आम आदमी पार्टी (AAP) के पंजाब सह-प्रभारी और दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी ने पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। जैन को मंगलवार को दिल्ली में करोड़ों रुपये के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) टेंडर घोटाले से जुड़े मामले में एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने पांच अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया।

आम आदमी पार्टी (आप) ने गिरफ्तारी के समय को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए इसे पंजाब चुनाव की तैयारियों को प्रभावित करने की कोशिश बताया है।

पंजाब चुनाव में क्यों अहम हैं सत्येंद्र जैन?

सत्येंद्र जैन को मार्च 2025 में प का पंजाब सह-प्रभारी नियुक्त किया गया था। पार्टी के संगठन और चुनावी रणनीति में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जैन प की दिल्ली सरकार के तीनों कार्यकाल में मंत्री रह चुके हैं और पार्टी ने उन्हें दिल्ली के बाहर भी कई राज्यों की जिम्मेदारियां सौंपी थीं।

इससे पहले उन्होंने हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में आप के चुनाव अभियान की कमान संभाली थी। हालांकि, उस चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन बेहद खराब रहा और उसने जिन 67 सीटों पर चुनाव लड़ा था, उन सभी पर जमानत गंवा दी थी।

2022 की गिरफ्तारी से जोड़ रही AAP

आप का कहना है कि हिमाचल प्रदेश चुनाव से कुछ महीने पहले मई 2022 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जैन की गिरफ्तारी से पार्टी का संगठनात्मक अभियान प्रभावित हुआ था। जैन को अक्टूबर 2024 में जमानत मिली थी। अब पंजाब चुनाव से पहले उनकी दोबारा गिरफ्तारी को पार्टी इसी घटनाक्रम से जोड़कर देख रही है।

आप के लिए पंजाब बेहद महत्वपूर्ण राज्य है। वर्ष 2022 में पार्टी ने पहली बार दिल्ली के बाहर किसी राज्य में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई थी। पिछले साल दिल्ली की सत्ता गंवाने के बाद पंजाब में सत्ता बरकरार रखना पार्टी के लिए और भी महत्वपूर्ण हो गया है।

चुनाव की वजह से हुई गिरफ्तारी’, जैन का दावा

बुधवार को दिल्ली की अदालत में पेशी के लिए ले जाए जाते समय सत्येंद्र जैन ने पत्रकारों से कहा कि उनकी गिरफ्तारी पंजाब चुनाव की वजह से की गई है। उन्होंने दावा किया कि यह कार्रवाई राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है।

केजरीवाल ने BJP पर साधा निशाना

आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जैन को एक बार फिर बीजेपी के इशारे पर गिरफ्तार किया गया है। केजरीवाल ने पिछली कार्रवाई को भी कथित रूप से फर्जी बताते हुए कहा कि मौजूदा मामला भी गलत साबित होगा।

संजय सिंह ने बताया ‘BJP की नीति’

आप सांसद संजय सिंह ने चुनाव से पहले पार्टी नेताओं की गिरफ्तारियों को बीजेपी की नीति करार दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन और उन्हें गिरफ्तार किया गया था। उनके मुताबिक, इसका उद्देश्य चुनाव को प्रभावित करना था और अब पंजाब में भी उसी तरह की रणनीति अपनाई जा रही है।

भगवंत मान ने भी BJP पर बोला हमला

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी जैन की गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाए। चंडीगढ़ में बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव वाले राज्यों में बीजेपी आप नेताओं को गिरफ्तार कर जेल भेजने का तरीका अपनाती है।

मान ने कहा कि किसी व्यक्ति के दोषी या निर्दोष होने का फैसला अदालत को करना है। उन्होंने दिल्ली में केजरीवाल और संजय सिंह की गिरफ्तारी का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह वे बाद में जेल से बाहर आए, उसी तरह सत्येंद्र जैन के मामले में भी सच आखिरकार सामने आ जाएगा।

किस मामले में गिरफ्तार हुए सत्येंद्र जैन?

सत्येंद्र जैन की मौजूदा गिरफ्तारी वर्ष 2022 के उस मामले से जुड़ी है, जब वह दिल्ली के जल मंत्री थे। यह मामला दिल्ली के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों के अपग्रेडेशन से जुड़े टेंडर में कथित अनियमितताओं की शिकायत से सामने आया था।

निगरानी निदेशालय की शिकायत में टेंडर की शर्तों में कथित हेरफेर, गंभीर अनियमितताओं और आपराधिक साजिश जैसे आरोप लगाए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इसी मामले में ACB ने जैन समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है।

सत्येंद्र जैन के खिलाफ अलग-अलग एजेंसियों की ओर से कई अन्य मामले भी दर्ज हैं। इनमें 2022 में उनकी गिरफ्तारी का कारण बना प्रवर्तन निदेशालय का कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामला भी शामिल है।

गिरफ्तारी के समय पर क्यों उठ रहे सवाल?

पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव आप के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं। पार्टी दिल्ली में सत्ता गंवाने के बाद अब पंजाब को अपने सबसे बड़े राजनीतिक आधार के रूप में देख रही है। ऐसे में चुनावी तैयारियों के बीच पंजाब के सह-प्रभारी सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी ने राजनीतिक विवाद को और तेज कर दिया है।

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भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष कुंवर बासित अली ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति के संकेत दिए हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।