने कहा, ‘मैंने पूरी जिम्मेदारी के साथ कहना शुरू किया है कि डीयू के पास उनके रिकॉर्ड नहीं हैं। हमें एक मोदी के बारे में पता चला जिन्होंने 1975 में दाखिला लिया था और जो अलवर के रहने वाले हैं, उनकी जन्म तिथि 1958 है जबकि हमारे प्रधानमंत्री की जन्म तिथि 1950 है’। आप नेता आशुतोष और संजय सिंह ने दिल्ली विश्वविद्यालय में एक आरटीआइ अर्जी दाखिल कर मोदी के आवेदन फॉर्म की प्रति, मोदी की लिखावट में पंजीकरण फॉर्म की प्रति, संबंधित रजिस्टर की प्रति, प्रत्येक वर्ष की मार्कशीट की प्रति, 1979 की दीक्षांत सूची की प्रति और दीक्षांत के दौरान घोषणा सूची की प्रति मांगी है।

एक अलग पत्रकार सम्मेलन में आप नेता आशीष खेतान ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी प्रधानमंत्री की शैक्षणिक योग्यता निगरानी के दायरे में आई है। खेतान ने कहा कि मोदी के खिलाफ ठीक उसी तरह कार्रवाई की जानी चाहिए, जैसे आप के पूर्व मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर के खिलाफ की गई थी। तोमर दिल्ली के कानून मंत्री थे जिन्हें फर्जी डिग्री के आरोप में बर्खास्त किया गया था और उनकी गिरफ्तारी भी हुई थी।

आप नेता ने कहा, ‘पुलिस को उन्हें दिल्ली विश्वविद्यालय ले जाना चाहिए और वह हॉल दिखाने को कहना चाहिए जिसमें वे परीक्षा के लिए बैठे थे। कानून के सामने सब बराबर है। उन्हें ऐसी ही प्रक्रिया का पालन करना चाहिए जैसी तोमर के मामले में अपनाई गई थी’।
इस बीच, भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘कांग्रेस का समर्थन करने वाली पार्टियां और नेता प्रधानमंत्री की शैक्षणिक योग्यता के बारे में निराधार आरोप लगा रहे हैं ताकि उसे राहत पहुंचा सके। यह इत्तेफाक है कि जब अगस्तावेस्टलैंड मुद्दे पर इतनी गंभीर बहस चल रही है, तो वे ध्यान भटकाने के लिए ये सब कर रहे हैं’।

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