आप हमेशा शक से देखते थे इस सरकार को, अब क्या कहेंगे?- राकेश टिकैत से पूछने लगीं एंकर; देखें- क्या आया जवाब

टीवी चैनल पर बातचीत के दौरान जब राकेश टिकैत से यह पूछा गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने तीनों कानून वापस लेने का फैसला किया है। आपको इस फैसले पर कितना भरोसा है। तो इसके जवाब में राकेश टिकैत ने कहा कि उन्होंने एक साल बाद शुरुआत तो की है। अगर शुरुआत की है तो इसके सार्थक परिणाम निकलने चाहिए।

किसान नेता राकेश टिकैत ने साफ़ कहा है कि जब कृषि कानूनों को संसद में रद्द किया जाएगा तभी आंदोलन वापस होगा। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी ने तीनों कृषि कानून को वापस लेने का ऐलान किया और प्रदर्शनकारी किसानों से वापस अपने घर लौटने को कहा। इसी मुद्दे पर चर्चा के दौरान जब टीवी चैनल आजतक की एंकर अंजना ओम कश्यप ने किसान नेता राकेश टिकैत से सवाल पूछा कि आप हमेशा से इस सरकार को शक से देखते थे अब क्या कहेंगे। इसपर टिकैत ने जवाब देते हुए कहा कि पहले आप लागू तो करवा दो।

कृषि कानून निरस्त होने के ऐलान के बाद समाचार चैनल आजतक से बात करने के दौरान जब एंकर अंजना ओम कश्यप ने किसान नेता राकेश टिकैत से सवाल पूछा कि आप हमेशा से इस सरकार को शक से देखते थे…आप कहते थे कि बीजेपी को वोट नहीं दो…हम यूपी में बीजेपी के खिलाफ प्रचार करेंगे। इसके जवाब में राकेश टिकैत ने कहा कि पहले आप लागू तो करवा दो। अभी कागज़ मिल गया क्या? कागज़ मिल जाने दो, इसको वापसी हो जाने दो।

इस दौरान जब राकेश टिकैत से यह पूछा गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने तीनों कानून वापस लेने का फैसला किया है। आपको इस फैसले पर कितना भरोसा है। इसके जवाब में राकेश टिकैत ने कहा कि उन्होंने एक साल बाद शुरुआत तो की है। अगर शुरुआत की है तो इसके सार्थक परिणाम निकलने चाहिए। कम से कम एक प्रयास होगा तो सारे समाधान होंगे। साथ ही उनसे जब यह सवाल किया गया कि आंदोलन कब ख़त्म होगा तो उन्होंने कहा कि सरकार बैठकर बातचीत कर ले और इसको फाइनल टच दे।

बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा कृषि कानून रद्द करने का ऐलान किए जाने के बाद राकेश टिकैत ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आंदोलन तत्काल वापस नहीं होगा। राकेश टिकैत ने अपने ट्वीट में लिखा कि आंदोलन तत्काल वापस नहीं होगा, हम उस दिन का इंतजार करेंगे जब कृषि कानूनों को संसद में रद्द किया जाएगा। सरकार MSP के साथ-साथ किसानों के दूसरे मुद्दों पर भी बातचीत करे।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को गुरुपर्व के मौके पर देशवासियों को संबोधित करते हुए तीनों कृषि कानून को निरस्त करने और एमएसपी एवं दूसरे अन्य मुद्दों पर कमेटी बनाने का फैसला किया। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को कहा कि वह देश के किसानों को तीनों कृषि कानून को ठीक से नहीं समझा पाए। इसलिए वो तीनों कृषि कानूनों को वापस लेंगे और आने वाले संसद सत्र में इसको संवैधानिक तरीके से वापस ले लिया जाएगा। 

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